अंडरपास की मुराद रही अधूरी, लोग बोले- जनहानि के बाद ही चेतेंगे जिम्मेदार अफसर

Zila News News - कस्बे में अंडरपास बनना अब कस्बे की जनता के लिए एक सपना सा साबित हो रहा है। अब तो लोगों के लिए ये अंडरपास महज एक छलावा...

Dec 11, 2019, 10:17 AM IST
Modak News - rajasthan news the wishes of the underpass were incomplete people said only after the loss of life will the responsible officer warn
कस्बे में अंडरपास बनना अब कस्बे की जनता के लिए एक सपना सा साबित हो रहा है। अब तो लोगों के लिए ये अंडरपास महज एक छलावा सा साबित हो रहा है। कस्बे के लोग काफी समय से अंडर पास निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। लेकिन सरकार और अधिकारियों के उदासीनता के चलते मोड़कवासियों की मुराद पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में आमजन में भारी आक्रोश है।

कस्बे के मध्य निकली रेलवे लाइन के कारण कस्बा दो भागों में विभाजित है। कस्बे में दो हिस्सों में बस्तियां बसी हुई हैं। एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन को पार करके जाना पड़ता है। बस्ती के सैकड़ों बच्चे भी रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करके पढ़ने के लिए जाते हैं। इसके बाद भी सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों की आंखें नहीं खुल रही हैं। लोगों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो एक दिन बड़ी जनहानि होगी, इसके बाद हमारी सुध ली जाएगी।

पीड़ा: कई बार प्रदर्शन, फिर भी सुनवाई नहीं

स्थानीय बाशिंदों ने बताया कि हमने अंडरपास निर्माण के लिए दर्जनों बार धरने दिए और प्रदर्शन कर दिए। हमको हर बार सिर्फ आश्वासन के रूप में लॉलीपॉप दे दी जाती है। आश्वासनों की तारीखें निकल जाती हैं और फिर आश्वासन मिल जाता है। यानी कि सभी तरफ से निराशा हाथ लगी है। ऐसे में मोड़कवासी सरकारी तंत्र और अधिकारियों से परेशान हो चुके हैं।

हालात: भाजपा ने राशि दी, कांग्रेस सरकार ने रोक ली

पिछले वर्ष भाजपा सरकार में अंडरपास के लिए राशि स्वीकृत हो गई थी। इसके बाद विधानसभा चुनाव हुए और सरकार बदलकर कांग्रेस की आ गई। सरकार बदलते ही ये मामला फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। क्योंकि राशि भाजपा सरकार ने दी थी, ऐसे में कांग्रेस सरकार ने पिछली सरकार के अंतिम तीन माह की सभी घोषणा को रोक दिया है। जिसके चलते कस्बे में अंडरपास निर्माण सपना रह गया है।

शुरू होने वाला था निर्माण, फिर खुशी को लगा ग्रहण

पिछले वर्ष तत्कालीन विधायक चंद्रकांता मेघवाल के नेतृत्व में 12 अप्रैल को सरपंच ममता मेवाड़ा सहित एक प्रतिनिधि मंडल जयपुर जाकर तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान से मिला था। उस समय मंत्री ने अंडरपास की स्वीकृति को जल्द जारी करवाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद अंडरपास निर्माण शुरू होने की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। इस पर कस्बे में 12 अप्रैल को खुशियां मनाई गई थी। यहां के लोगों की खुशी वर्तमान कांग्रेस सरकार से नहीं देखी गई और अब लोग फिर सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं।

इनका ये है कहना

कस्बे के अंजुमन कमेटी सदर हाजी अब्दुल खालिक, शिव मंदिर अध्यक्ष जुगल मेवाडा, उप सरपंच दशरथ मीणा, वार्ड पंच मेहरूनिशा, घनश्याम माहेश्वरी, अब्दुल खालिद, नईम कुरैशी, विशाल खींची, एसडीपीआई के सरफराज खान का कहना है कि सरकार को कस्बे की इस जटिल समस्या का समाधान जल्द निकालना चाहिय। रेलवे लाइन पार करते समय कभी बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग इसी मार्ग से निकलते हैं। अगर सरकार ने इस समस्या का समाधान नहीं किया तो अब अनिश्चितकालीन आंदोलन होगा।

बारिश में भारी परेशानी

कस्बे में अंडरपास नही होने से सबसे ज़्यादा समस्या उस समय आती है जब जून माह में बरसात का मौसम शुरू हो जाता है। उस समय रेलवे के पुल के नीचे बरसात का अधिक मात्रा में पानी आ जाता है। उसके बाद वाहन चालकों को तीन से चार किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है।

दो हिस्सों में तब्दील हुआ मोड़क स्टेशन

गौरतलब है कि कस्बे में रेलवे द्वारा फाटक बंद कर देने से कस्बा दो हिस्सों में तब्दील हो चुका है। ऐसे में कस्बे के निवासियों को आने-जाने में काफी तकलीफ हो रही है। कस्बे में अंडरपास के निर्माण के लिए धरना और प्रदर्शन भी हो चुके हैं। कस्बे के लोगों ने रेल रोको आंदोलन करने की चेतावनी देने के बाद सरकार के मंत्री ने कस्बे को कुछ आस बंधाई थी, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया।

जनता का दूंगी साथ


अब तो सुन लो सरकार... हमारे मासूब बच्चे यहां से गुजरते हैं

मोड़क स्टेशन. दिल्ली-मुंबई रेलव मार्ग पर इस जगह अंडरपास बनाना है, क्योंकि यहां जनहानि का खतरा है, इसके बाद भी सरकार नहीं सुन रही।

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