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दाऊदी बोहरा समाज के 1500 परिवारों के लिए हर रोज सजते हैं छह दस्तरखान, 5 हजार से ज्यादा लोग एक साथ करते हैं भोजन

शिया दाऊदी बोहरा समाज ने रमजान के 30 रोजे बुधवार को मुकम्मल किए और गुरुवार को एहतराम के साथ ईद मनाएगा। इस मौके पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 14, 2018, 07:25 AM IST

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    शिया दाऊदी बोहरा समाज ने रमजान के 30 रोजे बुधवार को मुकम्मल किए और गुरुवार को एहतराम के साथ ईद मनाएगा। इस मौके पर ‘दैनिक भास्कर’ ने कारोबार-व्यवसाय से जुड़े इस समाज के बारे में जाना। अनूठी और दिलचस्प बातें सामने आईं। शहर में हर साल करीब 90 मौकों पर सामूहिक नियाज (भोज) का आयोजन करने वाला 1500 से ज्यादा परिवारों वाला शिया दाऊदी बोहरा समाज अपने सदस्यों के घर रोज टिफिन भेजता है। नियाजों में करीब पांच हजार लोग एक साथ भोजन करते हैं और लगभग हर घर में एक वक्त का भोजन छह सामूहिक किचन से जाता है। इतना ही नहीं समाज के मरीजों-तीमारदारों को अस्पतालों में, छात्रों को उनके अस्थायी/स्थायी निवासों और देसी-विदेशी पर्यटकों को उनके बताए स्थानों पर निशुल्क टिफिन भेजने का भी बंदोबस्त है।

    उदयपुर । फतहपुरा स्थित बोहरा समुदाय एक साथ भोजन करते हुए ।

    दोहरे मकसद; पहला- एक जैसा महसूस करे हर तबका, दूसरा- जरूरतमंद को बिना मांगे मिले मदद

    सामूहिक नियाज और टिफिन व्यवस्था के मकसद भी दोहरे हैं। पहला यह कि इससे समाज के उन लोगों में हीन भावना नहीं आती, जो ज्यादा समृद्ध नहीं हैं। दूसरा- जरूरतमंद बच्चों से लेकर बुजुर्ग महिला-पुरुषों को बिन मांगें यह मदद मिल जाए। फतहपुरा स्थित बुरहानी मस्जिद के अनीश भाई एटी बताते हैं कि यहां सामूहिक भोज की परंपरा 18 साल पहले शुरू हुई थी। अब 2500 लोग साल के करीब 90 मौकों पर सामूहिक नियाज में शरीक होते हैं। पांच साल से रोज 600 घरों में टिफिन पहुंचाए जा रहे हैं। इधर, हाथीपोल बाहर अजंता होटल की गली स्थित बुरहानी हॉल में 35 साल से सामूहिक नियाज के आयोजन होते आ रहे हैं। हर बार करीब 5 हजार लोगों का सामूहिक भोज होता है और दो हजार लोगों के लिए टिफिन भेजे जाते हैं। खांजीपीर स्थित लुकमानी मस्जिद पर भी 35 साल पहले सामूहिक नियाज शुरू की थी, जहां से 100 घरों में टिफिन पहुंचता है। यूनुस भाई स्याहीवाला ने बताया कि नीमच खेड़ा सेंटर पर 10 साल पहले 125 लोगों ने सामूहिक भोज की शुरुआत की। अब 800 लोग शामिल होते हैं। 150 टिफिन रोज भेजे जाते हैं। इसके अलावा मल्लातलाई और मोती मगरी स्कीम क्षेत्र में भी किचन संचालित हैं।

    उदयपुर । फतहपुरा स्थित बोहरा समुदाय का खाना बनाते हुए ।

    जो नियाज में न आ पाएं, उनके घर पहुंचाते हैं टिफिन

    समाज के प्रवक्ता डॉ. बी मूमिन बताते हैं कि यह बंदोबस्त उदयपुर ही नहीं, बल्कि देश-प्रदेश के अलावा यूएसए, यूके, जापान और चीन में भी है। रहनुमा 53वें दाई-उल-मुतलक सैयदना डाॅ. मुफद्दल सैफुद्दीन हैं, जो मौसम के मुताबिक खान-पान के लिए भी निर्देशित करते हैं। मसलन- इस बार रमजान में तली हुई चीजें प्रतिबंधित रहीं। सोच यह थी कि दिनभर भूखे-प्यासे रहकर इबादत करने वाले रोजेदारों को सेहत से जुड़ी किसी तरह की तकलीफ न हो। जो नियाज में आ पाने में असमर्थ हों, उनके लिए घर पर टिफिन भेजने की भी व्यवस्था है।

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Web Title: दाऊदी बोहरा समाज के 1500 परिवारों के लिए हर रोज सजते हैं छह दस्तरखान, 5 हजार से ज्यादा लोग एक साथ करते हैं भोजन
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