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अब फिजियोथैरेपी से बिना दवा ठीक होने वाले हर साल पांच हजार बढ़ रहे, न्यूरोलॉजी, हड्डी, हृदय, जोड़ों, मांसपेशियों का करा रहे इलाज

संभाग में अब प्रतिवर्ष 30-35 हजार से ज्यादा मरीज फिजियोथेरेपी चिकित्सा पद्धति से स्वस्थ हो रहे हैं। यह आंकड़ा पिछले...

Danik Bhaskar | Sep 08, 2018, 07:40 AM IST
संभाग में अब प्रतिवर्ष 30-35 हजार से ज्यादा मरीज फिजियोथेरेपी चिकित्सा पद्धति से स्वस्थ हो रहे हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष करीब 25-30 हजार था। एमबी अस्पताल में पीएमआर की डॉ. ज्योति गोठवाल बताती हैं कि हर साल अकेले एमबी में ही 20 हजार से ज्यादा रोगी इस चिकित्सा का लाभ ले रहे हैं। जबकि वर्ष 2010 में यह आंकड़ा साढ़े 10.5 हजार पर ही था। ऐसे में साढ़े नौ हजार की वृद्धि हुई है। फिजियोथेरेपिस्ट बताते हैं कि अब संभाग संभाग के 30 से 35 हजार मरीज प्रतिवर्ष बिना दवा खाए ही इस पद्धति से ठीक हो रहे हैं। फिजियोथेरेपी का लाभ लेने वालों की संख्या पिछले नौ साल में करीब 45 फीसदी से अधिक बढ़ी है। अकेले एमबी में पिछले आठ साल में करीब सवा लाख लोग इसका लाभ ले चुके हैं। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. व्योम बोल्या का मतलब कसरत या सिकाई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि फिजियोथेरेपी, ड्रायनीडलिंग, मैन्युअल थेरेपी, कपिंग थेरेपी, मायो फेशियल रिलीज की आधुनिक पद्धतियों से मरीजों को अल्प समय में दर्द व अन्य परेशानियों से छुटकारा दिला देते हैं। डॉ बोल्या और डॉ. गौरव पाईवाल ने बताया कि न्यूरोलॉजी, हड्डी, हृदय, बच्चों-वृद्धों की समस्याओं से जुड़ी विभागों के गंभीर मरीजों की सभी चोटों, जोड़ों, मांसपेशियों आदि का फिजियोथेरेपी से सफल इलाज किया जा सकता है। फिजियोथेरेपी कूल्हे-घुटने के प्रत्यारोपण-फ्रैक्चर के बाद उनके रिहैबिलिटेशन में भी बड़ी कारगर साबित हो रही है। आज वर्ल्ड फिजियोथेरेपी-डे पर पढ़िए प्रमुख थेरेपी और उनके फायदे-

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