Hindi News »Rajasthan »Vijay Nagar» श्रीगंगानगर जिले

श्रीगंगानगर जिले

पाकिस्तान के फोर्टाबाद से 70 साल पहले डाडा पम्माराम की समाधि से लाए थे भभूत, श्रीविजयनगर में बनाया डेरा, अब हर साल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 12, 2018, 07:30 AM IST

पाकिस्तान के फोर्टाबाद से 70 साल पहले डाडा पम्माराम की समाधि से लाए थे भभूत, श्रीविजयनगर में बनाया डेरा, अब हर साल देशभर से पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु


श्रीगंगानगर जिले के श्रीविजयनगर कस्बे में बनी डाडा पम्माराम की समाधि पाकिस्तान के फोर्टाबाद से लाई भभूत पर बनी है। यहां संत डाडा पम्माराम का हर साल सात दिन मेला भरता है। सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक इस मेले में राजस्थान ही नहीं, देश के 10 राज्यों से विभिन्न धर्मों के लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस मेले में आने के पीछे भी एक रोचक कहानी है। दरअसल यहां जो डाडा पम्माराम की समाधि बनी है उनका जन्म बीकानेर के लूणकरणसर कस्बे के कुमाणा गांव में हुआ था। संत प्रवृत्ति के डाडा पम्माराम के दर्शनों को दूर-दराज से श्रद्धालु आते थे जिनमें पाकिस्तान के लोग भी शामिल थे। मान्यता है कि पाकिस्तान से आए लोगों को इतनी दूर आने में परेशानी होती थी इसलिए समाधि से संत डाडा पम्माराम ने हुकुम दिया कि उनकी समाधि पाकिस्तान के फोर्टाबाद में भी बनाई जाए। तब से पाकिस्तान के फोर्टाबाद में संत की समाधि बनी और मेला भरने लगा। भारत-पाक विभाजन के समय कुछ अरोड़ा बिरादरी के लोग पाकिस्तान से भारत आ गए।

ये लोग वहां से संत पम्माराम की समाधि से करीब 70 साल पहले भभूत लेकर आए और यहां श्रीविजयनगर में स्थापित कर उनकी समाधि बना दी। धीरे-धीरे यहां श्रद्धालुओं का तांता लगने लगा और अब लाखों श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। आस्था के प्रतीक इस समाधि स्थल पर राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश व हिमाचल प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों से हिंदू, मुस्लिम, सिख आदि सभी धर्मों को मानने वाले श्रद्धालु यहां आते हैं।

सात दिन चलता है मेला, एक लाख से अधिक श्रद्धालु ग्रहण करते हैं लंगर

संचालक कमेटी के मुताबिक प्रति वर्ष 6 से 12 फरवरी तक चलने वाले मेले में 7 दिन तक संत के नाम से लंगर चलता है। जिसमें एक लाख से अधिक श्रद्धालु प्रसाद के रूप में लंगर ग्रहण करते हैं। इससे पहले मेले के आरंभ के दिन पाठ रखा जाता है व मेला समाप्ति के दिन भोग डाले जाते हैं। मेले कमेटी सदस्यों के अलावा कस्बे के लोग सेवा करते हैं। इस बार के मेले का समापन सोमवार को होगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Vijay Nagar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×