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नौकरी में नहीं लिया कभी अवकाश, नहीं मिला कोई नोटिस

पुलिस विभाग में 25 साल से ज्यादा बतौर कांस्टेबल, हैड कांस्टेबल और सब इंस्पेक्टर बेदाग, बिना अनुपस्थिति और कई मामलों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:05 AM IST

नौकरी में नहीं लिया कभी अवकाश, नहीं मिला कोई नोटिस
पुलिस विभाग में 25 साल से ज्यादा बतौर कांस्टेबल, हैड कांस्टेबल और सब इंस्पेक्टर बेदाग, बिना अनुपस्थिति और कई मामलों के खुलासे करने वाले पांच कर्मचारियों को सोमवार को राजस्थान पुलिस दिवस पर पुलिस लाइन में हुए कार्यक्रम में सर्वोत्तम सेवा चिह्न से सम्मानित किया गया। ये पांच पुलिसकर्मी उदयपुर जिले की तीन हजार की नफरी में से पुलिस हैड क्वार्टर ने चुने हैं। इसमें से किसी ने हिंदुस्तान जिंक में लग रही नौकरी छोड़ी है तो किसी ने बड़ी वारदातों के खुलासे किए हैं। काम के तरीका पूछने पर लगभग सबने सही जवाब दिया कि ट्रेनिंग के दौरान दी गई सीख, निष्ठा और लगन की बदौलत सेवा चिह्न मिला है।

इधर गृहमंत्री बोले

पुलिस के प्रयासों से प्रदेश में घटा क्राइम - कटारिया

गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बयान में कहा कि आईपीसी की धाराओं के तहत आने वाले अपराधों में पिछले तीन वर्ष से लगातार कमी आई है। यह गृह विभाग के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के प्रयासों का नतीजा है। तीन साल में प्रदेश में 21 प्रतिशत अपराध कम हुए हैं। महिलाओं के प्रति अपराधों में भी 21 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति से जुड़े अपराधों में 40 से 44 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। नई भर्तियों से राज्य में पुलिस बल में खासी बढ़ोतरी होगी।

एसपी गोयल ने परेड की सलामी लेकर किया हैड क्वार्टर से चुने गए जवानों का सम्मान

ये हैं वे जवान, जिन्होंने अपनी नौकरी के दौरान किया औरों से कुछ अलग हट कर काम, इसलिए मिला सम्मान

जिंक की नौकरी छोड़ विभाग में आए, वीवीआईपी की पायलटिंग की

कांस्टेबल (ड्राइवर) खुमाणा सिंह ने वर्ष 1988 में राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी प्रतियोगिता में भाग लिया था, जिसमें टीम विजयी रही। स्पोर्ट्स कोटे से हिंदुस्तान जिंक में नौकरी लग रही थी, लेकिन उन्होंने नियुक्ति नहीं ली और पुलिस विभाग में बतौर कांस्टेबल ज्वाइन किया। खुमाण सिंह अभी वीवीआईपी की पायलट गाड़ी में तैनात हैं। वह मुख्यमंत्री, डीआईजी, आईजी सहित कई देशों में प्रधानमंत्रियों और उच्चाधिकारियों की भी पायलटिंग कर चुके हैं।

31 साल में एक भी गैरहाजिरी नहीं, वृद्ध के मर्डर का खुलासा यादगार

खेरवाड़ा के पूर्व थानाधिकारी सब इंस्पेक्टर रतन सिंह ने 31 साल की पुलिस विभाग में नौकरी के दौरान एक भी अनुपस्थिति नहीं हाेने दी। उन्होंने कहा कि कई मर्डर के खुलासे किए, जिनमें उच्चाधिकारियों से तारीफ मिली लेकिन एक मामला यादगार रहा। खेरवाड़ा के बायड़ी गांव में एक वृद्ध की हत्या हो गई थी। परिजन कार्रवाई की मांग को लेकर तीन दिन तक थाने के बाहर शव लेकर बैठे रहे। इस मामले का तुरंत खुलासा कर दो लोगों को गिरफ्तार किया।

दो साल पुराने अनट्रेस मर्डर सहित 24 घंटों में खोली वारदातें

सेवानिवृत्त एसआई मांगीलाल ने बताया कि परसाद में बतौर थानाधिकारी स्थानांतरण हुआ था। वहां पिछले दो साल से दो मर्डर केस अनट्रेस थे, जिनका थाने में पहुंचने के कुछ ही दिन बाद खुलासा कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा भी कई केस थे, जिनका 24 से 48 घंटों में खुलासा किया। थाना क्षेत्र में यथासंभव शांति व्यवस्था बनाए रखी, लेकिन जब कभी कोई वारदात होती, तो उसके खुलासे की उत्सुकता बनी रहती थी।

दो सम्मान पहले ही मिल चुके, 25 साल में एक भी नोटिस नहीं

मानव तस्करी यूनिट में हैड कांस्टेबल प्रेम सिंह की पुलिस विभाग में 25 साल की नौकरी हो गई लेकिन विभाग से एक भी नोटिस नहीं मिला है, साथ ही अनुपस्थिति भी नहीं रही। साथ ही नौ साल में उत्तम और 18 साल की नौकरी में अति उत्तम पुरस्कार मिला। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग में जो सिखाया उसी के अनुसार काम किया। ड्यूटी काे गंभीरता से लिया। घर-परिवार के हर हालात में काम को प्राथमिकता दी।

काम में अफसरों से कदमताल, लगन ने दिलाया इनको सम्मान

फलासिया थाने में तैनात कांस्टेबल खातू राम ने बताया कि कई मामलाें में अफसरों के साथ कदम से कदम मिलाकर काम किया। उसी का नतीजा है कि आज यह सम्मान मिला है। विभाग में 35 साल हो गए, लेकिन एक भी शिकायत नहीं गई है। कई मामले एेसे भी हुए कि भीड़ बेकाबू हो गई, लेकिन अफसरों के साथ डट कर खड़े रहे। आदिवासी बहुल इलाके में वैसे भी भीड़ को संयम में रखना चुनौती भरा होता है।

ऐसे मिलते हैं सेवा चिह्न

नौ साल में उत्तम, 18 में अति उत्तम और 25 साल की नौकरी पर सर्वोत्तम सेवा चिह्न मिलते हैं। यह भी ध्यान रखा जाता है कि चयनित कर्मचारी बेदाग हो। उस न कभी नोटिस मिला हो, न ही अनुपस्थिति रही हो।

तीन कंपनियों ने की परेड, कई कार्यक्रम हुए

समारोह के दौरान सुबह 7.15 बजे पुलिस की तीन कंपनियों ने परेड की। एसपी गोयल ने सलामी ली। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को सेवा चिह्न देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही विभाग की तरफ से पुलिस दिवस की चार दिन की आयोजन शृंखला पूरी हुई। बता दें कि आयोजन के पहले दो दिन कार्यालयों और पुलिस लाइन में सफाई कार्यक्रम हुआ था, जबकि पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ था।

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Web Title: नौकरी में नहीं लिया कभी अवकाश, नहीं मिला कोई नोटिस
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