भात भरण के साथ नानीबाई के मायरे का समापन
इटावा. नानीबाई के मायरे में सजाई झांकी।
इटावा. कस्बे में श्रीकल्याणराय सेवा समिति की ओर से भगवान कल्याणराय बड़ा मंदिर पर चल रहे संगीतमय नानीबाई के मायरे की कथा में अंतिम दिन नानीबाई का भात भरने सहित कई मार्मिक प्रसंगों का वाचन किया गया। इस मौके पर नानीबाई व कृष्ण की आकर्षक झांकी भी सजाई गई। कथा वाचक भवानीशंकर वृंदावनी ने भक्त और भगवान की लीला का वृतांत सुनाते हुए कहा कि नरसीजी को मायरा ले जाने का समय आया तो कहा कि मायरा तो मेरे ठाकुरजी ही भरेंगे। जैसे ही नरसीजी ने उदास होकर ठाकुरजी को याद किया तो ठाकुरजी कच्ची नींद से जाग गए। जब उनकी प|ी रुक्मणि ने ऐसे जागने का कारण पूछा तो ठाकुरजी ने कहा कि मेरा प्रिय भक्त दुखी है और मुझे उसके लिए मायरा लेकर जाना है तो लक्ष्मीजी ने भी साथ जाने के लिए आग्रह किया। भगवान स्वयं सांवरा सेठ तथा लक्ष्मीजी नानीबाई की भाभी के भेष में नानीबाई के ससुराल जूनागढ़ में पहुंचे और मायरा भरा। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर नृत्य किया। समिति अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि कथा के समापन पर भामाशाहों का सम्मान कर प्रसाद वितरित किया गया।