मन ही मंदिर... आज घरों में ही पूजा कर ईसर-गणगौर को देंगे जल कसूंबे

Udaipur News - महिलाएं शुक्रवार को गणगौर मनाएंगी। इस बार भीड़ नहीं जुटेगी, लेकिन घरों में ही ईसर-गणगौर प्रतिमाओं की पूजा कर...

Mar 27, 2020, 10:02 AM IST
Udaipur News - rajasthan news temple of mind today water will be offered to isar gangaur by worshiping in homes

महिलाएं शुक्रवार को गणगौर मनाएंगी। इस बार भीड़ नहीं जुटेगी, लेकिन घरों में ही ईसर-गणगौर प्रतिमाओं की पूजा कर परंपरा निभाई जाएगी। एक दिन पहले दातण हेला मनाया गया।

लोक संस्कृति और मेवाड़ की परंपराओं के जानकार बताते है, चूंकि गणगौर पारिवारिक आयोजन ही है, इसलिए बाहर जाने की कोई आवश्यकता भी नहीं है। महिलाएं घरों में ही गणगौर के रूप में शिव-शक्ति स्वरूप ईसर-पार्वती का माटी के स्वरूप बनाकर आराधना कर सकती है। चूंकि इस बार लॉक डाउन है, ऐसे में यह पारिवारिक उत्सव घर में भी भव्य हो सकता है। गणगौर से एक दिन पूर्व गुरुवार को गणगौर पूजन वाले घरों में जागरण हुए। महिलाओं ने परिवार, समाज, शहर और देश में आरोग्य-खुशहाली की कामना की। इससे पहले दोपहर में बेसन-आटा और मैदा से हुंआरिया-पापड़ी, गुलगुले, गूंजे जैसे व्यंजन बनाए। शुक्रवार को इन्हीं से गणगौर की पूजा होगी। उधर, कुछ समाज भवनों में भी सुरक्षात्मक व्यवस्थाओं के साथ गणगौर पूजन प्रस्तावित है। बता दें कि शहर में हर साल शीतला सप्तमी पर छोटी गणगौर का मेला भरता है, जहां से महिलाएं ईसर-गणगौर की प्रतिमाएं ले जाती हैं और तीज तक इसकी नियमित सेवा-पूजा, जतन करती हैं। लॉक डाउन से पहले इस बार भी महिलाएं ये प्रतिमाएं ले गई थीं।

हर बार खूब नाच-गान होता है, इस बाद सादगी से मनाएंगे

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा संस्थान की संभाग प्रभारी संगीता चौहान ने बताया कि हमेशा तो खूब सज संवरकर दातन हेला की रस्म और गणगौर पूजा करते हैं। इस बार घर के चौक में ही पूजा रखी है। शुक्रवार को भी घर में ही ईसर-गणगौर को जल कसूंबे की परंपरा निभाएंगे। त्योहार की रौनक फीकी है, लेकिन गणगौर-कानूड़ा के जतन का उत्साह कम नहीं है।

64 वर्ष में पहली बार ईसर-गणगौर को घर पर ही देंगे जल कसूंबे

64 वर्षीय शकुंतला जोशी ने बताया कि जीवन में कभी भी ऐसा नहीं हुआ की हमने गणगौर घाट पर ईसर-गणगौर को पानी नहीं पिलाया हो। लेकिन इस बार घर पर ही यह रस्म निभाएंगे।

गणगौर घाट पर नहीं होंगे कार्यक्रम

जिला पर्यटन अधिकारी शिखा सक्सेना ने बताया कि पर्यटन विभाग की ओर से गणगौर घाट पर काई कार्यक्रम नहीं होंगे। सभी समाजों के पदाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। देर शाम जिला प्रशासन और पुलिस ने भी इसकी घोषणा दोहराई है।

शिव-पार्वत की तस्वीर की करेंगे पूजा


चंद्रा औदीच्य ने बताया कि वैसे तो गणगौर घाट पर पूजन किया जाता है। समाज की सवारी के साथ गणगौर घाट पहुंचते और जल पिलाने की रस्म करते है। लेकिन इस बार सभी अपने ही घरों में शिव-पार्वती की पूजा करेंगे। हमेशा तो समूह में मेंहदी लगाते हैं, गीत गाते हुए तैयारियां करते है। लेकिन इस बार सभी अपने घरों में ही तैयारियां कर रहे हैं।


घर पर ही बनाए घेवर

पुष्पा माली ने बताया कि गणगौर की पूजा में घेवर का बहुत महत्व है। लेकिन इस बाद मिठाइयों की दुकानें बंद है, इसलिए घरों में घेवर बनाए है। वहीं पूजा की तैयारियां भी घर पर ही की है। वैसे तो हमेशा चूडिय़ा और श्रृंगार का सामान नया खरीदते है। लेकिन इस बार जैसा हो पा रहा है वैसे ही पूजा करेंगे।

गणगौर पर गुरुवार को दातण हैला की रस्म करते हुए।

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