जटवाड़ा में कर्मचारियों के अभाव में 2 माह से स्वास्थ्य कल्याण केंद्र पर लटका ताला

Zila News News - एक ओर सरकार गांव में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था का दावा कर रही है, वही हकीकत में गांवों में चिकित्सा के नाम पर मरीजों...

Dec 04, 2019, 08:12 AM IST
एक ओर सरकार गांव में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था का दावा कर रही है, वही हकीकत में गांवों में चिकित्सा के नाम पर मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। चिकित्सा जैसी बुनियादी सेवाएं भी ग्रामीणों को नसीब नहीं हो पा रही है।

पंचायत मुख्यालय स्थित उपस्वास्थ्य केंद्रों के हालात सबसे ज्यादा खराब है। अधिकतर केंद्रों पर एएनएम का पद रिक्त है तो कही भवन जर्जर अवस्था में है। इन हालातों का फायदा गांवों में दुकानें खोलकर बैठे झोलाछाप उठा रहे हैं। कस्बे समेत आसपास के गांवों में दर्जनभर से अधिक झोलाछाप है। चिकित्सा विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं होने से इनके हौसले बुलंद हैं जिसके चलते वे ग्रामीणों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।

टहटडा ग्राम पंचायत के झाझवाड़ गांव स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बांसखो या बस्सी जाना पड़ रहा है। बड़वा में 10 दिन पूर्व डेंगू का पॉजिटिव मरीज मिला है, लेकिन यहां स्वास्थ्य कल्याण केंद्र के बंद रहने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एएनएम गुलाब सैनी प्रसूति अवकाश पर चल रही है वही सामुदायिक स्वास्थ्य कल्याण केंद्र के दीपककुमार शर्मा का स्थानांतरण होने के बाद से यह स्वास्थ्य कल्याण केंद्र गत 2 माह से बंद पड़ा है। इससे मरीज झोलाछापों के पास इलाज लेने के लिए मजबूर है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा समस्या के प्रति बेरुखी होने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने ब्लाक सीएमएचओ से जल्द स्वास्थ्य कल्याण केंद्र को खुलवाकर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों पर ये होती है सुविधाएं

स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों पर प्रसव पूर्व देखभाल, प्रसव, प्रजनन एवं परिवार कल्याण सेवाएं, नवजात व शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, योग एवं स्वास्थ्य में बढ़ावा, मानसिक स्वास्थ्य सेवा, सामान्य बाह्य रोगी देखभाल, संक्रामक व गैर संक्रामक रोग प्रबंधन, आंख-कान-नाक-गला व मुख स्वास्थ्य सेवा, नि:शुल्क आवश्यक औषधि व जांच, आपातकालीन चिकित्सा तथा इलेक्ट्रोनिक स्वास्थ्य रिकार्ड जैसी सेवाएं उपलब्ध रहती है।

बड़वा नाम की ही आदर्श पीएचसी

एक और जहां राज्य सरकार आदर्श पीएचसी योजना के तहत हर ब्लॉक में 2-2 पीएचसी और जोड़ने जा रही है वही दूसरी ओर बड़वा पीएचसी में उल्टा काम हो रहा है जिससे जनता में आक्रोश है। जानकारी के अनुसार 15 अगस्त 2016 को राज्य सरकार ने बड़वा पीएचसी को आदर्श बना दिया मगर आज तक भी आदर्श पीएचसी पर मेल नर्स फर्स्ट, मेल नर्स सेकंड, लैब टेक्नीशियन, आयुष कंपाउंडर, लेखाकार, एएनएम की पोस्ट रिक्त होने के कारण जिसका खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस कारण बड़वा, टहटडा, पड़ासोली ग्राम पंचायतों के लोगों को सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

जल्द कर्मचारी लगाएंगे


जटवाडा | स्वास्थ्य कल्याण केंद्र पर लटका है ताला।

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