राजस्थान / भास्कर के स्टिंग का असर, सूरत से मुक्त कराए 132 बाल श्रमिक, इनमें 125 उदयपुर जिले के

सीताराम सोसायटी पर छापे के दौरान मौजूद पुलिस व बच्चों के हितों से जुड़े संगठन के लोग। सीताराम सोसायटी पर छापे के दौरान मौजूद पुलिस व बच्चों के हितों से जुड़े संगठन के लोग।
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सीताराम सोसायटी पर छापे के दौरान मौजूद पुलिस व बच्चों के हितों से जुड़े संगठन के लोग।सीताराम सोसायटी पर छापे के दौरान मौजूद पुलिस व बच्चों के हितों से जुड़े संगठन के लोग।

  • पुलिस ने विभिन्न संगठनों की मदद से बच्चों को मुक्त कराया, इनमें सात बच्चे अन्य राज्यों के

दैनिक भास्कर

Dec 29, 2019, 01:59 PM IST

उदयपुर। दैनिक भास्कर की खबर का असर देखने को मिला है। पुलिस ने रविवार को गुजरात के सूरत से 125 बाल श्रमिक मुक्त कराए हैँ। इन्हें वहां बड़ी बदतर हालात में रखा गया था। मुक्त कराए गए बच्चों में 125 राजस्थान के उदयपुर जिले के तो सात बच्चे विभिन्न राज्यों के हैं। इन बच्चों को पुलिस ने विभिन्न सामाजिक संगठनों की मदद से मुक्त कराया है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार मानव तस्करी विरोधी यूनिट, बचपन बचाओ आंदोलन व बाल कल्याण समिति के सहयोग से पुलिस ने सूरत की सीताराम सोसायटी पर सुबह पांच बजे छापा मारा। पुलिस को यहां 15 साल तक के 132 बच्चे मिले। बच्चों की हालत देखकर इस ऑपरेशन में शामिल सभी लोग दंग रह गए।

बच्चों को बुरी स्थिति में रखा गया था। एक छोटे से कमरे में कई बच्चों को रखा गया था। वे यहीं रहते व खाते-पीते हैं। छोटे से कमरे से बदबू आ रही थी। इन बच्चों से साड़ी बनाने सहित कारखानों में काम कराया जाता है। वहां इनसे पांच लोग काम करवा रहे थे। मौजूद कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि बच्चों को साड़ी बनाने सहित विभिन्न कारखानों में काम कराया जाता है।

बच्चों को सुबह चार बजे से ही काम में लगा दिया जाता था। इस ऑपरेशन में बचपन बचाओ संगठन के दिल्ली से भी लोग शामिल हुए। अब इन बच्चों को दो बसों से उदयपुर लाया जा रहा है। इनमें उदयपुर जिले के विभिन्न इलाकों के बच्चे हैँ। उल्लेखनीय है कि दैनिक भास्कर ने स्टिंग ऑपरेशन में बताया था कि कैसे बच्चों को तस्करी कर गुजरात ले जाया जाता है। वहां उसने मजदूरी कराई जाती है। उन्हें प्रताड़ित किया जाता है।

न्यूज व फोटो : विपिन सोलंकी
 

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