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अस्पताल में 1 डॉक्टर के भरोसे रहे 300 मरीज

एक वर्ष पहले
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शहर के अस्‍पताल में इस समय मौसमी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है। मरीजों की लंबी कतार अस्‍पताल में देखी जा सकती है। ऐसा ही दृश्य गुरुवार को अस्‍पताल में देखा गया। जहां डॉक्टर के कमरों से बाहर तक मरीजों की कतार लगी हुई थी। मरीजों की संख्या बढ़ गई हे परन्तु अस्‍पताल में डॉक्टर कम होते जा रहे हैं।

गुरुवार को एक डॉक्टर के भरोसे तीन सौ से अधिक मरीज़ थे। वही कुछ मरीजों ने डॉक्टर पर ही आरोप जड़ दिया कि वो अपने परिचितों को पहले देख रहे है। जबकि वो काफी देर से कतार में खड़े थे। इस समय मौसम में बदलाव हो रहा है। दिन के समय गर्मी का एहसास हो रहा है तो रात्रि के समय सर्दी का एहसास हो रहा है। ऐसे में मौसमी बीमारियों ने लोगों को जकड़ लिया है। अस्‍पताल में प्रतिदिन लंबी कतारें लगी हुई हैं। जिससे मरीजों को देखने के लिए एक ही डॉक्टर के होने से घंटों कतार में होना पड़ता है।

डॉक्टर ने नहीं देखा, कंपाउंडर ने बिना देखे एक्सरे लिखा

गुरुवार को अस्पताल आए एक मरीज ने आरोप लगाया कि वह लंबे समय तक कतार में खड़ा रहा, लेकिन डॉक्टर कतार वालों को देखने के बजाय अपने मिलने वालों को देखता रहा। जैसे ही उस मरीज का नंबर आया तो उसने मरीज नहीं देखा और पास बैठे कंपाउंडर को देखने के लिए कहा। कंपाउंडर ने बिना जांच पड़ताल के ही एक्सरे लिख दिया। जब मरीज एक्सरे वाले के पास गया तो मरीज से कहा गया कि किस डॉक्टर को दिखाया है, पर्ची में ये तो लिखवाओ कि एक्सरे कहां का करना है। ऐसे में मरीज इधर से उधर घूमता रहा। मरीज का कहना है कि परेशान होकर उसने निजी अस्पताल में उपचार करवाया।

डॉक्टर तो सुबह की पारी में तीन थे, लेकिन डॉक्टर भर्ती मरीजों को देखने गए थे। एक दूसरे कमरे में था। मरीज एक ही डॉक्टर को दिखाना चाहते हैं। इसलिए उनके कमरे में कतार अधिक लग जाती है। अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है। यही कारण है कि मरीजों को रोजाना परेशान होना पड़ रहा है।
-डॉक्टर प्रमोद, प्रभारी, सरकारी अस्पताल

_photocaption_रामगंजमंडी. देख लीजिए हालात, इतनी भीड़ के बाद भी एक ही डॉक्टर देख रहे हैं। कैसे होगा उपचार। *photocaption*
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