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जिन कीमती इंजेक्शन-दवाओं को 12 से 20 डिग्री ठंडक में रखना जरूरी, वे तप रहे 30 डिग्री गर्मी में

रवींद्रनाथ टैगाेर (आरएनटी) मेडिकल कॉलेज के ड्रग वेयर हाउस के अधीन संचालित एमबी अस्पताल के ड्रग स्टोर में रखी...

Danik Bhaskar | Sep 08, 2018, 07:35 AM IST
रवींद्रनाथ टैगाेर (आरएनटी) मेडिकल कॉलेज के ड्रग वेयर हाउस के अधीन संचालित एमबी अस्पताल के ड्रग स्टोर में रखी सैकड़ों तरह की कीमती दवाइयों के खराब होने का खतरा है। कारण यह कि यहां ये दवाइयां खुले आसमान में जमीन पर जहां-तहां पड़ी हैं, जो कई बार 30 से 40 डिग्री तापमान में तपती रहती हैं। जबकि कॉलेज के ही विशेषज्ञ डॉक्टर बताते हैं कि इन दवाइयों के लिए ड्रग स्टोर का तापमान 12 से 20 डिग्री के बीच ही होना चाहिए।

दरअसल, ड्रग स्टोर में सभी दवाइयों की अलग-अलग रैंक निर्धारित है। मानकों के मुताबिक 3 से 5 डिग्री तापमान पर रखी जानी वाली जीवनदायिनी दवाइयां भी मुख्यमंत्री निशुल्क योजना में शामिल हैं, जो एमबी में पहुंचती हैं। ये दवाएं कीमती तो हैं ही, ज्यादा तापमान में रखे रहने की स्थिति में खराब भी हो सकती हैं और मरीज की जान भी ले सकती हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि 2-8 डिग्री तापमान पर रखी जानी वाली दवाएं जरूरत पर ही आरएनटी के वेयर हाउस से निकलवाते हैं। लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी रात में होती है, क्योंकि वेयरहाउस में 2-8 डिग्री पर रखे जाने वाले हीमोफीलिया-ए के फैक्टर-8, हीमोफीलिया-बी के फैक्टर-9 और हीमोफीलिया-7a फैक्टर, इंसुलिन, इमोनोग्लोबिन, फीवा फैक्टर आदि समय पर नहीं मिल पाते हैं। इनकी बाजार में कीमत 10 से 50 हजार रुपए के बीच है।

ड्रग स्टोर में 2-8 डिग्री पर रखे जाने वाले फैक्टर-8, 9, इंसुलिन, इमोनोग्लोबिन, फीवा फैक्टर के लिए व्यवस्था नहीं, गरीबों की जरुरत की ये दवाएं खराब होने का अंदेशा

वेयरहाउस से ओटी-आईसीयू और वार्ड में पहुंचती हैं 600 तरह की दवाइयां

उदयपुर. आरएनटी के ड्रग वेयर हाउस में 2 से 8 डिग्री तापमान में रखी दवाएं।

किस दवा के लिए चाहिए कितना तापमान

2-8 डिग्री पर रखे जाने वाली दवाएं : फैक्टर-8, फैक्टर-9, फैक्टर 7a, इंसुलिन, इमोनोग्लोबिन, फीवा फैक्टर।

20 डिग्री पर रखी जाने वाली दवाएं : 20 डिग्री पर इंजेक्शन पेरासीटामोल, इंजेक्शन एडीओडाइन, रेमीप्रील, टोर्सिमाइड, क्लोरोक्वीन, ग्लूकोज की बोतलें, एंटीबायटिक एजीथ्रोमाइसिन इत्यादि हैं। जिनके खुले में रहने से प्रभावित होने की पूरी संभावना रहती हैं।


आरएनटी के ड्रग वेयर हाउस से करीब 600 तरह की दवाएं एमबी के स्टोर, टीबी अस्पताल, हिरणमगरी-अंबामाता सेटेलाइट आदि में सप्लाई की जाती हैं। एमबी के स्टोर से ओटी, आईसीयू, वार्ड आदि में पहुंचती हैं। पड़ताल में पता चला है कि बुखार के पेरासीटामोल इंजेक्शन, ब्लड प्रेशर की दवा रेमीप्रील, टोर्सिमाइड, कैल्शियम, हृदयाघात के इंजेक्शन एडीओडाइन, मलेरिया की दवा क्लोरोक्वीन, ग्लूकोज की बोतलें, एंटीबायटिक एजीथ्रोमाइसिन सहित तमाम दवाएं और जरूरी उपकरण खुले आसमान में पड़े रहते हैं। हालात पर भास्कर ने सवाल किया तो एमबी अस्पताल अधीक्षक ने कहा कि कम तापमान की जरूरत वाली दवाइयां जरूरत पर ही वेयर हाउस से निकलवाते हैं। फिर भी समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ही ड्रग स्टोर को वातानुकूलित करवाएंगे।

उदयपुर. एमबी के ड्रग स्टोर मे ऐसे रखी रहती हैं दवाएं।

आरएमआरएस के मद से वातानुकूलित कराएंगे ड्रग स्टोर : अधीक्षक