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तीन किमी सड़क को पक्की बनवाने के लिए लोग वर्षों से कर रहे मांग, सरकारी बसें हुई बंद

सायों का खेड़ा से कालिंजर तक तीन किलोमीटर की सड़क को पक्की बनवाने के लिए ग्रामीण कई वर्षों से मांग कर रहे है। लेकिन...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:05 AM IST

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    सायों का खेड़ा से कालिंजर तक तीन किलोमीटर की सड़क को पक्की बनवाने के लिए ग्रामीण कई वर्षों से मांग कर रहे है। लेकिन उनकी यह मांग अब तक पूरी नहीं हुई। बताया कि सायों का खेड़ा से कालिंजर की मात्र तीन किलोमीटर की सड़क को पक्की बनवाने के लिए ग्रामीणों ने लिखित और मोखिक तौर पर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को समस्या बताई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। विधानसभा चुनावों में भी कई बार जनप्रतिनिधियों को बताया, लेकिन वो कहते हैं हमें वोट देना सड़क को पक्की बनवा देंगे। जनप्रतिनिधियों के ये वादे भी झूठे ही साबित हो रहे है। मार्ग पर रोडवेज बस का संचालन भी होता था, लेकिन पथरीली और उबड़ खाबड़ सड़क होने से बसें भी कुछ ही दिनों में खटारा हो जाती हैं। इससे अब इस रुट पर बसों का संचालन भी बंद हो गया। तीन किलोमीटर की सड़क से एक दर्जन से भी अधिक गांवों का जुड़ाव है। इसमें मादरेचों का गुड़ा, उदाजी की भागल, कक्खाजी की भागल, नोहरा, कालिंजर, धूणी की भागल, डामरिया, भीलों का खेत, सुथारों की भागल, वोला सहित दर्जनभर गांवों का संपर्क इस मार्ग से है।

    रोडवेज बस भी बंद : इस मार्ग पर पहले रोडवेज बस का संचालन होता था, जो सायो का खेड़ा से कालिंजर होते हुए कोयल, गजपुर, बड़गांव से केलवाड़ा जाती थी। इससे इस मार्ग से जुड़े गांवों के लोगों को आने-जाने की सुविधा मिल जाती थी। लेकिन कच्ची सड़क होने से बसें भी खटारा होकर खराब हो गई। इस कारण बसों का संचालन भी बंद हो गया। अब ग्रामीणों को पैदल चलकर ही कोयल या सांयो का खेड़ा जाना पड़ता है। इससे मरीजों को भी परेशान होना पड़ता है।

    टैक्सी वाले लेते हैं मनमाना किराया : इन गांवों में बसें लोगों के बीमार परिजनों को अस्पताल ले जाना पड़े तो कोई भी टैक्सी वाला इस मार्ग से आने से मना कर देते हैं। अगर आते हैं तो मनमाना किराया लेते है।

    सायों का खेड़ा से कालिंजर सहित एक दर्जन गांवों को जोड़ने वाली कच्ची सड़क।

    लोग बोले-विभाग नहीं दे रहा ध्यान

    पिछले कई सालों से सड़क को पक्की बनवाने की मांग कर रहे है, लेकिन जनप्रतिनिधियों और अधिकारी हमारी परेशानी को समझ नहीं रहे है। आवागमन में परेशानी होती है। किशनलाल गुर्जर, ग्रामीण

    हमारे बीमार परिजनों को अस्पताल ले जाना हो तो टैक्सी वाले भी कच्ची सड़क पर आने से मना कर देते हैं अगर आते भी हैं तो मनमाना किराया लेते है। रोड़ीलाल गुर्जर, ग्रामीण

    मैं रोज कालिंजर से सांयो का खेड़ा मार्ग से जाता हूं। लेकिन सड़क कच्ची और उबड़ खाबड़ होने से कई बार मेरी बाइक खराब हो गई। सड़क पक्की बन जाए तो सुविधा होगी। लालाराम गुर्जर, वाहन चालक

    तीन किलोमीटर की यह सड़क पक्की नहीं बनने से इस मार्ग पर अब बसों का संचालन भी बंद हो गया। अब शहर जाना हो तो सांयो का खेड़ा या कोयल तक पैदल जाना पड़ता है। प्रेमलाल, ग्रामीण

    स्थानीय सरपंच और ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों को यह समस्या बताई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा। अब तक सड़क का काम शुरू नहीं हो पाया है। शंकरलाल गुर्जर, पूर्व सरपंच कालिंजर

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