चैलेंज के लिए घर में ही सजी-संवरी साड़ी के साथ बदलती रहीं स्टेटस

Udaipur News - लॉकडाउन के बीच समय गुजारने के लिए देशभर में ट्रेंड कर रहा महिलाओं का साड़ी चैलेंज लेकसिटी में भी गजब का चला। अब...

Apr 08, 2020, 10:21 AM IST

लॉकडाउन के बीच समय गुजारने के लिए देशभर में ट्रेंड कर रहा महिलाओं का साड़ी चैलेंज लेकसिटी में भी गजब का चला। अब शहर भर में भी महिलाएं साेशल मीडिया पर साड़ी में अपने फाेटाे शेयर कर रही हैं। चैलेंज की चेन शुरू हाे जाने से घर पर महिलाअाें काे काम के तनाव के बीच खुद के लिए कुछ करने से सुकून भी मिल रहा है। चैलेंज कैंपेन से जुड़ी कुछ महिलाओं ने बताया कि इसमें दाे या उससे ज्यादा सहेलियाें ने अलग-अलग टैग कर चैलेंज दिया है, ताे हर बार नई साड़ी में फाेटाे लगानी हाेती है। सेक्टर 5 की ममता ने बताया कि काेई न काेई स्टेटस या स्टाेरी में चैलेंज कर देता है, दिनभर में 6-7 बार साड़ियां बदलनी पड़ी।

सोशल डिस्टेंस के दौर में भावनात्मक जुड़ाव है यह

हिरण मगरी की कीर्ति ने बताया कि इससे लेडीज का टाइम पास भी अच्छा हाे रहा है, साथ ही साेशल डिस्टेंसिंग के बीच पुरानी सहेलियाें से भी इसके चलते फिर से एक-दूसरे से जुड़ने का भी माैका मिल रहा है। यूं भी कह सकते हैं कि सोशल डिस्टेंस रखते हुए हम एक-दूसरे से भावनात्मक जुड़ाव बढ़ा रही हैं।

क्या है साड़ी चैलेंज : महिलाएं साड़ी में अपनी फाेटाे लेकर साेशल मीडिया पर पाेस्ट कर अपनी सहेलियों काे टेग करते हुए उन्हें भी साड़ी पहने हुए फाेटाे पाेस्ट करने का चैलेंज देती हैं। इसके बाद वाे सहेली भी एेसा कर दूसरी सहेली काे पाेस्ट या स्टेटस लगाने का चैलेंज देती है। इससे ये एक चेन बन जाती है।

कई िरकॉर्ड दर्ज कराए, अब तीरंदाजी में हाथ आजमा रही है दीक्षा, लक्ष्य- नेशनल टूर्नामेंट

भास्कर न्यूज |खेरवाड़ा

खेरवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र के झूंथरी की रहने वाली 15 वर्षीय दीक्षा जोशी ने इन दिनों लॉकडाउन के चलते अपने घर काे ही तीरंदाजी रेंज बना लिया है। दीक्षा घर पर ही इंडियन राउंड से तीरंदाजी की प्रैक्टिस कर रही हैं। दीक्षा सितंबर माह में स्कूल्स एंड गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय स्तर हाेने वाली प्रतियाेगिता की तैयारी कर रही हैं। दीक्षा का लक्ष्य है कि वह रिकर्व धनुष से खेलते हुए ओलंपिक में भारत के लिए खेले। दीक्षा बताती हैं कि लॉकडाउन का समय अपने आप को ज्यादा क्रिएटिव रखने अाैर अपने लक्ष्य के लिए पूरा समय देने का अच्छा अवसर है। दीक्षा कहती हैं कि ये वाे समय है जब अाप अपनी एकाग्रता अाैर आत्मविश्वास का बेहतरीन परीक्षण कर सकते हैं। दीक्षा कहती हैं कि वाे इस समय में खुद काे अाने वाली चुनाैती के लिए तैयार करना चाहती हैं।

दीक्षा प्रदेश स्तर पर अपने खेल काैशल का लाेहा मनवा चुकी हैं। दीक्षा जोशी कोच भगवती लाल गरासिया से ट्रेनिंग लेती हैं। 2018 में उदयपुर के नाई अाैर 2019 में उदयपुर के ईंटाली में स्कूल्स एंड गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की जिला स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में इंडियन राउंड में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। साथ ही रिकर्व अाैर फीटा राउंड ऑलओवर में श्रेष्ठ तीरंदाज का पुरस्कर भी दीक्षा हासिल कर चुकी हैं। 2018 में धाेलपुर अाैर 2019 में सिरोही में राज्य स्तर पर खेलते हुए दीक्षा दोनों साल राष्ट्रीय स्तर की टॉप-8 कैम्प टीम में भी चयनित हाे चुकी हैं।

कई क्षेत्राें मंे माहिर है दीक्षा

दीक्षा खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी काफी तेज हैं। वहीं अन्य कई गतिविधियाें में भी दीक्षा अागे रहती है। दीक्षा को अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर तीरंदाजी करने, किताबें पढ़ने अाैर स्केटिंग करने में भी महारथ हासिल है। दीक्षा अब तक इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स, वंडर बुक ऑफ रिकॉर्ड, जीनियस बुक ऑफ रिकॉर्ड, गोल्डन स्टार बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपने रिकाॅर्ड अाैर कारनामे दर्ज करा चुकी है।

उदयपुर, बुधवार, 8 अप्रैल, 2020| 07

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