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वीवीपैट के डेमो में बताया, वोट पसंद के उम्मीदवार को ही जा रहा है या नहीं

जिला स्तरीय मतदाता जागरूकता कार्यक्रम शनिवार को मदन मोहन मालवीय आयुर्वेद कॉलेज के सुश्रुत सभागार में हुआ।...

Danik Bhaskar | Sep 09, 2018, 07:11 AM IST
जिला स्तरीय मतदाता जागरूकता कार्यक्रम शनिवार को मदन मोहन मालवीय आयुर्वेद कॉलेज के सुश्रुत सभागार में हुआ। कार्यक्रम संभागीय आयुक्त भवानी सिंह देथा और कलेक्टर बिष्णुचरण मल्लिक की मौजूदगी में हुआ। इसमें जिला यूथ आइकन इंटरनेशनल पावर लिफ्टर माला सुखवाल और उदयपुर की जलपरी गौरवी सिंघवी को बनाया गया।

निर्वाचन आयोग ने पहली बार सुखवाल और सिंघवी सहित नए और पुराने मतदाताओं को ईवीएम-वीवीपैट के जरिए मतदान करने की प्रक्रिया का लाइव डेमो दिया। डेमो में बताया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और मतदाता वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) का उपयोग कर वोट उन्हीं के चुने गए उम्मीदवार को ही जाने पर नजर रख सकते हैं। डेमो में दिखा कि वोट देते वक्त बैलेट यूनिट पर पसंद के उम्मीदवार के नाम/चिह्न के सामने जैसे ही नीला बटन दबाया, उम्मीदवार के नाम/चिह्न के सामने लाल बत्ती जली। प्रिंटर बैलेट पर्ची प्रिंट हुई, इसमें चुने गए उम्मीदवार का क्रमांक और चिह्न अंकित था। इस बैलेट पर्ची को सात सेकंड तक आसानी से देखा भी गया। जो कटकर प्रिंटर के ड्रॉप बॉक्स में चली गई और बीप भी सुनाई दी। प्रिंट शीशे से देखा गया। हालांकि पर्ची नहीं दी जाएगी। संभागीय आयुक्त देथा ने मतदाताओं से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की।

परेशानी पर पीठासीन अधिकारी से मिलें, cVIGIL एप पर भी शिकायत कर सकते हैं

जिला निर्वाचन अधिकारी बिष्णुचरण मल्लिक ने बताया कि मतदान प्रकोष्ठ में प्रवेश करते समय पीठासीन अधिकारी बैलेट यूनिट को मत देने योग्य बनाएगा। बीप की आवाज सुनाई नहीं देने पर पीठासीन अधिकारी से संपर्क करें। इससे पहले प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने कलेक्टर मल्लिक सहित प्रदेशभर के सभी कलेक्टर्स से वीसी के माध्यम से चुनावी तैयारियों की जानकारी ली। एडीएम (प्रशासन) चांदमल वर्मा ने बताया कि चुनाव संबंधी किसी भी गड़बड़ी की शिकायत भारत निर्वाचन आयोग से cVIGIL एप पर भी कर सकते हैं। खास बात यह है कि शिकायत गुमनाम भी की जा सकेगी। शिकायतकर्ता साक्ष्य के तौर पर फोटो और वीडियो भेज सकता है।

डेमो मतदान के तहत वोट देकर प्रिंटेड पर्ची देखतीं माला।

पहचान-पत्र होने पर भी गायब हो जाते हैं नाम, 1 जनवरी 2000 को जन्मे 200 मतदाता सम्मानित

नगर विकास प्रन्यास के विशेषाधिकारी ओपी बुनकर ने कहा कि मतदाता पहचान-पत्र होने के बावजूद कई लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं पाए जाते हैं। ऐसे मतदाता, जिनके पास मतदाता परिचय पत्र हैं, वे चुनाव से पहले एक बार मतदाता सूची में अपना नाम जरूर देख लें ताकि वोट देते वक्त परेशानी नहीं हो। मुख्य आयोजना अधिकारी पुनीत शर्मा ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने शत-प्रतिशत मतदान करने का लक्ष्य दिया है। ऐसे में नए मतदाताओं को प्रेरित करने कई कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में 1 जनवरी 2000 को जन्मे करीब 200 मतदाताओं को कॉफी कप भेंटकर सम्मानित किया गया।