25 को शुरू होगा प्रमादी विक्रम संवत् 2077, चेटीचण्ड-नववर्ष के होंगे कार्यक्रम
इस साल नववर्ष 25 मार्च से शुरु होगा। इसी दिन कलश स्थापना, गुड़ी पड़वा और श्री झूलेलाल जयंती भी मनाई जाएगी। पं. हरिश्चंद्र शर्मा ने बताया कि 2077 का यह नव विक्रम संवत का नाम प्रमादी होगा। नव विक्रम संवत के महीने चंद्रमा की तिथियों के आधार पर होने के चलते चांद्र मास होते है। यह मास अमावस्या से अमावस्या तक गिना जाता है। इस बीच सूर्य की मेष संक्राति पड़ जाए तो चेत्र मास कहलाएगा। यदि किसी मास में कोई भी संक्राति नहीं आती है उस मास को अधिकमास, मलमास या पुरुषोत्तममास कहा जाता है। इस व्यवस्था की वजह से चंद्रमा के महीनों की संगति ऋतुओं के साथ हो जाती है। इसे चांद्र सौर वर्ष कहा जाता है। इस संवत में गुरु ग्रह ने धनु से मकर राशि में प्रवेश किया था। विक्रम संवत 1899 के दुर्लभ संयोग 178 साल बाद बनेगा।
प्रमादी संवत 2077 के बैनर और पोस्टर का लोकार्पण किया
नव वर्ष के कार्यक्रम की रुपरेखा तय करने के लिए अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, नगर निगम, आलोक संस्थान और सर्व समाज संगठनों की बैठक शुक्रवार को पंचवटी स्थित आलोक स्कूल में हुई। इस अवसर पर प्रमादी संवत 2077 के बैनर और पोस्टर का भी लोकार्पण किया गया। समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत ने बताया कि इस बार कार्यक्रम में सामाजिक समरसता अभियान को भी जोड़ा गया है। पूरे देश में नववर्ष महोत्सव को व्यापकता देने के लिए 250 संयोजकों को नियुक्त किया गया है। पारस सिंघवी ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि कार्यक्रम में नगर निगम की ओर से हर संभव मदद की जाएगी। इस मौके पर दूध तलाई पर आतिशबाजी भी होगी। इस दौरान समाज-संगठनों के कई पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं ने बैठक में हिस्सा लिया। 25 मार्च को चेटीचंड के मौके पर श्री झूलेलाल सेवा समिति की ओर से शक्ति नगर स्थित श्री झूलेलाल भवन में सुबह 10 बजे लाल साई की पूजा अर्चना के बाद श्री सनातन मन्दिर, शक्ति नगर से भव्य शोभायात्रा और शाम 6 बजे कम्युनिटी हॉल शक्ति नगर के बाहर मेला लगेगा।
उदयपुर. नववर्ष के कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को हुई बैठक में मौजूद विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी (बाएं) कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन करते हुए।