खदानें चालू कराने के लिए सड़क पर उतरे, श्रमिकों को अंतरिम वेतन दो वरना आंदोलन

Zila News News - क्षेत्र की सबसे बड़ी स्टोन कंपनी की खदानों के बंद होने के बाद बेरोजगार हुए श्रमिकों ने मंगलवार को एकजुट होकर मजूदर...

Dec 11, 2019, 10:55 AM IST
R.mandi News - rajasthan news movement on the road to make mines operational give workers interim salary or else movement
क्षेत्र की सबसे बड़ी स्टोन कंपनी की खदानों के बंद होने के बाद बेरोजगार हुए श्रमिकों ने मंगलवार को एकजुट होकर मजूदर नेताओं के साथ विरोध रैली निकाली। खदानें बंद होने के कारण 35 हजार से ज्यादा श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में खदानें चालू करवाने की मांग को लेकर रोजाना प्रदर्शन किए जा रहे हैं। राजस्थान माइंस वर्कर्स यूनियन के सैकड़ों श्रमिको ने शहर में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम चिमनलाल मीणा को ज्ञापन सौंपा।

यूनियन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द कोई हल नहीं निकला तो मजदूरों का परिवार भूखे मर जाएगा। अभी से मजूदरों के घरों में खाने के लाले पड़ने लगे हैं। बड़ी संख्या में मजदूर क्षेत्र छोड़कर दूसरी जगह जाने की बात कह रहे हैं। हजारों लोगों के जीवन के लिए क्षेत्र की खदानें चालू करना जरूरी है। ज्ञापन में चेतावनी देते हुए कहा कि मजदूरों की रोजी-रोटी से खिलवाड़ किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ये आंदोलन राजनीति से अलग और क्षेत्र के विकास के लिए होगा।

रामगंजमंडी. रैली निकालने के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते मजदूर नेता मुकेश गालव।

रामगंजमंडी. प्रदर्शन के बाद ज्ञापन देते श्रमिक-पदाधिकारी।

अधिकारी-कर्मचारियों का नहीं रुका वेतन

मुकेश गालव ने कहा कि भी कहा कि एसएसआई कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी रोजाना काम पर आ रहे हैं। उनका कोई वेतन नही रोका गया है फिर श्रमिकों का वेतन कैसे रोका जा सकता है। कंपनी अपने लाभ के लिए सरकार और विभाग की शर्तों को पूरा नही कर रही है। अगर कंपनी ने समय रहते इन सभी कार्यों को किया होता तो श्रमिकों के सामने भूखे मरने की नौबत नही आती। रैली में श्रमिक नारे लिखी तख्तियां थीं। पुलिस बल भी तैनात रहा।

कंपनी प्रबंधन के खिलाफ भी गुस्सा

रैली में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लिया। श्रमिक सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। श्रमिकों ने नारेबाजी में सरकार और अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, कम्पनी प्रबंधक के खिलाफ भी गुस्सा जाहिर किया। रैली में हिन्द मजदूर सभा की राष्ट्रीय सचिव कामरेड चंपा वर्मा और राजस्थान प्रदेश महामंत्री मुकेश गालव ने कहा कि खदानंे बंद होने का कारण स्टोन कंपनी और स्थानीय प्रशासन हैं। दोनों का आरोप था कि इतनी बड़ी कंपनी ने ऐसी चूक कैसे कर दी कि आज खदानों में सन्नाटा छा गया है। मुकेश गालव और चंपा वर्मा ने कहा कि श्रमिकों को अंतरिम वेतन दिया जाए। पहले हम अधिकारियों का घेराव करेंगे, अगर इससे बात बनी तो वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। दाेनों नेताओं ने स्पष्ट कहा कि वे आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।

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