• Hindi News
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • Udaipur News rajasthan news charge for the hostel tilasi niketan got the name of the tariqanti conveyance from fake documents 29 years later nominated four office bearers

आरोप- हॉस्टल के लिए तेरापंथी कॉन्फ्रेंस को मिली जमीन फर्जी दस्तावेज से तुलसी निकेतन के नाम कराया, 29 साल बाद चार पदाधिकारी नामजद

Udaipur News - मेवाड़ जैन श्वेतांबर तेरापंथी कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत ने शनिवार को हिरण मगरी थाने में चार लोगों के...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 11:25 AM IST
Udaipur News - rajasthan news charge for the hostel tilasi niketan got the name of the tariqanti conveyance from fake documents 29 years later nominated four office bearers
मेवाड़ जैन श्वेतांबर तेरापंथी कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत ने शनिवार को हिरण मगरी थाने में चार लोगों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर 5 हजार वर्ग गज जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। जांच अधिकारी एएसआई हमेर सिंह ने बताया कि भैरूलाल धाकड़, यशवंत कोठारी, जवेर चंद जैन और गणेश डागलिया को नामजद किया है। एक अन्य आरोपी भैरूलाल धाकड़ का निधन हो चुका है। एफआईआर में आरोप है कि मेवाड़ जैन श्वेतांबर तेरापंथी कॉन्फ्रेंस सोसायटी को यूआईटी ने छात्रों के रहने के लिए वर्ष 1971 में सेक्टर चार में भूमि आवंटित की थी। तब सोसायटी के अध्यक्ष भैरूलाल धाकड़ थे, जिन्होंने तुलसी निकेतन नाम से सोसायटी का रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद यूआईटी में हलफनामा पेश किया, जिसमें श्वेतांबर तेरापंथ का नाम बदलकर तुलसी निकेतन होना बता 1990 में जमीन तुलसी निकेतन के नाम करवा ली। हॉस्टल के नाम से आवंटित इस जमीन पर अभी व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं।

धोखाधड़ी से जमीन हड़पी मामला : तुलसी निकेतन

ऐसे पता धोखाधड़ी का चला : फत्तावत ने सोसायटी के अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण किया। संस्था के दस्तावेजों की जानकारी लेनी थी, लेकिन ये नहीं मिले। संस्थान की संपत्ति की पत्रावली नगर निगम से निकलवाने के बाद तथ्य सामने आए।

एेसे की धोखाधड़ी : चारों आरोपी श्वेतांबर तेरापंथ सोसायटी में अलग-अलग पदों पर थे। इन्होंने वर्ष 1977 में तुलसी निकेतन नाम से नई सोसायटी बनाई और सेक्टर चार स्थित जमीन हड़पने की नीयत से यूआईटी में आवेदन पेश किया। इसमें बताया कि तेरापंथ सोसायटी का नया नाम तुलसी निकेतन सोसायटी कर दिया गया है। वर्ष 1990 में यूआईटी अधिकारियों से मिलकर तेरापंथ को आवंटित भूमि की लीज डीड तुलसी निकेतन के नाम पर बनवा ली। इसमें सोसायटी के किसी भी सदस्य से अनुमति नहीं ली गई, न ही कोई साधारण सभा की गई। छात्रों के हॉस्टल के नाम आवंटित इस जमीन पर अभी व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं।

एफआईआर के अनुसार समझें कैसे हुई धोखाधड़ी

छात्रों के हॉस्टल के लिए जमीन आवंटन हुई : श्री मेवाड़ जैन श्वेतांबर तेरापंथी कॉन्फ्रेंस का गठन साल 1948 में हुआ था। रजिस्ट्रार आॅफ सोसायटी में रजिस्ट्रेशन हुआ। उदयपुर में मेवाड़ भर से बच्चे पढ़ने आते थे, जिनके लिए हॉस्टल बनाने का विचार था। सोसायटी ने 1971 में आवेदन किया, जिस पर यूआईटी ने 25 जनवरी, 1972 में 5 हजार वर्ग गज (46 हजार 500 स्क्वायर मीटर) जमीन आवंटित की। शर्त थी कि जमीन का उपयोग हॉस्टल निर्माण में ही किया जाए। भैरूलाल 1972 तक सोसायटी अध्यक्ष थे। हॉस्टल निर्माण के लिए बनाई समिति में यशवंत कोठारी, गणेश डागलिया और जवेरचंद शामिल थे।

दस्तावेजों के आधार पर जांच होगी : आईओ


मेवाड़ कॉन्फ्रेंस की अनुमति पर ही ट्रांसफर हुई जमीन, कुछ भी अवैध नहीं : कोठारी


X
Udaipur News - rajasthan news charge for the hostel tilasi niketan got the name of the tariqanti conveyance from fake documents 29 years later nominated four office bearers
COMMENT