शावकाें के लिए अब टीम अलर्ट, कैमरा ट्रैप में नजर नहीं अाए

Zila News News - भास्कर न्यूज|रामगंजमंडी/मोड़क स्टेशन मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में खुशखबरी देने वाली बाघिन एमटी-4 के शावकाें...

Jan 16, 2020, 09:41 AM IST
Modak News - rajasthan news team alert no longer seen in camera trap for shawns
भास्कर न्यूज|रामगंजमंडी/मोड़क स्टेशन

मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में खुशखबरी देने वाली बाघिन एमटी-4 के शावकाें काे लेकर टीमें अलर्ट हाे चुकी है। दाे टीमें यहां अलग-अलग एरिया में तैनात हैं। इसमें एक्सपर्ट भी जुटे हुए हैं।

विभाग की अाेर से शावकाें की सुरक्षा काे देखते हुए रिजर्व की अाेर से एेहतियात बरतना शुरू कर दिया है। यहां कैमरा ट्रैप से लेकर डायरेक्ट साइटिंग में भी शावक नजर नहीं अाए हैं। वहीं, रिजर्व की निगरानी में लगी टीमें बाघिन की सुरक्षा कारणाें के तहत नेचुरल ट्रैकिंग अाैर माॅनिटिरिंग कर रही है। अधिकारियाें का कहना है कि अभी तक शावक नजर नहीं अाए हैं।

रिजर्व की अाेर से पिछले दिनाें एमटी-4 के शावकाें के जन्म दिए जाने की जानकारी के बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था चाैकस कर दी है। साथ ही किसी भी तरह की संदिग्ध स्थिति नजर अाने पर एंटी-पाेचिंग ई-सर्विलांस सिस्टम से चाैकसी के लिए तत्काल अलर्ट कर दिय जाता है। जानकाराें का कहना है कि जल्द शावकाें के नजर अाने की संभावना जताई जा रही है।

तैयारी
लाइन ट्रांजेक्ट एवं साइन सर्वे

मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की अाेर से ट्रेनिंग के बाद दरा, काेलीपुरा, बाेरावास, रावंठा, गागराेन, जवाहर सागर एरिया में लाइन ट्रांजेक्ट एवं साइन सर्वे फिल्ड वर्क शुरू हुअा। रिजर्व में 25 जनवरी तक यह कार्य हाेंगे। इसके बाद 26 जनवरी से डाटा संबंधित फाइनल प्राेसेस हाेगी।

कंक्रीट के जंगल खड़े करने की खुली छूट नहीं हाे

मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के ईको सेंसिटिव जोन का ड्राफ्ट जारी होने के बाद ग्रीन कोर संस्था की अाेर से रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अानंद माेहन को अपने सुझाव को साझा किया है। ग्रीन कोर सचिव डॉ. सुधीर गुप्ता ने रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर आनंद मोहन से मुलाकात कर उन्हें नौ सूत्रीय सुझाव पत्र साैंपा। डाॅ. गुप्ता ने पत्र में बताया गया कि रिजर्व की सीमा के बाहर प्रस्तावित होटल, रिसॉर्ट आदि को पर्यटन के नाम पर कंक्रीट के जंगल खड़े करने की खुली छूट नहीं दी जानी चाहिए। बल्कि इन्हें भी पर्यावरण संतुलन संबंधी नियम कायदों की पालना के लिए पाबंद किया जाए। गुप्ता ने कहा कि रिजर्व की सीमा के बाहर बनने वाले होटल, रिसोर्ट आदि में सोलर ऊर्जा का प्रयोग सुनिश्चित हो। इन इकाइयों में डीजल- जनरेटर प्रतिबंधित होने चाहिए। प्रत्येक इकाई में भूमिगत बिजली केबल बिछाई जाएं ताकि पक्षियों एवं पशुओं को खतरे से बचाया जा सके। सभी इकाइयां स्वयं के जल संसाधन स्थापित करें और जल के रिसाइकल कर उपयोग की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को भी क्षेत्र में सामुदायिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने चाहिए। पत्र में सॉलिड वेस्ट को प्रबंधन एवं बायोमास को खाद में परिवर्तित करने की इकाइयां स्थापित करने की सलाह दी गई है।

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