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सुविवि के प्रो. विजय श्रीमाली एमडीएस विवि अजमेर के कुलपति बनेंगे

सीएमओ से मुहर लगने के बाद सुखाडिय़ा यूनिवर्सिटी उदयपुर में कॉमर्स कॉलेज के व्यवसाय प्रबंधन विभागाध्यक्ष प्रो....

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 06:25 AM IST

सीएमओ से मुहर लगने के बाद सुखाडिय़ा यूनिवर्सिटी उदयपुर में कॉमर्स कॉलेज के व्यवसाय प्रबंधन विभागाध्यक्ष प्रो. विजय श्रीमाली को महर्षि दयानंद सरस्वती (एमडीएस) यूनिवर्सिटी अजमेर का नया कुलपति बनाया जाएगा। श्रीमाली ने कहा कि इस संबंध उनके पास सीएमओ से फोन आ गया है। इससे पहले उदयपुर निवासी प्रो. कैलाश सोडानी एमडीएस के कुलपति बने थे, जिन्हें जुलाई 2017 में गोविंद गुरु जनजाति विवि बांसवाड़ा का कुलपति बना दिया गया था। अब करीब साढ़े नौ माह बाद एमडीएस को स्थाई कुलपति मिला है। बता दें कि अजमेर में उपचुनाव के चलते यूनिवर्सिटी के कुलपति का चयन लम्बित था। पिछले दिनों राज्यपाल कल्याण सिंह बीमार हो गए थे, जिनके स्वस्थ होने के बाद अब राजभवन ने कुलपति के के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। भास्कर ने 12 मार्च को ‘सुखाडिय़ा विवि के प्रो. विजय श्रीमाली होंगे एमडीएस विवि अजमेर के नए कुलपति’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर सबसे पहले बता दिया था कि प्रो. श्रीमाली ही एमडीएस विवि अजमेर के नए कुलपति होंगे। विजय श्रीमाली यूआईटी चेयरमैन रविन्द्र श्रीमाली के भाई हैं।

भास्कर ने 12 मार्च को प्रकाशित खबरों में सबसे पहले बता दिया था कि श्रीमाली ही बनेंगे एमडीएस के कुलपति

आर्ट्स कॉलेज की डीन सहित 5 दावेदार मैदान में थे

सर्च कमेटी ने पांच प्रोफेसर के नाम फाइनल किए थे। इनमें प्रो. श्रीमाली के अलावा आर्ट्स कॉलेज की डीन प्रो. साधना कोठारी, राजस्थान यूनिवर्सिटी के प्रो. आरवी सिंह, दीनदयाल यूनिवर्सिटी गोरखपुर के प्रो. ईश्वर सरन, इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी दिल्ली के प्रो. आरके मित्तल दावेदार थे। प्रो. ईश्वर सरन, प्रो. आरके मित्तल को शिक्षा विभाग में बड़े पद मिल जाने से इस दौड़ में तीन दावेदार रह गए थे।

आरएसएस से जुड़े होने से श्रीमाली की आखिर तक मजबूत रही दावेदारी

जानकार बताते हैं कि प्रो. श्रीमाली के आरएसएस से जुड़े होने की वजह से संघ ने इनकी मजबूती से पैरवी की। बता दें कि श्रीमाली संभाग के कई विवि में भी कुलपति की दौड़ में आगे माने जा रहे थे।

जस्टिस कुलश्रेष्ठ एंड कम्पनी की सर्च कमेटी में यह थे

एमडीएस की चार सदस्यीय सर्च कमेटी के चेयरमैन रिटायर्ड जज एसएस कुलश्रेष्ठ थे। कमेटी में यूजीसी के नाॅमिनी जोधपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. आरपी सिंह, कमेटी में बोर्ड के नॉमिनी सीकर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. बीएल शर्मा वहीं सरकार के नॉमिनी बीकानेर एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. बीआर छीपा थे।

विवादों में रहने वाले श्रीमाली बोले : मेरा रुख तो जैसा है वैसा ही रहेगा

Q. कुलपति बनने के बाद आपकी प्राथमिकता क्या रहेगीω?

A. पहली प्राथमिकता तो विवि के सभी रिज़ल्ट तुरंत घोषित कराने की है ताकि छात्रों के समय की बर्बादी न हो।

Q. वहां ऐसे क्या व्यवस्था करेंगे कि प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में सुविवि जैसी गड़बडिय़ां न होंω?

A. अजमेर विवि में लंबे समय से प्रोफेसर्स के पद खाली हैं, जिन्हें तुरंत भरेंगे। ताकि फैकल्टी का दायरा बढ़ाया गुणवत्ता युक्त शिक्षा दी जा सके। रही बात गड़बडिय़ों की तो एक-एक नियम को ध्यान में रखकर ही भर्ती की जाएगी।

Q. कड़क व्यवहार-बोलचाल के कारण आप हमेशा विवादों में घिरे रहते हैं, यहां कई विवादों में आपका नाम रहा है, वहां कैसे सामंजस्य बैठाएंगेω?

A. रुख तो जैसा है वैसा ही रहेगा।

विभिन्न पदों पर रहे हैं प्रो. श्रीमाली

विद्यार्थी परिषद विभाग संगठन मंत्री : 1979-82 तक।

15 बार सुविवि के प्रबंधन मंडल प्रतिनिधि : 1994- अभी तक।

लॉ कॉलेज डीन : 2006-2009 तक।

सुविवि चीफ प्रॉक्टर : 2010-2012 तक।

कॉमर्स कॉलेज डीन : सितंबर 2012- सितंबर 15 तक।

कॉमर्स कॉलेज के व्यवसाय प्रबंधन विभागाध्यक्ष : अगस्त 2015 से अभी तक।

सुविवि क्रीड़ा मंडल अध्यक्ष : जनवरी 2018 से अभी तक।

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