Hindi News »Rajasthan »Udaipurwati» फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज पेश कर चुनाव लड़ा मानोता कलां व गुड़ा सरपंच का निर्वाचन शून्य

फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज पेश कर चुनाव लड़ा मानोता कलां व गुड़ा सरपंच का निर्वाचन शून्य

भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं/गुढ़ागौडज़ी ग्रामीण फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ कर जीती जिले के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 06:55 AM IST

फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज पेश कर चुनाव लड़ा मानोता कलां व गुड़ा सरपंच का निर्वाचन शून्य
भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं/गुढ़ागौडज़ी ग्रामीण

फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ कर जीती जिले के दो महिला सरपंचों को अपनी सरपंची गंवानी पड़ी। न्यायालय ने मानोता कलां सरपंच ललिता देवी एवं गुड़ा सरपंच मुकेश कंवर उर्फ मनेश कंवर का निर्वाचन अवैध व शून्य करार देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से दोनों ग्राम पंचायतों में नए सिरे से सरपंच का चुनाव कराने के आदेश दिए हैं।

मामले के अनुसार मानोता कलां की सुमन मेघवाल ने जिला एवं सत्र न्यायालय में 3 मार्च 2015 को याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सरपंच ललिता देवी ने फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज पेश कर चुनाव लड़ा। न्यायालय में दोनों तरफ से दस्तावेज व साक्ष्य पेश किए गए। सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद जिला न्यायाधीश अशोक कुमार जैन ने ललिता देवी के निर्वाचन को अवैध व शून्य करार दिया। सुमन की ओर से पैरवी एडवोकेट दलीप सिंह करनावत ने की।

इसी तरह उदयपुरवाटी पंचायत समिति के गुड़ा पंचायत की सरपंच मुकेश कंवर उर्फ मनेश कंवर के शैक्षणिक योग्यता से संबंधित कागजात को फर्जी मानते हुए उनका सरपंच का निर्वाचन अवैध व शून्य करार दिया गया है। संजू सैनी ने याचिका पेश कर आरोप लगाया था कि सरपंच के चुनाव में नाम निर्देशन के दौरान मुकेश कंवर ने विजय लक्ष्मी विद्या मंदिर बांसेली, जिला अजमेर से आठ उत्तीर्ण करने से संंबंधित टीसी लगाई थी। संजू देवी ने इस टीसी को फर्जी बताया। न्यायालय द्वारा करवाई गई जांच में उक्त नामांक की टीसी किसी मनीष राठौड़ के नाम पाई गई। उसकी जन्म तिथि 10 अप्रैल 1989 दिखाई गई। जांच में सामने आया कि मनीष राठौड़ ने राजकीय माध्यमिक विद्यालय देवनगर, पुष्कर में पहली से पांचवीं तक अध्ययन किया। उसकी जन्म तिथि 8 जुलाई 1987 है। सरपंच के आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं मतदाता सूची में नाम मुकेश कंवर है। न्यायालय ने कई साक्ष्यों को आधार मानते हुए उक्त टीसी को फर्जी करार दिया और जिला निर्वाचन अधिकारी को आदेश देकर सरपंच का पद रिक्त घोषित कर पुन: चुनाव करवाने का आदेश जारी किया। संजू देवी की ओर से एडवोकेट मनोज कुमार शर्मा ने पैरवी की।

संजू के ससुर पूर्व सरपंच पर हुआ था जानलेवा हमला

गुड़ा सरपंच का मामला चर्चित रहा है। संजू के ससुर फूलचंद सैनी ग्राम पंचायत गुड़ा के 2010 से 2015 तक सरपंच रहे। बाद में सरपंच का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के कारण सैनी ने अपनी बहू संजू को मैदान मे उतारा था। संजू चुनाव हार गई। संजू ने मनेश की शैक्षणिक योग्यता को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की। सरपंच मनीश कंवर के परिजन पूर्व सरपंच फूलचंद पर याचिका वापस लेने के लिए धमकी देने लगे। फूलचंद पर 15 मार्च 2015 को कुछ लोगों ने गाड़ी आगे लगा कर जानलेवा हमला भी किया था। इसका मामला दर्ज हुआ था।

मनेश कंवर

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Udaipurwati

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×