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राज. साहित्य अकादमी ने मांगी पुरस्कारों के लिए प्रविष्टियां

राजस्थान साहित्य अकादमी ने वर्ष 2018-19 में अकादमी के पुरस्कारों व सहयोग योजनाओं के लिए प्रदेश के लेखकों से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 06:25 AM IST

राजस्थान साहित्य अकादमी ने वर्ष 2018-19 में अकादमी के पुरस्कारों व सहयोग योजनाओं के लिए प्रदेश के लेखकों से प्रविष्टियां मांगी हैं।

अकादमी अध्यक्ष डॉ. इंदुशेखर तत्पुरुष ने बताया कि सर्वोच्च ‘मीरा पुरस्कार’ के लिए गद्य/पद्य विधा की मौलिक, सृजनात्मक दिशा परक कृतियों के आधार पर चयन होगा। ‘सुधींद्र पुरस्कार’ (काव्य विधा), ‘रांगेय राघव पुरस्कार’(कथा, उपन्यास विधा), ‘देवीलाल सामर पुरस्कार’ (नाटक,एकांकी), ‘देवराज उपाध्याय पुरस्कार’ (निबंध, आलोचना पाठ संपादन, साहित्येतिहास), ‘कन्हैयालाल सहल पुरस्कार’(ललित गद्य, रेखाचित्र, संस्मरण, रिपोर्ताज, यात्रा वृत्त, व्यंग्य, आत्मकथा, जीवन चरित्र आदि), ‘शंभूदयाल सक्सेना’ (बाल साहित्य) तथा ‘सुमनेश जोशी’ (प्रथम प्रकाशित कृति) पुरस्कार दिए जाने हैं। इनमें वर्ष 2015, 2016 और 2017 में प्रकाशित पुस्तकों की प्रविष्टियां ही नियमानुसार मान्य होंगी। सभी योजनाओं के लिए प्रविष्टियां भिजवाने की अंतिम तिथि 31 मई है। इस संबंध अधिक जानकारी अकादमी कार्यालय और अकादमी की वेबसाइट www.rsaudr.org से प्राप्त की जा सकती है। पाण्डुलिपि प्रकाशन सहयोग योजना के तहत हिन्दी साहित्य की किसी भी विधा की कम से कम 80 पृष्ठीय पाण्डुलिपि की प्रविष्टि करवाई जा सकती है। पाण्डुलिपि की दो प्रतियां भिजवानी है। ‘बाल साहित्य’ की पाण्डुलिपि 40 पृष्ठों से अधिक होनी चाहिए।

साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं की प्रविष्टियां भी

साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं को सहयोग योजना में हिन्दी भाषा की सृजनशील, आलोचना परक, शोध विषयक पंजीकृत साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं की प्रविष्टियां मांगी हैं। साहित्यकार सक्रिय, संरक्षित सहयोग योजना में सृजनशील और वरिष्ठ साहित्यकारों से सहयोग को आवेदन पत्र आमंत्रित हैं। प्रकाशित ग्रन्थों पर सहयोग योजना में वर्ष 2015 से 2017 में प्रकाशित हिन्दी साहित्य की पुस्तकों की प्रविष्टियां शामिल हैं।

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