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जिस एमबी अस्पताल से अपहृत हो चुके हैं नवजात, वहां से 21 होमगार्ड हटाए, निजी हाथों में सुरक्षा देने की तैयारी

एमबी अस्पताल और बाल चिकित्सालय में भर्ती और इलाज के लिए आने वाले नवजातों, बच्चों, मरीजों, तीमारदारों, डॉक्टरों आदि...

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2018, 06:52 AM IST
Udaipur - जिस एमबी अस्पताल से अपहृत हो चुके हैं नवजात, वहां से 21 होमगार्ड हटाए, निजी हाथों में सुरक्षा देने की तैयारी
एमबी अस्पताल और बाल चिकित्सालय में भर्ती और इलाज के लिए आने वाले नवजातों, बच्चों, मरीजों, तीमारदारों, डॉक्टरों आदि की सुरक्षा को दरकिनार कर 71 में से 21 होमगार्ड जवानों को 15 दिन से हटा दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा का जिम्मा निजी सुरक्षा एजेंसी को देने की तैयारी कर ली है। वजह सीएम बजट घोषणा में होम गार्ड्स की सैलरी 11 हजार से बढ़ाकर 22 हजार रुपए करना बताया है।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि होमगार्ड जवानों की सैलरी बढ़ाने के फैसले से उसका बजट गड़बड़ा गया है। इसे लेकर प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अब सवाल यह है कि जब मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे उदयपुर के 11 सौ सहित प्रदेश के करीब 28 हजार होम गार्ड्स की सैलरी करीब दोगुनी करने की घोषणा कर चुकी हैं और उन्हें अन्य विभागों से डबल सैलरी दी भी जा रही है तो ऐसे में क्या चिकित्सा शिक्षा प्रशासन एमबी की बजट मांग को ठुकरा सकता है। बता दें, एमबी के बाल चिकित्सालय से मई में दो शिशुओं का अपहरण कर लिया गया थे। रोज औसत 15 हजार लोगों की आवाजाही वाले इस अस्पताल परिसर में डॉक्टर और तीमारदारों के बीच भी जब-तब झड़पें भी होती रहती हैं।

इन मासूमों के अपहरण की कहानियां बता रही हर प्वाइंट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की जरूरत

इसी साल 5 मई को बाल चिकित्सालय से एक महिला 12 घंटे पहले जन्मे नवजात का अपहरण कर ले गई थी। दो घंटे तक पुलिस और अस्पताल प्रशासन बेखबर थे। फिर हरकत में आई पुलिस ने आनन-फानन में पड़ताल शुरू की थी। सुराग से पुलिस सराड़ा के दंपती को पकड़ा था। इनसे नवजात भी मिल गया, जिसे घटना के 15 घंटे बाद रात मां की गोद मिल पाई थी। इससे पहले 19 अप्रैल की रात डेढ़ साल की बच्ची को बाल चिकित्सालय की नर्सरी से कोई महिला उठा ले गई थी। इस बच्ची को थाना हाथीपोल पुलिस ने 20 अप्रैल की सुबह बड़गांव की मनोहरपुरा कच्ची बस्ती में एक महिला से बरामद किया था। इससे पूर्व जून 2015 में भी जनाना अस्पताल परिसर स्थित एनआईसीयू में भर्ती नवजात बच्ची को कोई उठा ले गया था।

भास्कर स्टिंग के बाद हुआ है निगरानी में सुधार

मई में बाल चिकित्सालय से नवजात के अपहरण के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं की हकीकत बताते हुए भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन का जबर्दस्त असर हुआ। बाल चिकित्सालय में तो सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद हुई ही, जनाना और एमबी अस्पताल के भी हर एंट्री प्वाइंट पर मुस्तैदी रहती है। सुरक्षा गार्ड हर आने-जाने वाले पर न सिर्फ पैनी नजर रख रहे थे, बल्कि लगभग हर आने-जाने वाले को चेक भी कर रहे हैं। बाल चिकित्सालय और जनाना में नवजातों और बच्चों को लाने-ले जाने वालों पर खास नजर रखी जा रही है, लेकिन अब होमगार्ड के 21 प्वाइंट कम करने से सुरक्षा में सेंध का खतरा हो गया है।

हमें इन जवानों की पुरानी सैलरी के हिसाब से ही बजट मिलता है : अधीक्षक


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