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सम्यक दर्शन-ज्ञान के लिए आत्मशुद्धि बेहद जरूरी : आचार्य डॉ. शिवमुनि

उदयपुर | पर्युषण पर्व पर शनिवार को जिनालयों और चातुर्मास स्थलों पर जैन आचार्य, मुनियों और साध्वियों ने ज्ञान गंगा...

Danik Bhaskar | Sep 09, 2018, 07:10 AM IST
उदयपुर | पर्युषण पर्व पर शनिवार को जिनालयों और चातुर्मास स्थलों पर जैन आचार्य, मुनियों और साध्वियों ने ज्ञान गंगा बहाई। महाप्रज्ञ विहार में श्रमण संघ के आचार्य डॉ. शिवमुनि ने कहा कि सम्यक दर्शन और ज्ञान पाने के लिए आत्मशुद्धि का होना जरूरी है। आयड़ स्थित ऋषभ भवन में मुनि प्रेमचंद ने कहा कि राग-द्वेष कर्म के मूल हैं। सेक्टर-4 में मुनि शास्त्र तिलक विजय ने श्रावकों को पर्युषण पर्व का महत्व बताया। तेरापंथ भवन में स्वाध्याय पर मनन किया गया। साध्वी गुणमाला ने पंच महाव्रतों की महिमा बताई। आयड़ तीर्थ पर आचार्य यशोभद्र सुरीश्वर ने कहा कि पौषध व्रत हर श्रावक को करना चाहिए। आराधना भवन में पन्यास प्रवर श्रुत तिलक विजय ने संवत्सरी प्रतिक्रमण का फल रहस्य बताया। तेलीवाड़ा के हुमड़ भवन में साधक विशाल ने 14वां उपवास पूरा किया। सोलह करण व्रत की साधना पूरी होने पर रविवार को मेंहदी रस्म होगी और सोमवार को बिंदोली निकालेगा।

तेरापंथ भवन में धर्मसभा में मौजूद श्रावक व श्राविकाएं।