देलवाड़ा ठिकाने का इतिहास पुस्तक का विमोचन हुआ
पुस्तक का विमोचन करते हुए गुलाबचंद कटारिया और अन्य अतिथि।
उदयपुर | माणिक्य लाल वर्मा श्रमजीवी महाविद्यालय के इतिहास एवं संस्कृति विभाग में डॉ. रेखा महात्मा लिखित देलवाड़ा ठिकाने का इतिहास पुस्तक का विमोचन हुअा। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि ये पुस्तक हमारे ज्ञान वर्धन के साथ देलवाड़ा क्षेत्र के विकास के लिए भी प्रेरणास्पद है। राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति डॉ. एसएस सारंगदेवोत ने कहा कि डॉ. महात्मा ने अपनी पुस्तक में देलवाड़ा ठिकाने के इतिहास के सभी पहलुओं को उजागर किया है। शोध निर्देशक डॉ. गिरीश नाथ माथुर ने देलवाड़ा ठिकाने के सामरिक, व्यापारिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
इतिहासविद प्रोफेसर के एस गुप्ता ने कहा कि मूल दस्तावेजों पर आधारित ये पुस्तक हमें देलवाड़ा के प्रामाणिक इतिहास की जानकारी देती है। पुस्तक की समीक्षा करते हुए डॉ. राजेंद्रनाथ पुरोहित ने कहा कि इस पुस्तक में ठिकाने के मूल संस्थापक सज्जा से लेकर देलवाड़ा के अंतिम राजराणा खुमाण सिंह व सरदारों द्वारा मेवाड़ की बलिदान परख सेवाओं को रेखांकित किया गया है।