शाहपुरा में बैग खराब होने से खाली नहीं हो पा रहे अर्द्धभूमिगत कचरापात्र

Zila News News - शहर में चार साल पहले लाखों की लागत से तैयार किए गए आधुनिक तकनीकी युक्त दो अर्द्धभूमिगत कचरापात्र सारसंभाल नहीं...

Feb 15, 2020, 11:25 AM IST

शहर में चार साल पहले लाखों की लागत से तैयार किए गए आधुनिक तकनीकी युक्त दो अर्द्धभूमिगत कचरापात्र सारसंभाल नहीं होने के कारण पिछले 20 दिन से खराब हो चुके है। जिसके वजह से इनका कचरा खाली नहीं हो पा रहा है। ऐसे कचरापात्र जयपुर जिले में शाहपुरा में ही तैयार किए गए थे।

जानकारी के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को कचरामुक्त बनाने के लिए 2016 में नगरपालिका प्रशासन ने जागृति फाउंडेशन अजमेर के तकनीकी सहयोग से फिनलैंड की मोलोह कंपनी द्वारा करीब 8 लाख की लागत से शहर के प्रधान डाकघर के पास तथा दूसरा डाक बंगला के बाहर आधुनिक तकनीकीयुक्त अर्द्धभूमिगत कचरा पात्र तैयार करवाए गए थे। यह कचरापात्र पूरी तरह जमीन में समाहित है, केवल कचरा डालने के लिए ऊपर बॉक्स लगा हुआ है, जिसका ढंक्कन खोलकर उसमें कचरा डालकर वापस बंद कर दिया जाता है। कचरापात्र की देखभाल एवं भरने के बाद खाली का कार्य नगरपालिका के जिम्मे है।

अव्यवस्था } 20 दिन से कचरापात्रों के पास गंदगी का अंबार


डाक बंगला एवं डाकघर के पास में लगे दोनों अर्द्धभूमिगत कचरा पात्र 20 दिन से खाली नहीं हो पाए है। नगरपालिका प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार दोनों ही कचरा पात्रों के बैग खराब हो गए है। जिसकी वजह से इनको खाली करने में दिक्कत आ रही है। सारसंभाल नहीं होने दोनों ही कचरा पात्र के ऊपर के बॉक्स क्षतिग्रस्त हो चुके है तथा इनके बाहर गंदगी भी फैली हुई है।

कर रहे हैं कोशिश


1500 किलोग्राम कचरा एक बार में होता है संग्रहित

अर्द्धभूमिगत कचरा 10 बाई 10 फीट जमीन पर तैयार किया गया था। इसके चारों तरफ जमीन से दो तीन फीट ऊपर चारों तरफ चबूतरा बनाकर टाइल्स लगाई गई थी तथा अत्याधुनिक लुक देने के लिए स्टील की रेलिंग लगाकर बैठने के लिए चेयर भी लगाई गई थी ताकि लोग यहां आराम से बैठकर न्यूज पेपर पढ़ सकें या आराम कर सकें। इसके लिए एक न्यूज बॉक्स भी लगाया गया है। इस कचरा पात्र में कचरा संग्रहित करने के लिए नीचे एक मजबूत बैग लगा हुआ है तथा पानी के लिए एक टब लगा होगा। उक्त बैग में एक बार में डेढ़ टन(1500किलाग्राम) कचरा भर सकता है। जिसमें कचरा कुड के साथ आने वाला पानी अलग से निकलकर टब में भर जाए। भर जाने के बाद क्रेन की मदद से इसमें लगे बैग को बाहर निकालकर ट्रॉली में कचरे को खाली किया जाता है।

पालिका टेंडर करेगी तो
दूसरे बैग लगा देंगे


जागृति फाउंडेशन अजमेर के अनिल त्रिपाठी ने बताया कि अर्द्धभूमिगत कचरापात्र के बैग कांच के टुकड़े डालने के कारण कट गया है। इस बैग में एक बार में डेढ टन कचरा भरा जा सकता है। एक बैग की लगभग सवा लाख की लागत आती है, जो इम्पोर्टेड होता है। अगर शाहपुरा नगरपालिका बैग बदलने के टैंडर कर उनको बुलाएगी तो कचरा पात्र के बैग बदल दिए जाएंगे।

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