प्रदेश में पुलिस पर हमले होना चिन्ताजनक
भारतीय जनता पार्टी जयपुर जिला देहात (उत्तर) के जिलाध्यक्ष रामलाल शर्मा ने गुरूवार को विधानसभा में पर्ची के माध्यम से प्रदेश में संगठित गिरोह द्वारा पुलिस पर हमले होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पुलिस का ध्येय वाक्य है कि अपराधियों में डर और आमजन में विश्वास, लेकिन आज प्रदेश की हालत यह हो गई है कि आमजन पुलिस से डरी हुई है और अपराधी बेखौफ होकर अपने मंसूबों को अंजाम देने का काम कर रहे है। जब पुलिस अवैध शराब को पकड़ने के लिए जाती है, तो पुलिस के उनपर हमला होता है। सांगानेर के अन्दर पुलिस नोटिस लेकर जाती है, तो तामील करने के बजाय उसके उनपर हमला होता है। थाना बड़ौदा मेव के अन्दर पुलिस आरोपियों को पकड़ने जाती है, तो उसके उनपर हमला होता है। आज राजस्थान के अन्दर पुलिस के बारे में धारणा बन चुकी है कि विश्वास खोजती पुलिस, कार्रवाई करने गई पिट कर वापस लौटी, पांच जगह पुलिस के उनपर हमला। पिछले दो-तीन दिनों के अन्दर पुलिस के उनपर हमले हुए है और पुलिस पर आए दिन हमले हो रहे है, मैं चाहता हूं कि इन अपराधियों के अन्दर डर पैदा हो और आमजन के अन्दर विश्वास पैदा हो। इ हमलों के दौरान मेरी विधानसभा के रहने वाले एक पुलिस इंस्पेक्टर मुकेश कानूनगो की वर्ष 2018 के अन्दर आरोपियों से मुठभेड़ के अन्दर हत्या की गई। वर्ष 2018 के बाद आज दिन तक उसकी प|ी को अनुकम्पा नियुक्ति नहीं दी गई और उसको जो विशेष पैकेज दिया गया था, वह भी नहीं मिला।
छात्र लापता, चाची ने करवाई गुमशुदगी दर्ज
चौमू| शहर के रेलवे स्टेशन के पास स्थित मीणा कॉलोनी में रहने वाली एक महिला ने पुलिस थाने में आकर अपने 17 वर्षीय भतीजे के लापता होने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने बताया कि महिला सावित्री देवी प|ी रूपनारायण ने बताया है कि उसका ग्राम स्यान का रहने वाला भतीजा अमित पुत्र मूलचंद बलाई उसके पास मीणा कॉलोनी में रह कर 12 वीं की परीक्षा दे रहा था।