Hindi News »Rajasthan »Udaipur» चपलोत जी, सरकारी तंत्र संवेदनहीन होता है, 72 गुर्जर मारे गए अनशन करते छाबड़ा चल बसे, क्या कोई मांग पूरी हुई: मेघवाल

चपलोत जी, सरकारी तंत्र संवेदनहीन होता है, 72 गुर्जर मारे गए अनशन करते छाबड़ा चल बसे, क्या कोई मांग पूरी हुई: मेघवाल

मेवाड़ की जरूरत हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर बुधवार को विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सरकार में मंत्री रहे...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 17, 2018, 07:45 AM IST

  • चपलोत जी, सरकारी तंत्र संवेदनहीन होता है, 72 गुर्जर मारे गए अनशन करते छाबड़ा चल बसे, क्या कोई मांग पूरी हुई: मेघवाल
    +2और स्लाइड देखें
    मेवाड़ की जरूरत हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर बुधवार को विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सरकार में मंत्री रहे वरिष्ठ वकील शांतिलाल चपलोत ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। चपलोत के करीबी विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल उन्हें मनाने के लिए बुधवार को फिर उदयपुर पहुंचे लेकिन चपलोत नहीं माने। मेघवाल ने कहा- सरकारी तंत्र संवेदनहीन हाेता है। गुर्जर आंदोलन में 72 लोग मर गए, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। आज भी यह आंदोलन चल ही रहा है। गुरुशरण छाबड़ा मेरे मित्र थे जिन्होंने शराब बंदी के लिए अनशन शुरू किया। मैंने रोका भी था, लेकिन वे नहीं माने और अनशन के 42वें दिन उनकी मृत्यु हो गई। संवेदनहीन सरकारों से मांगें मनवाने के लिए आमरण अनशन सही तरीका नहीं है। इससे पहले चपलोत ने प|ी महेन्द्र के साथ बोहरा गणेशजी के दर्शन किए। वकीलों और शहरवासियों के साथ जुलूस निकालते हुए चपलोत सुबह साढ़े 9 बजे कोर्ट गेट पहुंचकर अनशन पर बैठे। उनके साथ राशन डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशललाल सामोता भी आमरण अनशन पर बैठे।

    संभाग के वकीलों का कार्य बहिष्कार, प्रशासन को चेताया

    उदयपुर बार एसो. अध्यक्ष राम कृपा शर्मा ने बताया कि आंदोलन के समर्थन में संभाग के सभी जिलों के वकीलों ने कार्य का बहिष्कार किया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने जबरन शांतिलाल चपलोत को छूने की भी कोशिश की तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे।

    वकीलों के साथ शहरवासियों ने निकाला जुलूस

    उदयपुर। आमरण स्थल पर चपलोत को मनाते कैलाश मेघवाल और आमरण अनशन से पहले शहर में निकाला गया जुलूस जिसमें वकील और शहरवासी शामिल हुए।

    15 दिन पहले घोषणा, सरकार को अब आ रही याद : चपलोत

    अनशन पर बैठे चपलोत ने कहा कि देर रात तक सरकार की ओर दनादन फोन आते रहे। कहा गया कि मुख्यमंत्री बात करने को तैयार हैं। आमरण अनशन को टाल दीजिए। मैं पूछता हूं कि आमरण अनशन की घोषणा तो 15 दिन पहले ही कर दी थी पर सरकार को अब याद क्यों आ रही हैω मैं अपने फैसले पर अडिग हूं, जब तक इसका समाधान नहीं हो जाता, आमरण अनशन से नहीं उठूंगा।

    मेवाड़ के इस आंदोलन के लिए पार्टी छोड़नी पड़े तो छोड़ देना : मांगीलाल

    भाजपा के वरिष्ठ नेता मांगीलाल जोशी ने कहा कि गृहमंत्री कटारिया आज क्यों नहीं आएω। चुनावी वर्ष है, हाईकोर्ट बेंच दे दी जाती हुई तो सरकार को लोग याद करेंगे। नहीं तो कोई पूछने वाला नहीं होगा। मंच पर बैठे भाजपा शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट को लेकर कहा कि जैसे लंका में विभीषण थे, वैसे ही भाजपा में दिनेश भट्ट हैं। भट्‌ट से कहा कि आंदोलन के लिए पार्टी छोड़नी पड़ी तो छोड़ देना। भट्ट ने कहा कि मैं पार्टी पदाधिकारियों को बताकर यहां आया हूं। बेंच किसी पार्टी की नहीं, मेवाड़ की जरूरत है। मंच पर कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा भी बैठे। कांग्रेस के पूर्व मंत्री अश्क अली टांक ने कहा कि यह किसी पार्टी की नहीं, जनता की लड़ाई है। कई सरकारें आईं, चली गईं। हर बार यही कहा गया- बेंच खुलने वाली है लेकिन हुआ कुछ नहीं।

    बड़ा सवाल : आमरण अनशन नहीं तो रास्ता ही क्या बचा है?

    मेघवाल : सीएम आपसे मिलने को तैयार हैं, अनशन छोड़ दीजिए

    मेघवाल ने हाईकोर्ट बेंच से संबंधित पूरी प्रक्रिया समाझाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आपकी बात सुनने को तैयार हैं। राष्ट्रपति ने इस महीने के आखिर में किसी एक दिन वकीलों से प्रस्ताव लेकर मिलने बुलाया है। वे सुप्रीम कोर्ट, केन्द्र सरकार या हाईकोर्ट को पत्र लिख देंगे तो हाईकोर्ट बेंच का रास्ता निकल जाएगा। 19 मई को जयपुर में वकीलों के प्रतिनिधिमंडल से सीएम मिलेंगी।

    मेघवाल का फिर आश्वासन... अगले सत्र में पूरे दिन चर्चा कराऊंगा

    मेघवाल ने कहा कि विधायक रणधीर सिंह भिंडर और फूल सिंह मीणा ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया लेकिन जिस तरह से उठाया जाना चाहिए था, नहीं उठा पाए। मुद्दा उठा और चला गया। मैं विश्वास दिलाता हूं कि अगली बार विधानसभा सत्र में मैं पूरा एक दिन इस मुद्दे पर चर्चा करूंगा।

    ये भी 24 घंटे के लिए अनशन पर

    बार एसो. अध्यक्ष रामकृपा शर्मा, उपाध्यक्ष सत्येन्द्र सांखला, महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी, सचिव ओम प्रकाश प्रजापत, वित्त सचिव हरीश शर्मा, पुस्तकालय सचिव हेमन्त पालीवाल के साथ अन्य वकील अमित मोगरा, ललित जारोली, मनीष शर्मा, महिला वकील शीतल नंदवाना, अनिता गोस्वामी, संगीता नागदा, पूर्व जिला मंत्री भेरूलाल नागदा, कांग्रेस पेंशनर समाज संभागीय अध्यक्ष किशन चंद्र चौधरी।

    चपलोत : 6 बार तो सीएम से मिल चुके हैं, पर कोई समाधान तो निकला नहीं चपलोत पहले ही बोले चुके कि वे इस मामले को लेकर 6 बार सीएम से मिल चुके, पीएम से लेकर राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस तक को हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर लिख चुके हैं। लेकिन समाधान तो दूर, कोई रिस्पॉन्स तक नहीं आया कि उन्हें कोई लेटर भी मिला है। आंदोलन पिछले तीन दशक से चल रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि मेवाड़ के पास अब अनशन के अलावा क्या तरीका हैω

    आमरण अनशन से पहले चपलोत के 24 घंटे

    चपलोत ने अनशन शुरू करने से पहले मंगलवार रात को संघर्ष समिति के सभी पदाधिकारियों से बातचीत की। रात 11 बजे से 1.30 बजे तक गीता के 11 अौर 12वें अध्याय और रामचरित्र मानस की सात चौपाई का पाठ किया। बुधवार सुबह 4.45 बजे मॉर्निंग वॉक पर गए। सुबह 15 मिनट कसरत की। सुबह बोहरा गणेश जी के दर्शन किए और साढ़े 9 बजे के करीब अनशन पर बैठ गए।

    सोशल मीडिया : वकील अमित मोगरा ने बताया- वकील 200 वाट्सएप ग्रुप में आंदोलन की रणनीति और सूचना प्रेषित कर रहे हैं।

    स्वास्थ्य : एमबी अधीक्षक डॉ. विनय जोशी ने बताया कि मेडिसन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरएल मीणा, डॉ. महेश दवे, डॉ. ओपी मीणा की मेडिकल टीम बना दी है जो हर दो घंटे में जांचें करेगी। अनशन से पहले चपलोत की शुगर आैर ब्लड प्रेशर टेस्ट किया। बीपी सामान्य आया और शुगर कुछ बढ़ी हुई निकली।

    मैं पति के निर्णय के साथ हूं: महेन्द्र चपलोत

    शांतिलाल चपलोत की प|ी महेन्द्र चपलोत भी अनशन स्थल पर मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई 1975 को आपातकाल के समय दमनकारी सरकार के खिलाफ पति को तिलक लगाकर रवाना किया था, आज भी यही किया है। मैं मेरे पति के निर्णय का सम्मान करती हूं और इनके साथ हूं।

    मंजूरी दिलाने में मेघवाल की हो सकती है भूमिका : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और कैलाश मेघवाल ने दिल्ली में सात वर्षों तक पार्टी में साथ काम किया है। पिछले सप्ताह जब राष्ट्रपति कोविंद जयपुर आए तब राजभवन में रात्रीभोज के दौरान राष्ट्रपति को मेघवाल ने बेंच की जरूरत बताई थी और चपलोत के आमरण अनशन के बारे में भी जानकारी दी थी।

    उदयपुर। आमरण स्थल पर इस आंदोलन से अनजान चपलोत का नन्हा पोता भी पहुंचा।

  • चपलोत जी, सरकारी तंत्र संवेदनहीन होता है, 72 गुर्जर मारे गए अनशन करते छाबड़ा चल बसे, क्या कोई मांग पूरी हुई: मेघवाल
    +2और स्लाइड देखें
  • चपलोत जी, सरकारी तंत्र संवेदनहीन होता है, 72 गुर्जर मारे गए अनशन करते छाबड़ा चल बसे, क्या कोई मांग पूरी हुई: मेघवाल
    +2और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Udaipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: चपलोत जी, सरकारी तंत्र संवेदनहीन होता है, 72 गुर्जर मारे गए अनशन करते छाबड़ा चल बसे, क्या कोई मांग पूरी हुई: मेघवाल
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Udaipur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×