कृषि-मंडी शुल्क के चक्कर में सरकार को लगा चूना
खाद्य पदार्थ व्यापार महासंघ रामगंजमंडी के पदाधिकारियों ने कृषि उपज मंडी शुल्क की विसंगतियां दूर करने को लेकर एसडीएम काे मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि प्रदेश में शक्कर पर 1.60 कृषि मंडी टैक्स लगा हुआ है, जो व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात का काम कर रहा है।
व्यापारियों ने कहा कि शक्कर एक औद्योगिक उत्पाद है न कि कृषि उपज, ऐसे में यह गलत है। वहीं, सरकार को 5 गुना जीएसटी का नुकसान भी हो रहा है। ज्ञापन में कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में कृषि मंडी टैक्स नहीं होते हैं। ऐसे में वहां शक्कर राजस्थान के मुकाबले सस्ती बिकती है। यही कारण है कि कई व्यापारी पड़ोसी राज्यों से शक्कर लाकर खुदरा व्यापारियों को भेज रहे हैं। ऐसे में स्थानीय व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसका खामियाजा राज्य सरकार को भी राजस्व के रूप में उठाना पड़ रहा है।
समस्या पर ध्यान दीजिए
ज्ञापन में कहा कि 65 लाख रुपए कृषि मंडी शुल्क के चक्कर में सरकार को 300 करोड जीएसटी का नुकसान होता है। बद्रीलाल पोरवाल, जगदीश गांधी, सतीष झड़िया, भरत जोशी, सोनू मालव, चेतन जैन, धर्मेश जैन, आलोक गर्ग, अंकित जैन मौजूद रहे।
रामगंजमंडी. खाद्य पदार्थ व्यापार महासंघ की ओर से ज्ञापन दिया।