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चार सौ साल में पहली बार खमनोर पधारेंगे लक्ष्मीनारायण प्रभु

बड़ा भाणुजा में विराजित भगवान लक्ष्मीनारायण चार सौ साल के इतिहास में शुक्रवार को पहली बार खमनोर पधारेंगे। 44 श्रेणी...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 05:05 AM IST
बड़ा भाणुजा में विराजित भगवान लक्ष्मीनारायण चार सौ साल के इतिहास में शुक्रवार को पहली बार खमनोर पधारेंगे। 44 श्रेणी पालीवाल समाज के आराध्य प्रभु लक्ष्मीनारायण भगवान और 24 श्रेणी पालीवाल समाज के आराध्य चारभुजानाथ से ऐतिहासिक मिलन के हजारों श्रद्धालु साक्षी बनेंगे। दो दिवसीय महाकुंभ में दोनों श्रेणियों के पालीवाल समाज के उत्कर्ष पर मंथन करेंगे। युवा ब्रह्मशक्ति मेवाड़ संगठन की ओर से शोभायात्रा निकाली जाएगी। इतने बड़े आयोजन को लेकर खमनोर और बड़ा भाणुजा गांव में निवासरत पालीवाल समाज जन तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे है। 44 श्रेणी पालीवाल समाज के लोग बड़ा भाणुजा से शाही लवाजमे के साथ प्रभु लक्ष्मीनारायण के विग्रह स्वरूप को लेकर दोपहर दो बजे खमनोर आएंगे। दो घंटे विश्राम के बाद युवा ब्रह्मशक्ति मेवाड़ की ओर से शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में हाथी, ऊंट-घोड़े, बैंड-बाजों के धूम-धड़ाके के बीच श्रद्धालु दोनों प्रभु स्वरूपों की चांदी की पालकियां लिए चलेंगे। शोभायात्रा में पुष्प वर्षा भी की जाएगी। समापन पर शाम पांच बजे अतिथि भगवान लक्ष्मीनारायण और चारभुजानाथ को पांडाल में एक साथ विराजित किया जाएगा। इसके बाद दोनों ठाकुरजी को छप्पन भोग धराया जाएगा। महाप्रसादी होगी। रात्रि जागरण में भजन संध्या होगी। शनिवार को सुबह सवा आठ बजे चारभुजानाथ मंदिर की नव ध्वजारोहण की रस्म लाभार्थी इंदौर निवासी राकेश जोशी परिवार की ओर से निभाई जाएगी।

24-44 श्रेणी पालीवाल समाज का महासम्मेलन आज और कल : दोनों ठाकुरजी के मिलन देखने को आतुर हैं श्रद्धालु

44 श्रेणी पालीवाल बड़े भाई, 24 के माने जाते हैं छोटे, सदियों पुराने हैं ठाकुरजी के मंदिर

समाज के इतिहास के अनुसार 24 श्रेणी पालीवाल समाज के लोग छोटे भाई और 44 श्रेणी के बड़े भाई के माने जाते है। 24 श्रेणी के आराध्य प्रभु चारभुजानाथ का खमनोर में और 44 श्रेणी के आराध्य लक्ष्मीनारायण भगवान के बड़ा भाणुजा में सदियों पुराने मंदिर हैं। खमनोर में चारभुजानाथ मंदिर का हाल ही के वर्षों में जीर्णोद्धार हुआ है, जबकि लक्ष्मीनारायण भगवान के मंदिर को नए स्वरूप देने की योजना जल्दी ही मूर्त रूप लेगी।

1984 और 2015 में बड़ा भाणुजा विहार कर चुके हैं चारभुजानाथ : बड़ा भाणुजा से लक्ष्मीनारायण प्रभु पहली बार पधार रहे हैं, जबकि चारभुजानाथ दो बार बड़ा भाणुजा विहार कर चुके हैं। 1984 में 44 श्रेणी पालीवाल समाज के न्यौते पर खमनोर से 24 श्रेणी पालीवाल समाजजन अपने आराध्य चारभुजानाथ को लेकर बड़ा भाणुजा पधारे थे। इसके 31 साल बाद दोबारा 2 मई 2015 को चारभुजानाथ ने बड़ा भाणुजा विहार किया था।