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चिकित्सा विभाग की अहम बैठक में कोई चिकित्सक बीमारी के बहाने, कोई बिना सूचना नहीं आया, अब कलेक्टर करेंगी ‘इलाज’

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 06:46 AM IST

Udaipur News - उदयपुर | स्वाइन फ्लू और मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग कितना बेपटरी है, इसकी...

Udaipur News - rajasthan news in the important meeting of the medical department no doctor came to the aid of disease no information was received now collector will 39cure39
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उदयपुर | स्वाइन फ्लू और मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग कितना बेपटरी है, इसकी बानगी बुधवार को फिर दिखी, जब कलेक्टर आनंदी की बुलाई अहम बैठक में कुछ चिकित्सक आए ही नहीं। किसी ने बीमारी का बहाना किया तो किसी ने नहीं आ पाने की सूचना ही नहीं दी। विभाग की व्यवस्थाएं ही बीमार देख कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी को हिदायत दी कि जो डॉक्टर खुद को बीमार बताकर छुट्टी पर हैं, उनकी स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बिठाया जाए। जो चिकित्सक नहीं आए हैं, उन्हें नोटिस थमाए जाएं। रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भींडर इंचार्ज को फटकार, कैलाशपुरी एलएचवी एपीओ, बीमार चिकित्सकों को जांचेगा बोर्ड

पीएचसी कालीभीत के डॉ. अजीत सिंह और भैंसड़ा खुर्द के डॉ. अनिल के खिलाफ मेडिकल बोर्ड बिठाकर जांच कराने के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये डॉक्टर बीमार का बहाना बनाकर ड्यूटी से नदारद रहते हैं या नहीं। भींडर सीएचसी के डॉ. नरेन्द्र सिंह शक्तावत को स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव नहीं कराने पर फटकार लगी। झाड़ोल सीएचसी इंचार्ज डॉ. वरदीचंद कटारा को बैठक में नहीं आने पर नोटिस थमाने के निर्देश दिए गए। शिकायत मिली कि कैलाशपुरी पर तैनात एलएचवी मंजू सेवरिया काम नहीं करती। वह बार-बार मेडिकल लीव पर रहती है। कलेक्टर ने उसे एपीओ कर कोटड़ा भेजने के आदेश दिए।

निर्देश : हाई रिस्क गर्भवतियों के साथ अस्पताल जाएगी आशा

बैठक में कलेक्टर आनंदी ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण, नसबंदी, प्रसव पूर्व की सभी जरूरी जांचें आदि प्रमुखता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दो माह के भीतर प्रत्येक उपस्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव शुरू हो जाने चाहिए। सीएचसी और पीएचसी पर प्रसव तुरंत प्रभाव से शुरू कराए जाएं। जहां प्रसव हो रहे हैं, वहां संख्या बढ़ाने पर फोकस किया जाए। उन्होंने सभी चिकित्सकों को चेतावनी दी कि अगर राजश्री योजना की पेंडेंसी सोमवार तक नहीं निपटाई गई, तो कार्रवाई होगी। हर हाई रिस्क गर्भवती के साथ आशा मुख्यालय स्तर के अस्पताल तक साथ जाएगी। बैठक में आरसीएचओ डॉ. अशोक आदित्य, एडिशनल सीएमएचओ डॉ. रागिनी अग्रवाल, डीपीएम डॉ. जीएस राव आदि मौजूद थे।

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