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एमटी-3 बाघ अाैर एमटी-4 बाघिन में फाइट; कैमरा ट्रैप में पुष्टि, रणथंभाैर से ट्रेंक्यूलाइज काे पहुंची टीम
मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में कैमरा ट्रैप में एमटी-3 बाघ के एमटी-4 बाघिन के फाइट में चाेट अाने के बाद ट्रेंक्यूलाइज कर ट्रीटमेंट के लिए रणथंभाैर टाइगर रिजर्व से वैटरनरी टीम दरा पहुंची। यहां टीम ने एमटी-3 बाघ काे ट्रेंक्यूलाइज के प्रयास किए लेकिन, सफलता नहीं मिली। साेमवार काे टीम द्वारा ट्रेंक्यूलाइज हाेने के बाद इसके ट्रीटमेंट के लिए प्रयास करेंगी।
रणथंभाैर से अाई पांच सदस्य टीम ने यहां सर्चिंग अाॅपरेशन का प्रयास किया। लेकिन, साइटिंग हाेने के बाद उसे ट्रेंक्यूलाइज नहीं किया जा सका। इसका फ्री जाेन हाेने से विभाग की टीम इसे तलाश नहीं कर सकी है। वहीं, दूसरी अाेर काेटा चिड़ियाघर से इस बाघ काे ट्रेंक्यूलाइज करने के बाद रखने के लिए पिंजरा दरा पहुंचाया जा चुका है। जानकारी के अनुसार इनमें मैटिंग काे लेकर फाइट हाेने की बात सामने अाई है। लेकिन, अधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हाे सकी है।
भास्कर नाॅलेज: कीड़े पड़ने की अधिक संभावना
एक्सपर्ट के अनुसार बाघ-बाघिन में जख्म हाेने के 24 घंटे में ट्रीटमेंट नहीं मिले ताे उनमें कीड़े पड़ने की अधिक संभावना है। वहीं गर्मी अधिक हाेने पर कीड़े जल्दी पड़ने की संभावना अधिक रहती है। इसके अलावा मुंह के पास वाले हिस्से में घाव यानी मांस वाले हिस्से में घाव हाेने से इसका असर ब्रेन तक भी पहुंच सकता है। जिससे की सैप्टीसिमिया जैसी गंभीर बीमारी तक हाे सकती है। एेसे में जल्द ट्रीटमेंट ही इसका बेहतर समाधान है।
मुंह के पास हुअा घाव, ट्रेंक्युलाइज के प्रयास
जानकारी के अनुसार मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शनिवार काे मुंह के पास यानी गाल वाले हिस्से के पास बाघ-बाघिन के बीच घाव हुअा है। कैमरा ट्रेप में घाव की पुष्टि हाेने के बाद विभाग ने रणथंभाैर टाइगर रिजर्व से सीनियर वैटरनरी डाॅ. राजीव गर्ग की टीम काे तत्काल बुलवाया। यहां पांच सदस्य टीम के साथ पहुंचे अाैर देर शाम तक इसे ट्रेंक्यूलाइज के प्रयास किए। लेकिन, सफलता नहीं मिली। अब सोमवार को आगे के प्रयास किए जाएंगे। उच्चाधिकारियों से भी निर्देश मांगे गए हैं।
बाघ के ट्रीटमेंट काे लेकर विभाग काे जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। घाव हाेना बाघाें के लिए गंभीर है।
-तपेश्वर सिंह भाटी, सदस्य, लाेकल एडवाइजरी कमेटी, मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व
मुकंदरा क भविष्य काे लेकर उच्चाधिकारी गंभीर नहीं
भास्कर ने मुकंदरा में बाघाें से लेेकर यहां की स्थिति काे लेकर चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन अरिदंम ताेमर से संपर्क किया ताे रिप्लाइज नहीं मिला। एेसे में मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व काे घाेषित हुए सात साल बाद भी अभी तक यहां बाघाें काे लेकर विभाग की प्लानिंग तक नहीं बनी है। जानकारी के अनुसार उच्चाधिकारी भी इस मामले में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। जबकि चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने रविवार काे दाैरा किया है। लेकिन, यहां मुकंदरा में एमटी-3 बाघ अाैर एमटी-4 बाघिन साथ-साथ है। यहां एमटी-4 के शावक देने की पुष्टि के बाद अभी तक यहां रणथंभाैर से बाघाें काे लेकर किसी भी तरह का निर्णय तक नहीं लिया गया है। जबकि यहां सेल्जर में बाघ लाने के लिए लंबे समय से एनक्लाेजर बनकर तैयार है। यहां प्रे-बेस भी पर्याप्त है।
एमटी-3 बाघ के घाव हाेने पर ट्रेंक्यूलाइज के लिए चिड़ियाघर से पिंजरा भिजवाते हुए।
टीम प्राेटाेकाॅल के अनुसार वर्क कर रही है: मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अानंद माेहन ने बताया कि एमटी-3 बाघ के मुंह के बाहर चाेट है। अभी यह मूव कर रहा है। टीम प्राेटाेकाॅल के अनुसार वर्क कर रही है। रणथंभाैर से टीम काे बुलवाया है। एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। अभी ट्रेंक्यूलाइज से दूर है।
पहले भी हाे चुकी है मुंकदरा में बाघ-बाघिन में फाइट की स्थिति: मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में 28 जनवरी 2019 काे एमटी-2 बाघिन के मैटिंग के दाैरान तीन घाव हाे गए थे। इसके बाद एमटी-1 बाघ अाैर एमटी-2 बाघिन काे अलग किया था। बाघिन का अाॅपरेशन इसके घावाें में से 25 कीड़े निकाले थे। जाे 6 से 8 एम एम के थे। इसके बाद 28 मार्च 2019 काे दुबारा एमटी-1 के साथ छाेड़ा गया था।
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