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भागवत कथा सुनने से जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन: राजेंद्रदास
भास्कर न्यूज | सुल्तानपुर
नगर में शनिवार काे श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व कलशयात्रा निकाली गई। कलशयात्रा का नगर में जगह-जगह स्वागत किया गया। इसके बाद भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।
श्री गोपाल गोशाला में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ पर कलशयात्रा विजय हनुमान मंदिर मंडी गेट से शुरू हुई। यह पुलिया से विद्यापीठ, भोरा तिराहे होते हुए कथास्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। कलशयात्रा का नगर में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। मित्तल परिवार, खंडेलवाल समाज, धाकड़ विकास समिति, माली समाज व भोरा तिराहे पर ग्राम पंचायत की ओर से कलशयात्रा का स्वागत किया गया।
स्वागत करने वालों में उपसरपंच विजेंद्र सैनी, पूर्व उपसरपंच विनीत शर्मा, शुभम मित्तल, दयाकिशन, वार्ड पंच रवि शर्मा, शंकर गुर्जर, डॉ. विपिन योगी, विकास खंडेलवाल, नूतन खंडेलवाल, जुगल किशोर शर्मा, कपिल शर्मा, दीपक सेन शामिल थे।
गाेशाला में शुरू हुई भागवत कथा में पहले दिन जगद्गुरु द्वाराचार्य मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के जीवन में सुखों का संचय करने वाली होती है। पूरे मनोयोग के साथ कथा श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन हो सकते हैं। भागवत में तमाम एेसी कथाएं हैं जो हमें प्रेरणा देती है और कलयुग में जीवन को कलात्मक ढंग से जीने का मार्ग प्रशस्त करती है। मानव जन्म पाकर मनुष्य अमृत पी ले और उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं हो तो उस अमृत पीने का कोई लाभ नहीं है। राहु ने भी अमृत पिया और अमर हो गए, लेकिन उसके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं होने के कारण उसे कोई लाभ नहीं मिला। वहीं धुंधकारी जैसे पापी ने भी कथामृत श्रवण करने मात्र से मोक्ष को प्राप्त किए। कथा संयोजक रमेश खंडेलवाल ने बताया कि 20 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 2.30 बजे से शाम 6 बजे भागवत वाचन हाेगा।
भागवत कथा कल्पवृक्ष के समान: कौशिक
इटावा. कस्बे में शनिवार से भागवत कथा शुरू हुई। इससे पहले कलशयात्रा निकाली गई। कलशयात्रा का कस्बे में कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
कलशयात्रा के बाद शुरू हुई भागवत कथा में आचार्य राघवेंद्र कौशिक ने कहा कि भगवान का अवतार दुष्टों के संहार के लिए, सज्जन व संत की रक्षा के लिए, दुनिया से पाप व अभिशाप मिटाने के लिए होता हैं। भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम, आदर्श पुत्र, आदर्श शिष्य तथा प्रजा वत्सल थे तो भगवान कृष्ण सोलह कला अवतार थे। कौशिक ने कहा कि भागवत कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिसकी छाया में आने से मनुष्य के जन्म जन्मांतर के पापों का नाश हो जाता है। संसार में कथा तो अनंत है, परंतु इस संसार से मुक्ति तो हरि नाम से ही प्राप्त हो सकती है। कथा से पूर्व मुख्य यजमान चंद्रमोहन शर्मा, हरिश शर्मा, राहुल शर्मा, महीन कौशिक, प्रमोद कोठारी, मुकेश शर्मा, धर्मेंद्र तिवारी, ओम अनंत, सत्यनारायण त्रिपाठी, घनश्याम शर्मा, आयुष कोठारी, कुलदीप कोठारी ने भागवत का पूजन किया।
इटावा. भागवत कथा की शुरुआत पर निकली शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु।
सुल्तानपुर. कस्बे में निकली शोभायात्रा में कलश लेकर चलती महिलाएं।