--Advertisement--

इनकी शहादत पर हर साल लगता है यहां मेला, जारी हो चुका है डाक टिकट भी

इनकी शहादत पर हर साल लगता है यहां मेला, जारी हो चुका है डाक टिकट भी

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2017, 11:06 AM IST
परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक

गुमला(झारखंड)।  परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की शहादत दिवस पर तीन दिसंबर को उनके गांव जारी ब्लॉक में मेले का आयोजन किया गया है। परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान तीन दिसम्बर 1971 को शहीद हुए थे। मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा सरकार ने इनके सम्मान में साल 2000 में 3 रुपए कीमत के डाक टिकट भी जारी किया था। मेले के आयोजन मौके पर अल्बर्ट एक्का की पत्नी ने कहा- 'सरकार का मुझ पर कोई ध्यान नहीं। मेरा घर किसी भिखारन के घर की तरह हो गया है।' 

 

 

'जो भी सरकार आती है, सिर्फ आश्वासन देती है'
-'उनकी पत्नी बलमदीना एक्का ने कहा कि मेले में नेता, मंत्री, जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी आते हैं और मुझसे पूछते हैं कि सरकार की तरफ से क्या मदद चाहिए।'
-'हर बार उन्हें बताया है कि मेरा घर टूट कर धंस रहा है, जो कभी भी गिर सकता है। मुझे नया घर चाहिए। चैनपुर से जारी तक सड़क काफी जर्जर हालत में है उसका निर्माण होना चाहिए।' 
-'जारी में अस्पताल बनना चाहिए। अब में पैदल नहीं चल पाती हूं ना ही बाइक पर बैठ पाती हूं। परंतु सब सुनकर चले जाते हैं। जो भी सरकार आती है। सिर्फ आश्वासन ही देकर चली जाती हैं।' 
-'मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी नया घर और कब्रिस्तान की घेराबंदी करने की बात कही थी। परंतु अब तक कुछ भी नहीं हुआ। मेरा घर किसी भिखारन के घर की तरह हो गया है।' 

 

हॉकी के भी अच्छे खिलाड़ी थे
-अल्बर्ट एक्का का जन्म 27 दिसंबर 1942 को गुमला जिला के जारी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम जूलियस एक्का और मां का नाम मरियम एक्का है। 
-अल्बर्ट एक्का के पिता जूलियस एक्का भी द्वितीय विश्वयुद्ध के समय सेना में अपनी सेवा दी थी। गरीबी से संघर्ष करते हुए अल्बर्ट एक्का ने प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक विद्यालय सीसी पतराटोली से की थी और माध्यमिक परीक्षा आरसी मिशन मवि भीखमपुर से पास की थी। 
-अल्बर्ट एक्का की इच्छा फौज में जाने की थी, जो दिसंबर 1962 में पूरी हुई। उन्होंने फौज में बिहार रेजिमेंट में अपना काम शुरू किया। 
-बाद में जब 14 गार्ड्स का गठन हुआ तब अल्बर्ट एक्का अपने कुछ साथियों के साथ वहां स्थान्तरित कर दिए गए। अल्बर्ट एक अच्छे यौद्धा तो थे ही, वे हॉकी के भी अच्छे खिलाड़ी थे। 
-अल्बर्ट एक्का ने मात्र बीस वर्ष की आयु में सैनिक जीवन में प्रवेश किया और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही की भूमिका निभाने लगे। इसी बीच 1966 में कुमारी बलमदीना खेस (एक्का) के साथ गिरिजाघर में उनकी शादी हुई थी। 
-युद्ध में उनकी बहादुरी को आज भी याद किया जाता है। उस जंग में अलबर्ट एक्का ने अपने देश के लिए बहुत बड़ा बलिदान दिया था।

 

आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटोज...

 

 

X
परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एकपरमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..