इसरो के पूर्व वैज्ञानिकों का दावा : अणिमा सिद्धि से खुद को अणु-परमाणु जितना छोटा कर सकते हैं

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
उदयपुर| पतंजलि योग सूत्रों में आठ प्रकार की सिद्धियों का उल्लेख किया गया है। इन आठ सिद्धियों में अणिमा सिद्धी भी शामिल है। अणिमा के सिद्ध होने से व्यक्ति खुद को अणु-परमाणु जितना छोटा कर सकता है। करीब 100-125 वर्ष पूर्व थियोसोफिकल सोसायटी की अध्यक्ष एनी बिसेंट और लीडबीटर ने इस सिद्धि से बहुत ही उच्च स्तर का अवधिज्ञान प्राप्त किया था और उस समय उपलब्ध 92 रासायनिक तत्वों के अणुओं की संरचना को देखने का कठिन प्रयास किया था। उन्होंने इसके अलावा कई आईसोटोपो और अणुओं का भी साक्षात्कार किया, जिसका उल्लेख इन दाेनाें द्वारा लिखित पुस्तक ओकल्ट कैमिस्ट्री-1 में किया है। आधुनिक विज्ञान के लिए यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है। इस पुस्तक में लिखा है कि इन दोनों ने जो विभिन्न तत्वों के अणुओं का साक्षात्कार किया और उसका पूरा विवरण अपने तीसरे साथी सी जिनराजदास को बताते थे जो इन संरचनाओं के चित्र कागज पर बनाते थे। यह पुस्तक थियोसोफिकल सोसायटी के अडयार चैन्नई, कार्यालय में मौजूद है। यह दावा भारतीय अंतरीक्षक अनुसंधान संगठन के भूतपूर्व वैज्ञानिक सुरेन्द्र सिंह पोखरणा और डॉ. राजमल और कोटा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एमएल कालरा ने किया है। वे शुक्रवार को विज्ञान समिति सभागार में मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने बताया कि कण भौतिकी के विशेषज्ञ स्टीफेन फिलिप्स ने इस काम का कई साल अध्ययन किया।

पुस्तक का विमोचन करते हुए।

खबरें और भी हैं...