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फर्जी पुलिस बनकर वृद्धा से जेवर ठगने वाले बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज जारी

जिला स्तरीय औद्योगिक समिति की बैठक 25 जुलाई को शाम 4.30 बजे जिला कलेक्टर बिष्णुचरण मल्लिक की अध्यक्षता में...

Danik Bhaskar

Jul 12, 2018, 07:05 AM IST
जिला स्तरीय औद्योगिक समिति की बैठक 25 जुलाई को शाम 4.30 बजे जिला कलेक्टर बिष्णुचरण मल्लिक की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में होगी। यह जानकारी समिति के सदस्य सचिव और जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक विपुल जानी ने दी।

उदयपुर | नवर| कॉम्प्लेक्स के पास फर्जी पुलिस बनकर आए बदमाशों के वृद्धा से 11 तोले की चार चूड़ियां और चेन ठगने के बाद पुलिस ने मामले की तफ्तीश में संदिग्धों से सीसीटीवी फुटेज जारी किए हैं। पुलिस ने क्षेत्र में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें कुछ संदिग्धों को वृद्धा ने पहचाना है। इस आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी किए हैं।

छह सप्ताह 103 विद्यार्थी करेंगे किसानों से संवाद, सीखेंगे नई तकनीक

छह सप्ताह 103 विद्यार्थी करेंगे किसानों से संवाद, सीखेंगे नई तकनीक

उदयपुर | राजस्थान कृषि महाविद्यालय के बीएससी (कृषि) चतुर्थ वर्ष के 103 विद्यार्थियों को कृषि कार्यानुभव के लिए छह जिलों के कृषि विज्ञान केन्द्र पर भेजने के लिए एमपीयूएटी कुलपति प्रो. उमा शंकर शर्मा ने हरी झंडी बताकर बसों को रवाना किया। डीन प्रो. अरुणाभ जोशी ने बताया कि इस सत्र में 31 छात्राएं और 72 छात्र हैं, जिन्हें बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और राजसमंद के कृषि विज्ञान केन्द्रों पर भेजा गया है। विद्यार्थी छह सप्ताह तक इन जिलों में किसानों से संवाद कर उनके द्वारा अपनाई जा रही कृषि तकनीकी के बारे में ’कार्य करके सीखने’ की पद्धति पर अनुभव प्राप्त करेंगे। कुलपति शर्मा ने कहा कि बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति, विभिन्न फसलों की पारम्परिक और उन्नत खेती, देसी गाय के दूध की महत्ता को देखकर सीखने का अवसर मिलेगा।

उदयपुर | राजस्थान कृषि महाविद्यालय के बीएससी (कृषि) चतुर्थ वर्ष के 103 विद्यार्थियों को कृषि कार्यानुभव के लिए छह जिलों के कृषि विज्ञान केन्द्र पर भेजने के लिए एमपीयूएटी कुलपति प्रो. उमा शंकर शर्मा ने हरी झंडी बताकर बसों को रवाना किया। डीन प्रो. अरुणाभ जोशी ने बताया कि इस सत्र में 31 छात्राएं और 72 छात्र हैं, जिन्हें बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और राजसमंद के कृषि विज्ञान केन्द्रों पर भेजा गया है। विद्यार्थी छह सप्ताह तक इन जिलों में किसानों से संवाद कर उनके द्वारा अपनाई जा रही कृषि तकनीकी के बारे में ’कार्य करके सीखने’ की पद्धति पर अनुभव प्राप्त करेंगे। कुलपति शर्मा ने कहा कि बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति, विभिन्न फसलों की पारम्परिक और उन्नत खेती, देसी गाय के दूध की महत्ता को देखकर सीखने का अवसर मिलेगा।

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