ड्रोन कैमरे की मदद से मृत व बीमार पक्षियों की खोज, ट्यूब की नाव से भी किया तलाश

Zila News News - फुलेरा ग्रामीण| साभंर झील मंे मृत व बीमार पक्षियों को ड्रोन कैमरे व ट्यूब से बनी नाव से तलाश करते डब्ल्यूसीओ व वन...

Nov 22, 2019, 10:25 AM IST
फुलेरा ग्रामीण| साभंर झील मंे मृत व बीमार पक्षियों को ड्रोन कैमरे व ट्यूब से बनी नाव से तलाश करते डब्ल्यूसीओ व वन विभाग के अधिकारी।

भा. न्यूज | सांभरलेक ग्रामीण/फुलेर

नमक की सबसे बड़ी खारे पानी की झील में लगातार पक्षियों की मौत का बरेली से मिली रिपोर्ट से खुलासा हुआ है। एवियन बॉटूलिज्म बीमारी से पक्षी मौत के मुंह में समा रहे हैं।

भोपाल लैब से बर्ड फ्लू की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद सरकार ने राहत की सांस ली थी, लेकिन मौत के कारण सामने नहीं आए थे। इसके बाद पक्षियों के मौत के कारणों को जानने के लिए बरेली के आईवीआरआई लैब में जांच रिपोर्ट के लिए सैंपल भेजे गए थे। गुरुवार को मिली रिपोर्ट में पक्षियों की मौत का कारण एवियन बॉटूलिज्म बीमारी होना सामने आया है। पशु चिकित्सक डॉ. अशोक राव व डॉॅ. लेखराज ने बताया कि एवियन बॉटूलिज्म बीमारी से पक्षियों की मौत हुई है। क्लासटेडियम बॉटूलिज्म नाम के जीवाणु से बीमारी होती है। इस जीवाणु के टॉक्सिन छोड़ने पर पक्षी के मांसपेशियों और नर्व पर असर करता है। जिसके कारण पक्षी की गर्दन लटक जाती है और पैरों पर पैरालिटिक अटैक होने लगता है। जिससे पक्षी उड़ नहीं पाता है।

सांभरलेक ग्रामीण| सांभर झील में ड्रोन कैमरे से मृत और घायल पक्षियों पर नजर आने झील में उतरे सिविल डिफेंस जवान।

44 मृत व 34 बीमार पक्षियों को बाहर निकाला

रेस्क्यू टीम में वन विभाग पशुपालन विभाग स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संस्थाएं और सिविल डिफेंस टीम, एसडीआरएफ के जवान शामिल हुए। जिन्होंने गुरुवार को झील क्षेत्र से 44 मृत और 34 जीवित घायल पक्षी रेस्क्यू किए। वन विभाग की डीएफओ डॉ. कविता सिंह ने बताया कि सांभर झील में मृत पक्षियों की तलाश और घायल पक्षियों के रेस्क्यू के लिए शुक्रवार को भी ड्रोन कैमरे और ट्यूब से पानी में उतर कर अभियान जारी रखा जाएगा। इसके लिए पशुपालन विभाग और सिविल डिफेंस टीम के जवान लगातार सहयोग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त शुक्रवार को रतन तालाब के मुख्य सेंटर से मां शाकंभरी मंदिर और झपोक डैम तक और पानी के मध्य सर्चिंग अभियान जारी रहेगा।झील में मृत पक्षियों के साथ-साथ घायल पक्षियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जा रही है।

एसडीआरएफ टीम ने प्रशासन से मांगी मदद

सांभर झील में पक्षियों के लिए राहत कार्य लगातार 10 दिनों से जारी है। जिसमें एसडीआरएफ टीम के जवान राहत कार्य में जुटे हुए है, लेकिन टीम के साथ आए वाहन में डीजल और जवानों के लिए भोजन पानी के साथ साथ रहने के इंतजाम के लिए भी एसडीआरएफ टीम को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए एसडीआरएफ के जवानों ने उपखंड प्रशासन से मदद मांगते हुए उपखंड अधिकारी राजकुमार कस्वा को गुरुवार को अपनी पीड़ा बताई। उपखंड अधिकारी राजकुमार कस्वा ने टीम लीडर को बताया कि टीम के लिए जो भी व्यवस्था चाहिए। उसके लिए मुझे लिखित में देंवे।

रतन तालाब में स्वस्थ हो चुके पक्षियों को किया आजाद

प्रशासन के द्वारा रतन तालाब पर बनाए गए रेस्क्यू सेंटर पर ग्राम काचरोदा नर्सरी से लाए जाने वाले पक्षियों को रखा जा रहा है। जिन्हें प्रशासन की देखरेख में पिंजरे से स्वस्थ होने पर आजाद किया जा रहा है। इस तालाब पर तीन फॉरेस्ट गार्ड पक्षियों की सुरक्षा में ड्यूटी कर रहे है। मृत पक्षी मृत पक्षियों को झील से बाहर निकालने व घायलों को रेस्क्यू करने का अभियान लगातार जारी है।

सांभरलेक ग्रामीण| रेस्क्यू टीम ने बचाया दुर्लभ प्रजाति का पक्षी।

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