उदयपुर प्रदेश का पहला जिला जहां 6 मेडिकल काॅलेज, हमारे बंदाेबस्त अाैर जिलाें से बेहतर हैं

Udaipur News - चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में हमारे डाॅक्टर, नर्सिंग-मेडिकल-लैब स्टाफ काेराेना जैसी महामारी काे...

Apr 05, 2020, 10:10 AM IST

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में हमारे डाॅक्टर, नर्सिंग-मेडिकल-लैब स्टाफ काेराेना जैसी महामारी काे हराने के लिए फ्रंटफुट पर डटकर मुकाबला कर रहा है। ये टीम हर माेर्चे पर इस वायरस पर जीत हासिल करने के लिए जी-जान से जुटी है। विभाग जहां प्रशासनिक स्तर पर बंदाेबस्त कर रहा है वहीं मेडिकल टीम ग्राउंड जीराे पर डटी हैं। अारएनटी में एक नर्स भी संक्रमण का शिकार हाे चुकी हैं। इसके बावजूद भी पूरा स्टाफ मरीजाें की सेवा में जुटा है। सुकून की बात है कि यहां से प्रतापगढ़ का काेराेना पाॅजिटिव निकला दंपती ठीक हाेकर अपने घर लाैट चुका है। अारएनटी के प्रिंसिपल डाॅ. लाखन पोसवाल और सीएमएचओ डाॅ. दिनेश खराड़ी ने भास्कर काे दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में काेराेना काे हराने के लिए किए गए बंदाेबस्ताें के बारे में जानकारी दी।

6 मेडिकल कॉलेजों में करीब 280 वेंटीलेंटर, फिलहाल 70 वेंटिलेटर कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व हैं

Q. आरएनटी की नर्स कोरोना पॉजिटिव आई है, फिलहाल स्टाफ की रिपाेर्ट निगेटिव है। बड़ी संख्या में स्टाफ को क्वारेंटाइन करना पड़ा तो कैसे मैनेज करेंगे?

-विभाग के पास 260 चिकित्सक और 1207 नर्सिंग स्टाफ है। सभी मेडिकल कॉलेजों में दो हजार चिकित्सक और पांच हजार नर्सिंग स्टाफ है।

Q. विभाग ने एहतियातन क्या बंदाेबस्त हैं?

-आरएनटी, गीतांजलि, अमेरिकन, पेसिफिक और अनंता मेडिकल कॉलेज में करीब 3000 बैड्स रिजर्व करा दिए हैं। यहां एक-एक आईसीयू भी तैयार है।

Q वेंटिलेटर्स, एंबुलेंस की क्या व्यवस्था है?

-उदयपुर प्रदेश का पहला ऐसा जिला है जहां 6 मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें करीब 280 वेंटीलेंटर हैं। 70 वेंटिलेटर कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व हैं। हर ब्लॉक में दो एंबुलेंस कोरोना संदिग्धों के लिए रिजर्व हैं। हमारे पास 80 एंबुलेंस हैं। सभी ब्लॉक में 151 निजी एंबुलेंस अधिगृहीत हैं। 200 टीम गठित कर रखी हैं।

Q. कई ऐसे दूरस्थ गांव हैं जहां से सूचनाएं समय पर नहीं मिल पाती हैं, वहां क्या कदम उठा रहे हैं?

-ब्लॉक स्तर पर एसडीएम और बीसीएमओ के नेतृत्व में रेपिड रिस्पोंस टीम काम कर रही हैं। हर गांव में आशा कार्यकर्ता हैं। पूरे जिले में दूसरा सर्वे चल रहा है। शिक्षक, ग्राम सेवक, पटवारी आदि के नेतृत्व वाली टीमें भी सर्वे कर रही हैं।

Q. शुरू से सवाल उठते आ रहे हैं कि कई संक्रमितों के लिए सैंपल ही नहीं लिए जा रहे हैं?

-सैंपल गाइडलाइन के तहत ही लिए जा रहे हैं। जिनको सांस लेने में तकलीफ, बुखार, खांसी हैं उन सभी के सैंपल ले रहे हैं। पॉजिटिव के संपर्क में आने वालों की भी जांच करा रहे हैं। अगर किसी काे संक्रमण का संदेह है तो वह आरएनटी कोरोना ओपीडी में दिखाकर जांच करा सकता है।

डाॅ. दिनेश खराड़ी, सीएमएचअाे : इमरजेंसी के लिए दो हजार डाॅक्टर, पांच हजार नर्सिंग स्टाफ अाैर 3000 बैड रिजर्व, 70 वेटिंलेटर अाैर 80 एंबुलेंस हैं **

Q. उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर अाैर बांसवाड़ा में पाॅजिटिव केस अा चुके हैं। संभाग स्तर पर क्या तैयारी है?

-हमारे पास 672 डाॅक्टराें अाैर 2100 का नर्सिंग स्टाफ है। स्पेशियलिटी विंग में 256 बैड्स रिजर्व हैं। 56 बैड्स का आईसीयू भी तैयार है। सभी 256 बैड्स सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम से लैस हैं, जिन्हें तुरंत आईसीयू में तब्दील किया जा सकता है। न्यू ओपीडी ब्लॉक के लिए 200 बैड्स तैयार हैं। बुखार-खांस-सर्दी की ओपीडी भी यहीं चलेगी।

Q. स्पेशियलिटी विंग में सिर्फ 14 वेंटिलेटर हैं, फिर 256 बैड्स को आईसीयू में कैसे बदलेंगे?

-यहां 14 वेंटिलेटर और 35 बायपेप मशीन इंस्टॉल करा दी हैं। एक करोड़ के 6 हाईटेक वेंटिलेटर तीन दिन में आने वाले हैं। बायपेप मशीन मरीज को सांस लेने में होने वाली परेशानी को दूर करेगी। 44 वेंटिलेटर सरकार से मांगे हैं, जो जल्द मिलने वाले हैं।

Q. आरएनटी की लैब एक दिन में 100 सैंपल भी नहीं जांच पा रही, एहतियातन क्या व्यस्था है?

-हमारी लैब तीन शिफ्ट में 520 सैंपल जांच सकती है। 1000 तक सैंपल जांचने की क्षमता बढ़ाने के लिए 6 नई पीसीआर मशीन और उपकरण आने वाले है।

Q. इलेक्टिव सर्जरी कब तक शुरू होंगी।

-फिलहाल ये संभव नहीं है। इमरजेंसी में सभी सर्जरी की जा रही हैं।

Q. डर से सामान्य मरीज भी अस्पताल आने से कतरा रहें, बचाव के क्या कदम उठा रहे हैं?

-सामान्य बीमारियों के लिए ओपीडी-भर्ती की सुविधाएं कोरोना से बिलकुल अलग हैं।

Q. हेल्थ वर्कर्स को संक्रमण से कैसे बचाएंगे।

-कोरोना वार्ड केे डॉक्टर्स, नर्सेज आदि को पीपीई किट सहित सभी संसाधन मुहैया करा दिए हैं। क्वारेंटाइन करने के लिए गेस्टाहाउस, होटलाें में व्यवस्था की है।

डाॅ. लाखन पाेसवाल, अारएनटी प्रिंसिपल : सुपर स्पेशियलिटी विंग में 256 बैड तुरंत आईसीयू में तब्दील कर सकते हैं, लैब तीन शिफ्ट में 520 सैंपल जांच सकती**

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