बच्चों को समाज-संस्कृति से जोड़ने का संकल्प करें माताएं : मुनि पूज्यसागर
महावीर भवन में दिवाकर चैथमल मसा की दीक्षा जयंती मनाई
जैन दिवाकर परिषद का दिवाकर चैथमल मसा की दीक्षा जयंती पर महावीर भवन, सेक्टर 5 में रविवार को कार्यक्रम हुआ। संत लोकेश मुनि ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर बोलते हुए कहा कि इन कुरीतियों को मिटाने के लिए समाज में जागरूकता लाने के साथ ही युवाओं को धर्म के प्रति श्रद्धा रखना होगी। साध्वी नमिताश्री ने कहा कि दिवाकर गुरु एक महान आत्मा थी ,उनका जीवन अनूठा था। वह जैन समाज ही नहीं सर्व समाज के लिये कोहिनूर र| थे। साध्वी डॉ. राजश्री ने कहा कि दिवाकर संत विश्व की अलौकिक विभूति थे। संत विश्व कल्याण के लिए ही जीता है और उनका आचरण गंगा की तरह पवित्र होता है। मुख्य अतिथि डॉ. राजेंद्र कच्छारा, हिम्मत सिंह दक थे। कार्यक्रम में लोकेश मेहता को युवा गौरव गौरव अलंकरण, विनोद लसोड़ को समाज भूषण अलंकरण से सम्मानित किया गया। संचालन अरविंद जारोली ने किया। अध्यक्ष धर्मेंद्र जैन, महामंत्री राकेश तातेड़ मौजूद थे।
पद्मप्रभु दिगंबर जैन मंदिर पहाड़ा में पंचामृत अभिषेक किया।
उदयपुर | अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को पद्मप्रभु दिगंबर जैन मंदिर पहाड़ा में 6 वेदियों पर दिगंबर जैन समाज की 70 महिलाओं ने विशेष पंचामृत अभिषेक किया।
भगवान पद्मप्रभु पर दीपिका जैन और सुमित्रा दलावत को पंचामृत अभिषेक और शांतिधारा करने लाभ लिया। पंचामृत अभिषेक करने का लाभ विजय गुडलिया, पवन तितड़िया और श्यामसुंदर चित्तौड़ा ने लिया। सौधर्म इन्द्र अशोक डागरिया और यज्ञ नायक नाथूलाल विदाला बने। इससे पहले सिद्धचक्र विधान के सातवें दिन विधान मंडल पर 512 अर्घ्य समर्पित किए गए। अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर ने कहा कि आज मां की ममता मरती जा रही है। इसके कारण संस्कार और संस्कृति परिवार और समाज से दूर होती जा रही है। हर मां को आज के दिन संकल्प करना चाहिए कि बच्चों को संस्कृति से जोड़ेगी और चाहे कितनी ही लौकिक पढ़ाई क्यो ना हों उन्हें मंदिर, गुरु दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान में साथ लेकर जाएगी।
पवित्रता का पर्व है होली : मुनि मोहजीत कुमार
तेरापंथ समाज का होली कार्यक्रम महाप्रज्ञ विहार में रविवार को हुआ। इस मौके पर मुनि मोहजीत कुमार ने कहा कि रंगों का अपना बड़ा विज्ञान है। लाल रंग जहां चंचलता का प्रतीक है, सफेद रंग मन को शांति देने वाला है, होली संवत वर्ष का अंतिम पर्व है। पवित्रता का पर्व है। उन्होंने कहा कि केमिकल युक्त रंगों का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए अहितकर है, इनका प्रयोग कदापि ना हो। मुनि स्वास्तिक कुमार ने कहा कि हो ली अर्थात जो प्रमाद हो गया, जो गलतियां हो गई उनको भूलें और अब आगे गलतियां प्रमाद न हो इसका ध्यान रखें।