दुविधाओं का नव सृजन समस्याओं का पुनर्गठन

Zila News News - आगामी पंचायतीराज चुनाव से ठीक पहले हुए ग्राम पंचायतों के सीमा निर्धारण और परिसीमन ने ग्रामीणों की जान सांसत में...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:15 AM IST
Bassi News - rajasthan news reconstruction of dilemmas new creation problems
आगामी पंचायतीराज चुनाव से ठीक पहले हुए ग्राम पंचायतों के सीमा निर्धारण और परिसीमन ने ग्रामीणों की जान सांसत में ला दी है। नए प्रस्ताव के अनुसार कई गांवों के लोगों को पंचायत समिति तक पहुंचने में 45 से 53 किमी का सफर तय करना पड़ेगा।

जिला कलेक्टर द्वारा प्रकाशित प्रस्ताव में बस्सी उपखंड में तूंगा के रूप में नई पंचायत समिति के गठन की बात कही गई है। इस नई पंचायत समिति में 35 ग्राम पंचायतें शामिल होगी, जबकि बस्सी में 25 ग्राम पंचायतें रहेगी। इस नए प्रस्ताव के सार्वजनिक होते ही गांवों में इसका विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्ताव तैयार करने में मनमानी की गई है, जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ेगा। प्रस्तावित पंचायत समिति तूंगा में शामिल कई ग्राम पंचायतें उससे काफी दूर है। उदाहरण के लिए बांसखोह क्षेत्र के बोरई निवासी को तूंगा पहुंचने में 50 किमी, पेईपुरा वासी को 53 किमी, पड़ासोली से 45 किमी, बड़वा से 43 किमी, बाला की नांगल से 45 किमी का सफर तय करना पड़ेगा। इसी प्रकार सिन्दोली, खोरी, उगावास, बड़वा, टहटडा, जटवाड़ा, पडासौली, हंसमहल, भटेरी तथा फालियावास ग्राम पंचायतों की दूरी तूंगा मुख्यालय से खासी दूर है। साथ ही इनमें से अधिकांश स्थानों से तूंगा के लिए कोई भी सार्वजनिक यातायात व्यवस्था मौजूद नही है।

प्रशासन द्वारा रामरतनपुरा, कूंथाडा, बैनाड़ा, बुड्थल, रामसर पालावाला, मनोहरपुरा, दुधली, टोडाभाटा, झर, बांसखोह, राजपुरा पातलवास, लालगढ़, हिम्मतपुरा, अणतपुरा, माधोगढ़, दनाऊ, काशीपुरा, मूण्डली, देवगांव, करनगढ़, खतेपुरा, गढ़, पालावाला जाटान, खिजुरिया, पाटन, भूड़ला तथा हंसमहल का पुनर्गठन कर नई पंचायतें बनाई गई है। जिसमे बाद कई गांवों में ये हालात हो गई है कि पड़ोस में बसे दो गांवों के मुख्यालय ही अलग अलग हो गए है। किसी भी राजस्व ग्राम को ग्राम पंचायत का मुख्यालय बनाये जाते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाता है। मसलन वो गांव आबादी की दृष्टि से सबसे बड़ा राजस्व ग्राम हो, उस ग्राम तक आवागमन के पर्याप्त साधन उपलब्ध हो, ग्राम में सरकारी कार्यालयों जैसे पंचायत भवन, राजीव गांधी सेवा केन्द्र, पटवार भवन, किसान सेवा केन्द्र आदि के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो।

पंचायत समिति के प्रस्ताव पर भी रार

जिला कलेक्टर द्वारा प्रस्तावित तूंगा पंचायत समिति के गठन पर भी रार है। दरअसल बस्सी क्षेत्र में बांसखोह एवं तूंगा, दोनों की कस्बों द्वारा पंचायत समिति बनाये जाने की मांग उठाई जा रही थी। इसके लिए दोनों ही जगह समय समय पर धरना, प्रदर्शन एवं बाजार बंद आदि करवाए गए। ऐसे में बांसखोह की अनदेखी कर तूंगा को पंचायत समिति बनाया जाना लोगो को रास नही आ रहा। नव प्रस्तावित तूंगा पंचायत समिति में जोड़े जाने का ग्रामीणों द्वारा बड़े स्तर पर विरोध किया जा रहा है। इसका प्रमुख कारण तूंगा से उनकी दूरी है। साथ ही इन क्षेत्रों से तूंगा के लिए सार्वजनिक यातायात का कोई साधन मौजूद नहीं है। पिछले दिनों में पेईपुरा, खोरी, पड़ासोली, बड़वा, हंसमहल, बिराजपुरा, रामपुरवास, भाजूपुरा, बाला की नांगल, रलावता सहित करीब तीस से अधिक गांव अपना विरोध जता चुके है।

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