हादसा / टापू में फंसे किसान को साढ़े चार घंटे बाद किया रेस्क्यू, लगातार बढ़ रहे जलस्तर के बीच अटकी रहीं सांसें



Man trapped, surrounded by water, rescuers on alert
X
Man trapped, surrounded by water, rescuers on alert

  • बांसवाड़ा में बारिश का दौर जारी, जन-जीवन हुआ अस्त-व्यस्त
  • लगातार दूसरे दिन माही के 16 गेट खोले

Dainik Bhaskar

Sep 14, 2019, 05:57 PM IST

घाटोल (बांसवाड़ा)। घाटोल उपखंड के कानडा गांव के माही नदी के कट में शनिवार को एक किसान फंस गया। माही डैम के शनिवार को गेट खोले जाने से वहां जलस्तर बढ़ता जा रहा था। उसे साढ़े चार घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर लिया। बांसवाड़ा में शनिवार को तीसरे दिन बारिश का दौर जारी रहा। जिले में शुक्रवार तक गुरुवार रात 10 बजे से शुरू हुई बारिश शुक्रवार शाम 4 बजे तक जारी रही थी। जिले के 14 गेज सेंटर्स में से 10 में पांच इंच से ज्यादा बारिश होने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। माही बांध के शुक्रवार को 14 गेट 6-6 मीटर खोल कर पानी निकाला गया।

 

घाटोल उपखण्ड की कानडा ग्राम पंचायत के आकरिया गां निवासी बदामीलाल (55) पुत्र कचरू सुबह 11 बजे माही कट पर फंस गया। इसकी जानकारी लगते ही तहसीलदार राकेश कुमार न्योल, खमेरा थानाधिकारी देवीलाल मीणा मय जाप्ते के वहां पहुंच गए। माही बांध के गेट खोले जाने से जलस्तर बढ़ता जा रहा था। दोपहर में करीब ढाई बजे एसडीआरएफ की टीम वहां पहुंची और एक घंटे की प्लानिंग के बाद साढ़े तीन बजे उसे रेस्क्यू कर लिया। उसे सुरक्षित निकाल लिया गया। अपने परिचितों के बीच आने पर उसने रेस्क्यू टीम को धन्यवाद दिया तथा कहा कि उसे नया जीवन मिला है।

 

माही बांध के 16 गेट खुलने से बांसवाड़ा से उदयपुर- रविन्द्र ध्यान आश्रम के पास लसाड़ा माही पुल, घाटोल के हरो बांध भरने से गनोडा की और आने वाले सभी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। पीपलखूंट-जयपुर-बांसवाड़ा मुख्य मार्ग बन्द हो गया है। इसके अलावा, भीमसौर (चाप नदी) पर पानी आने से सरेडी, आसोडा मार्ग, जगपुरा वाया मोटागाव (नाला) गनोडा मार्ग, मोटागांव से वलाई (माही नदी) मार्ग, मोटाटांडा वाया बैनेश्वर (माही नदी) साबला मार्ग, सालिया वाया वजाखरा रोहिड़ा (चाप नदी) मार्ग, पालोदा वाया मेतवाला खोड़न (नाले) पर पानी आने से परतापुर मार्ग, सागवाड़ा से गलियाकोट (मोरन नदी) मार्ग, भिलुडा गौरेश्वर (मोरन नदी) मार्ग, तथा पाटीया वाया पाद्रड़ी (नेवडी पूल) सामलिया सागवाड़ा मार्ग बन्द है।

 

जिले के बागीदौरा, सल्लापोट, शेरगढ़, सज्जनगढ़, बांसवाड़ा और भूंगड़ा में साढ़े 5 इंच बारिश हुई। कई कॉलोनियों में पानी घुस गया तो कई जगह मकान ढह गए। अस्पताल, स्कूल और आंगनबाड़ी की छतें टपकने लगी। मजबूरन कुछ स्कूलों में ताले लगाने पड़े तो कुछ अस्पतालों में वार्ड से मरीज शिफ्ट कर भीगने से बचाने की जुगाड़ किए। लगातार बारिश के चलते माही बांध के सभी 14 गेट 6-6 मीटर और 2 गेट एक-एक मीटर तक खोलकर पानी निकालना पड़ा। बांध के दरवाजे इतने मीटर तक 13 साल पहले 6 सितंबर, 2006 में खोले गए थे।

 

1984 में बांध बनने के बाद यह तीसरा मौका है जब एक साथ पानी का इतना तेज बहाव आया। इससे पहले 1990 और 2006 में ऐसी बारिश थी। भारी बारिश से बांसवाड़ा के सभी नदी-नाले उफान पर है। डूंगरपुर, उदयपुर और जयपुर मार्ग पर पुल पर पानी चढ़ने से संपर्क टूट गया। वहीं कुशलगढ़ की हिरण नदी में एक युवक बह गया। गढ़ी में दो मकान ढह गए। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 72 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। पड़ोसी मध्यप्रदेश के बाजना, गढ़ खंखई माताजी मंदिर परिक्षेत्र और माही नदी बेसिन क्षेत्र में अधिक बारिश होने से शुक्रवार को माही बांध में 10294 क्यूमेक पानी की आवक होने लगी। बांध में पानी की तेज आवक देखते हुए गुरुवार मध्यरात्रि के बाद से 16 गेट खोले गए।

 

न्यूज व फोटो-वीडियो : संजय बसेर, चिराग

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना