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फर्जी फर्म से नशे का व्यापार करने वाले गिरोह का मुख्य सरगना गिरफ्तार

एक वर्ष पहले
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कोटपूतली पुलिस ने शुक्रवार को करोड़ों रूप की नशीली दवाईयों के कारोबार के मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में कामयाबी हांसिल की है। ज्ञात हो कि 4 मार्च को कोटपूतली व सरूंड पुलिस ने मेडिकल स्टोर की आड़ मे पिछले 10 सा लो से अवैध नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो व्यापारि यो को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 3 करोड से अधिक की नशीली दवा बरामद की थी। ये व्यापारी बिना लाईसेंस एवं बिना चिकित्सीय परामर्श के नशीली दवाएं बेचकर युवा पीढी, विद्यार्थी, वाहन चा लको के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते उन्हें नशे की आदत डाल रहे थे। कोटपूतली एसएचओ नरेन्द्र कुमार ने बताया कि मुख्य सरगना विनोद कुमार जयपुर के मानसरोवर कॉलोनी निवासी विनोद कुमार सांता ने पूर्व में चीन में एलईडी लाई टो के कमिशन एजेंट के रूप में कार्य करता था। 2017 में प|ी से तलाक के पश्चात वह मालपुरा टोंक से जयपुर आ गया। और अपने रिश्तेदार की मेडिकल की दुकान पर काम करते हुए मेडिसिन की जानकारी प्राप्त कर स्वयं के नाम की फर्म एसएसटी फॉर्मा खोलकर नशीले काराबारा का व्यापार करने लगा। उक्त फर्म पर ज्यादा काराबारा होने से ओषध विभाग की नज रो से बचने के लिए दो अन्य फर्जी फर्में खोल ली। उक्त फर्मा के नाम पर ड्रग्स उत्पादन कंपनियों से दवाइयां मंगवाकर आगे फर्जी फर्म से फर्जी बिल जारी कर ट्रांसपोट्र्स के माध्यम से कोटपूतली निवासी डीलर बजरंग लाल गुप्ता को नशीली दवाइयां सप्लाई करने लगा। लोकल डीलर बजरंग लाल मेडिकल शॉप की आड़ में नशीली दवाइयां बेचने लगा।

मिलता था मोटा मुनाफा

एसएचओ ने बताया कि वर्ष 2018 में भारत सरकार द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार ट्रोमाडोल सॉल्टर से युक्त दवाईयों के खुले बेचान पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उक्त दवाइयां नशे के रूप में युवाओं एवं वाहन चा लको द्वारा उपयोग में ली जाने पर ज्यादा खपत एवं अच्छा मुनाफे का सैद साबित हो रहा था। पूछताछ के दौरान सामने आया कि एक कार्टून ट्रोमाडोल सॉल्टर की बिक जाने पर व्यापारी को 70 से 80 हजार रूप मुनाफा मिलता था।

बैंक में राशि जमा कराने की पर्ची के अाधार पर मुख्य सरगना तक पहुंची पुलिस


मुख्य सरगना आरोपी विनोद कुमार सांता नी इतना चालाक था कि उसकी कॉल डीटेल किसी के पकड मे नही आए इसलिए वह इस नशीली दवा के व्यापारियों से केवल वहशीपन कॉल ही करता था। एसएचओ ने बताया कि अनुसंधान के दौरान आरोपी लोकल डीलर बजरंग लाल गुप्ता से एक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा कोटपूतली में नकद राशि जमा कराने की पर्ची पर मिले खाता संख्या के आधार पर पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंची। एसएचओ नरेन्द्र कुमार ने बताया कि 4 मार्च की रात्रि को मुखबीर की सूचना के आधार पर पुलिस ने बजरंगलाल महाजन व सरूंड पुलिस ने रघुनाथपुरा मे श्याम मेडिकल स्टोर पर औषधि नियंत्रण संगठन टीम को साथ लेकर दबिश देते हुए नशीली दवाइयाँ के 1 लाख 87 हजार टेबलेट व कैप्सूल, 183 सिरप व 10 इंजेक्शन बरामद करते हुए कस्बा के बागवान कालोनी निवासी बजरंगलाल महाजन व उसके पुत्र हंसराज महाजन को गिरफ्तार किया था। डीएसपी दिनेश यादव ने बताया कि ये व्यापारी पिछले 10 वर्षों से नशीली दवाई यो का कारोबार करते हुए करोड़ों रूप कमा रहे थे। इन नशीली दवाई यो की केवल एक गोली के सेवन से ही युवा कम से कम 12 घंटे तक नशे की हालत मे मदहोश स्थिति मे चला जाता है । वाहन चा लको द्वारा इन नशीली दवाई यो के सेवन से कई बार हाईवे पर गंभीर सडक दुर्घटनाएं भी घटित हुई है। इससे पहले भी पुलिस ने 30 नवंबर 2019 को कंवरपुरा के पास एक ढाबे पर भी अवैध पोस्त, डोडा, अफीम का दूध जब्त किया था।

पुलिस गिरफ्त में आरोपित।
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