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राज्य के भीतर भी माल परिवहन पर 20 से ई-वे बिल अनिवार्य, वरना सख्ती

जीएसटी के तहत माल को राज्य में ही एक से दूसरी जगह मोटर व्हीकल से ले जाने पर अब ई-वे बिल अनिवार्य कर दिया गया है। अब तक...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 07:40 AM IST

जीएसटी के तहत माल को राज्य में ही एक से दूसरी जगह मोटर व्हीकल से ले जाने पर अब ई-वे बिल अनिवार्य कर दिया गया है। अब तक एक से दूसरे राज्य के लिए ई-वे बिल अनिवार्य था। आगामी 20 मई से अब प्रदेश में ही कहीं भी माल का परिवहन करना हो ई-वे बिल जरूरी होगा।

इसे लेकर सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल लागू करने वाला राजस्थान 20वां राज्य है। संभागीय संयुक्त आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने बताया कि विभिन्न ट्रेड एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट और उद्यमियों को जानकारी देने के साथ संभाग के सभी कार्यालयों में हेल्पडेस्क गठित की है, जिनसे व्यापारी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। ई-वे बिल जारी नहीं करने, सही सूचना नहीं भरने और इस प्रणाली से संबंधित प्रावधानों की पालना नहीं करने पर व्यापारी का माल परिवहन करने वाले वाहन को डिटेन या सीज़ किया जा सकेगा।

50 किमी के दायरे में ट्रांसपोर्टेशन मुक्त हो : यूसीसीआई

यूसीसीआई ने अंतरराज्य ई-वे बिल प्रणाली के कुछ बिंदुओं पर विरोध जताया है। अध्यक्ष हंसराज चौधरी ने बताया कि स्टेट जीएसटी काउंसिल को प्रतिवेदन भेजकर इस प्रणाली की कुछ विसंगतियों की जानकारी दी है। सुझाव दिया है कि 50 किलोमीटर की परिधि में व्यापारी के अपनी फैक्ट्री या गोदाम से दूसरे गोदाम या परिसर में माल के स्थानांतरण को ई-वेबिल की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाना चाहिए।

ई-वे बिल प्रणाली से संबंधित मुख्य प्रावधान

50000 से अधिक मूल्य के कर योग्य माल (डी-ऑयल केक को छोड़कर) मोटर कृत वाहन से परिवहन करने पर ई-वे बिल जारी किया जाना अनिवार्य है।

वे वस्तुएं जो जीएसटी प्रणाली में समाहित नहीं हुई जैसे- पेट्रोल, डीजल, अल्कोहल आदि पर ई-वे बिल लागू नहीं है।

व्यवसायी के ट्रांसपोर्ट से माल भिजवाने की स्थिति में ट्रांसपोर्टर के व्यवसाय स्थल पर डिलीवरी देने की दूरी 50 किमी से कम होने पर नया ई-वे बिल जारी करना आवश्यक नहीं है।

ई-वे बिल जनरेट करने वाला विक्रेता व्यापारी उसे 24 घंटे के भीतर निरस्त भी कर सकता है। वहीं माल का क्रेता व्यापारी उसे जनरेट होने के 72 घंटे के भीतर निरस्त कर सकता है।

ई-वे बिल जनरेट होने के बाद माल के परिवहन के लिए ई-वे बिल की वैधता 100 किमी प्रतिदिन होगी।

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