- Hindi News
- National
- Itawah News Rajasthan News Changes In Weather Affect Health People Are Suffering From Diseases
मौसम में बदलाव का असर स्वास्थ्य पर, बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं लोग
क्षेत्र में माैसम में अाए बदलाव से बीमारियाें का प्रकाेप बढ़ गया है। लाेग माैसमी बीमारियाें की चपेट में अा रहे हैं। इससे कस्बे के अस्पताल में मरीजाें की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
अस्पताल में बुखार, गले में दर्द, खांसी-जुकाम और कमजोरी के रोगी अधिक आ रहे हैं। अस्पताल के ओपीडी में आने वाला हर तीसरा मरीज वायरल बुखार, जुकाम की चपेट का आ रहा है। एक बार वायरल होने पर बुखार आैर सर्दी-जुकाम भी जल्दी ठीक नहीं हो रहा है। अस्पताल के आउटडोर में रोजाना 450 से 500 मरीज आ रहे हैं। यही हालत ग्रामीण क्षेत्र की पीएचसी में भी है। अस्पताल खुलते ही ओपीडी में मरीजों की भीड़ लग जाती है। डाॅक्टर्स का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान बीमार होने से बचना है तो हाथों की साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें। ऐसे व्यक्ति जिन्हें वायरल हो रखा हो उनसे दूर ही रहे। सीएससी प्रभारी डॉ. जयकिशन मीणा व डॉ. आरसी मीणा ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को 48 घंटे से ज्यादा समय तक बुखार और गले में दर्द रहता है तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। मौसम में हो रहे बदलाव, दिन और रात के तापमान में बहुत ज्यादा अंतर की वजह से वायरस और बैक्टीरिया का ग्रोथ तेजी से होता है। जिससे एलर्जी और सांस से जुड़ी बीमारियां फैलती है।
तरल व गर्म पदार्थ का सेवन करना है लाभदायक
डॉ. आरसी मीना ने बताया कि वायरल फीवर का इलाज लक्षणों के आधार पर किया जाता है। बुखार के लिए पेरासिटामोल का प्रयोग करें। गीले कपड़े से रोगी के शरीर को पाेछे। तरल पदार्थ जैसे पानी, सूप, चाय, नारियल पानी और दाल का पानी रोगी को पर्याप्त मात्रा में दें। एंटीबायोटिक का प्रयोग डॉक्टर की सलाह के बगैर न करें। वायरल संक्रमण सप्ताह में स्वत: ठीक हो जाता है। उन्हाेंने वायरल से संक्रमित लोगों से दूर रहने की सलाह दी है। ताकि बीमारी से बचा जा सके।
आयुर्वेदिक काढ़ा भी है कारगर
आयुष डॉक्टर बालाप्रसाद ने बताया कि इम्युनिटी बढ़ाने के लिए घर पर आयुर्वेदिक काढ़ा बना सकते हैं। एक लीटर पानी में कुटी हुई सोंठ, तुलसी की पत्तियां, गिलोय, चिरायता, नीम और पपीते के पत्तों को डालकर उबाले। एक चौथाई रह जाने पर हटा लें। इसे हल्का गुनगुना करके पीने से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। इसे दिन में तीन-चार बार जरूर लें। एक मुट्ठी तुलसी के पत्तों और एक चम्मच लाेंग पाउडर को एक लीटर पानी में उबालकर रख लें। इस पानी को हर 2 घंटे के अंतराल पर ले ताे माैसमी बीमारियाें से बचाव हाे सकता है।
इटावा. अस्पताल में मौसमी बीमारियों के बढ़ने से लगी मरीजों की कतार।