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मजदूर दिवस संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर आदिवासी किसानों और मजदूरों ने डाला डेरा

मजदूर दिवस पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले किसान और मजदूरों संगठनों ने मंगलवार को मांगों को...

Danik Bhaskar | May 02, 2018, 06:55 AM IST
मजदूर दिवस पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले किसान और मजदूरों संगठनों ने मंगलवार को मांगों को लेकर संभागीय आयुक्त कार्यालय के सामने बेमियादी महापड़ाव शुरू किया। कहा कि जब तक सरकार से लिखित आश्वासन नहीं मिलता, महापड़ाव नहीं उठेगा। इससे पहले जिले के गांव-कस्बों से पैदल आए किसान और आदिवासी श्रमिक टाउन हॉल पर जुटे। हाथों में तीर-कमान लिए रैली निकाली। रैली देहली गेट, हाथीपोल, चेतक सर्कल होते हुए संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंची। महापड़ाव स्थल पर सभा में किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक धवले, प्रभुलाल भगोरा, रामचन्द्र पारगी, गौतमलाल मीणा, वार्ड पंच जमना बाई, तुलसी बाई, राजेश सिंघवी, बीएल छानवाल ने संबोधित किया। पूर्व विधानसभाध्यक्ष शांतिलाल चपलोत, डॉ. संजय माधव, भाकपा (माले) के राज्य सचिव महेन्द्र चौधरी भी मौजूद थे।

आदिवासियों को उनकी जमीन से खदेड़ने की साजिश : धवले

महाराष्ट्र में हुए किसान महापड़ाव के प्रतिनिधि अशोक धवले ने कहा कि सरकार आदिवासी की जमीन पर भी पीपीपी मॉडल लागू कर आदिवासियों को खदेड़ने का प्रयास कर रही है। हम जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे। संघर्ष इसलिए कर रहे हैं कि आने वाली पीढ़ी किसी की गुलाम बनकर नहीं रहे। महाराष्ट्र में हुए आंदोलन से मुख्यमंत्री को घोषणा करनी पड़ी कि वें आदिवासियों के उनके कब्जे की जमीन देंगे। साथ ही उन्होंने स्वामीनाथन आयोग सिफारिश लागू करने की मांग भी की। उन्होंने कर्ज माफी पर कहा कि पूंजीपतियों की कर्जमाफी और किसानों पर कर्जा होने पर जमीन कुर्की, यह कैसा नियम है। जंगल जमीन जन आंदोलन के संयोजक रमेश नन्दवाना ने बताया कि सभा के बाद संभागीय आयुक्त भवानी सिंह देथा को ज्ञापन दिया। इसमें समुचित वन अधिकार देने, जमीनों पर बने मकानों के पट्टे देने, किसानों के कर्जे माफी की मांग रखी।

उदयपुर। संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर मांगों को लेकर प्रदर्शन करते श्रमिक।

मजदूर दिवस पर स्टेशन मास्टर्स का विरोध प्रदर्शन।

ताल ठाेकी- लिखकर आश्वासन दे सरकार, तभी उठेगा महापड़ाव

स्टेशन मास्टर्स का विरोध दिवस

मजदूर दिवस पर आल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन ने पूरे भारतीय रेलवे में विरोध दिवस मनाया। उत्तर पश्चिम रेलवे के जनरल सेक्रेटरी शरद चन्द्र पुरोहित ने बताया कि सभी मास्टर्स ने मांगें अंकित काली रिबन पहन कर विरोध जताया। मुख्य मांग एमसीपी से जीपी 5400 करने समेत अन्य मांगें थी।

पौधरोपण कर मनाया मजदूर दिवस : मजदूर दिवस पर दी मिशन ऑफ हैप्पीनेस फाउंडेशन कार्यालय पर पौधा रोपण कर मजदूर दिवस मनाया गया । संस्थापक हितेश कुमावत ने कहा कि मजदूर दिवस पर मजदूरों के उत्थान के लिए उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए।

कहीं संगोष्ठी तो कहीं विरोध प्रदर्शन कर मनाया मजदूर दिवस

उदयपुर. मई दिवस के अवसर पर शहर अौर देहात जिला कांग्रेस कमेटी के शिक्षक प्रकोष्ठ की ओर से ‘‘देश निर्माण में मजदूरों के योगदान’’ विषयक संगोष्ठी युनिवर्सिटी रोड़ स्थित अभिलाषा भवन में हुई। संगोष्ठी को मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के शिक्षक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष बाबूलाल जैन ने कहा कि मेहनतकशों की प्रतिबद्धता और समर्पण के बलबूते पर ही देश में विकास के नये आयाम स्थापित हुए जिसकी वजह से अंतरराष्‍ट्रीय स्तर पर भारत देश का नाम रोशन हुआ है।संगोष्ठी में शहर जिला शिक्षक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कैलाश आचार्य और देहात जिला शिक्षक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष महेश कुलासुआ , प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुलशन छाबड़ा, डाॅ. हेमेन्द्र चौधरी, महासचिव दिलीप यादव, हंसमुख कोठारी मौजूद थे।

महाराष्ट्र में हुए धरने का प्रतिनिधित्व करने वाले अशोक धवले से बातचीत

भास्कर : वनाधिकार के तहत जमीन मिलने पर क्या किसानों की स्थिति में सुधार आ जाएगाω।

धवले : किसानों का हक है, कई साल पहले नियम बन चुका है। जमीन के हक की लड़ाई है।

भास्कर : कई किसानों के पास जमीन है तो भी उनकी उपज का मूल्य नहीं मिलता है, उसका क्याω।

धवले : स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने की लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानों को लागत का डेढ़ गुना मूल्य मिले।

भास्कर : ऐसे महापड़ाव और धरने कई बार दिए गए, आश्वासन पर उठ भी गए तो इस महापड़ाव से क्या मिलेगाω

धवले : जो मांगें हैं, वह केन्द्र सरकार के स्तर पर ही मानी जा सकती है। एक जिले में नहीं, पूरे राज्यभर में महापड़ाव चल रहा है। किसानों को सड़कों पर देख सरकार जागेगी।