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जानकारी नहीं होने से जीवनदान देने वाले अंगों को जलाकर राख या कर देते हैं सुपुर्द-ए-खाक

मोहन फाउंडेशन के पी.सी. जैन ने कहा कि जागरूकता के अभाव में प्रदेश सहित देशभर में लाखों लोग अंग न मिलने की वजह से...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 07:05 AM IST

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    मोहन फाउंडेशन के पी.सी. जैन ने कहा कि जागरूकता के अभाव में प्रदेश सहित देशभर में लाखों लोग अंग न मिलने की वजह से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। वहीं कई लोग दम तोड़ रहे हैं। जानकारी नहीं होने से जरूरतमंदों को जीवनदान देने वाले अंगों को जलाकर राख या सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाता है। जैन सोमवार को दैनिक भास्कर और हिंदुस्तान जिंक के साझे में अंगदान महादान अभियान के आगाज पर शोभागपुरा 100 फीट रोड स्थित अशोका पैलेस में हुई सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन जयपुर सिटीजन फोरम ने प्रदेश में अब तक 27 अंगदान कराए हैं, जिनसे 103 लोगों में अंग और उतकों का प्रत्यारोपण कराकर उन्हें नया जीवन दिया है। अरावली हॉस्पिटल के निदेशक और आईएमए के सचिव डॉ. आनंद गुप्ता ने अंगदान की अहमियत बताई। आर.एन. माथुर व रोशन बहादुर ने भी संबोधित किया। इससे पहले पहली सेमिनार सेंट्रल पब्लिक स्कूल, न्यू भोपालपुरा में सुबह 9 बजे हुई। इसमें स्कूली बच्चों को अंगदान के महत्व से रूबरू कराया गया। अंगदान महादान अभियान की शुरुआत उदयपुर में दो सेमिनारों से हुई। जन जागरूकता के लिए भास्कर और हिंदुस्तान जिंक की यह अनूठी पहल देशभर में लाखों लोगों को जीवनदान देकर नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। अभियान प्रदेश के 15 शहरों में चरणबद्ध तरीके से चलता रहेगा। उद्देश्य प्रदेशभर के लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक कर अंगदान करने की ओर प्रेरित करना है ताकि जिंदगियां बचाई जा सकें।

    अंगदान से नया जीवन जीने वालों की सफल कहानी सुनाई

    राजस्थान सिंधी अकादमी अध्यक्ष हरीश राजानी, अरावली के निदेशक डॉ. गुप्ता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव टांक, सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग के निदेशक गिरीश शर्मा आदि ने सेमिनार में अंगदान प्रति पनपती गलत धारणाओं से बचने, मृत व्यक्ति के अंगों के काम करने, ब्रेन डेड आदि के बारे में बताया। अंगदान से नया जीवन जी रहे लोगों की सफल कहानी बताकर भी लोगों को जागरूक किया। ताकि हर साल हजारों जिंदगियों को फिर से नया जीवन दिया जा सका।

    तीन वर्ष से अंगदान के लिए कर रहे जागरूकता

    जैन ने कहा कि प्रदेश में मृतक अंगदान जागरूकता व प्रत्यारोपण के लिए कार्यरत राजस्थान सरकार द्वारा अधिकृत एकमात्र संस्था मोहन फाउंडेशन जयपुर सिटीजन फोरम- नवजीवन पिछले तीन वर्षों से कार्यरत है। संस्था ने 17 वर्ष पूर्व नेत्रदान के लिए आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान की शुरुआत की थी। अभियान के नॉलेज पार्टनर- मोहन फाउंडेशन जयपुर सिटीजन फोरम हैं।

    इन शहरों में भी जागरूकता

    जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, बीकानेर, श्रीगंगानगर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, राजसमंद, चित्तौडगढ़, पाली और सीकर में अवेयरनेस सेमिनार अलग-अलग दिन होंगी।

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Web Title: जानकारी नहीं होने से जीवनदान देने वाले अंगों को जलाकर राख या कर देते हैं सुपुर्द-ए-खाक
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