काम छाेटा-बड़ा नहीं हाेता, जी-जान से लगने वाला ही सफल: कटारिया

3 वर्ष पहले
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उदयपुर | लंबे समय तक जनसेवा करने अाैर संघ से जुड़े रहकर संघ के कार्याें काे विस्तार देने में सहयाेगी 17 प्रबुद्धजनों का रविवार काे टाउनहॉल स्थित सुखाड़िया रंगमंच पर सम्मान किया गया। सुंदरसिंह भंडारी चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रदेश स्तरीय समारोह में एेसे लाेग भी सम्मानित हुए जाे लंबे समय तक पुलिस अाैर प्रशासनिक सेवा में भी रह चुके हैं। ट्रस्ट के अध्यक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि काम काेई छाेटा-बड़ा नहीं हाेता, जिसकाे जाे काम मिल जाए उसमें लग जाए वही सफल हाेता। संघ से जुड़े स्वयं सेेवक काे यह बात अच्छे से सीखायी जाती है। प्रताप गाैरव केंद्र के निदेशक अाेमजी ने कहा कि संघ के बनाए गए प्रकल्प समाज के विभिन्न वर्गों को राष्ट्रवाद की विचारधारा से जोड़ते हुए समाज में जन जागरण का कार्य कर रहे हैं। भाजपा के शहर जिलाध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली, सांसद कनकमल कटारा,मेयर चंद्रसिंह काेठारी, विधायक फूलसिंह मीणा,प्रताप भील, बाबूलाल खराड़ी, ट्रस्टी कुंतीलाल जैन अाैर रजनी डांगी, सहित संघ अाैर भाजपा से जुड़े कई कार्यकर्ता माैजूद थे।

समाराेह में गुलाबचंद कटारिया अाैर पूर्व उपमहापौर महेंद्र सिंह शेखावत की राजनीतिक जुगलबंदी बड़ी चर्चा में रही। शेखावत लंबे समय से कटारिया से राजनीतिक दूरियां बनाकर चल रहे है। यहां तक दाेनाे का अामना सामना हाेने पर भी एक दूसरे से बात करने से कन्नी काटते रहते है। इसी बीच रविवार काे शेखावत ने जब सुखाड़िया रंगमंच में प्रवेश किया अाैर अागे की पंक्ति में अाकर बैठे ताे कार्यकर्ताओं अाैर कटारिया समर्थकाें में हलचल शुरू हाे गई। कुछ देर बाद ही प्रबुद्धजनों के सम्मान के दाैरान जब शिक्षाविद नारायण लाल शर्मा के सम्मान के लिए पूर्व उप महापाैर महेंद्रसिंह शेखावत का नाम पुकारा गया ताे कटारिया अाैर शेखावत की इस राजनीतिक जुगलबंदी काे देख हर काेई हैरान रह गया। समारोह शुरू हाेने तक भी सुखाड़िया रंगमंच की अधिकांश कुर्सियां खाली रहने पर भी कार्यकर्ताओं में सुगबुगाहट रही कि प्रदेश में सरकार बदलने के बाद भंडारी ट्रस्ट का यह पहला बड़ा समारोह है उसमें इतनी कम संख्या कहीं राज जाने का असर ताे नहीं है। हालांकि समारोह जैसे जैसे अागे बढ़ा वैसे वैसे कुछ कुर्सियां अाैर भर जाने से अायाेजकाे ने भी राहत की सांस ली।

इनका हुअा सम्मान : जयपुर के नृसिंह प्रसाद भट्ट, गोविंद प्रसाद अरोड़ा, गोपीनाथ शर्मा, रामलक्ष्मण गुप्ता, शशि मिश्रा, जोधपुर के अजित राज कुम्भट, क्रांति माथुर, लाडनूं के विजयकृष्ण नाहर, चुंडावाड़ा डूंगरपुर के जीवराज खराड़ी, दौसा के बाबूलाल शर्मा, बांसवाड़ा के हरिदास पारिख, डूंगरपुर के रामलाल गरासिया, भीलवाड़ा के महावीर प्रसाद ओझा, उदयपुर के रामकल्याण वशिष्ठ, हीरालाल कटारिया, शांतिलाल चपलोत, नारायणलाल शर्मा ट्रस्ट द्वारा सम्मानित किया गया। भीलवाड़ा के हेमेंद्र सिंह बनेड़ा व्यक्तिगत कारणाें से समारोह में नहीं अा पाये।

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