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REET में पॉलिटिकल साइंस की ऐसे करें तैयारी:पहले कॉन्सेप्ट क्लियर करें, फिर चुटकियों में हल होंगे टफ सवाल, नए संशोधन और अपडेट पर करें फोकस, जानें एक्सपर्ट टिप्स

जयपुर3 महीने पहलेलेखक: नीरज शर्मा

REET के SST पेपर में राजनीति विज्ञान स्कोरिंग सब्जेक्ट है। राजनीति विज्ञान पर मजबूत पकड़ के साथ ही राजनीति से जुड़े महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स पर भी अभ्यर्थियों को नजर रखनी चाहिए। प्रतिदिन के राजनीतिक घटनाक्रमों, समाचारों से अपडेट रहना भी जरूरी है। राजनीति विज्ञान एक विस्तृत विषय होने के साथ रोचक सब्जेक्ट भी है। टाइम मैनेजमेंट और रिवीजन का इस विषय में महत्वपूर्ण रोल है। इस सब्जेक्ट से जुड़े कॉमन सवालों के जवाब लेकर दैनिक भास्कर ऐप के माध्यम से जुड़े हैं राजनीति विज्ञान एक्सपर्ट जी.सी. जाखड़।

राजनीति विज्ञान विषय के सिलेबस को अब कैसे कंप्लीट करें?
परीक्षा में अब 29 दिन का समय कम नहीं होता है। एक दिन में 24 घंटे होते हैं। परीक्षार्थी यदि रणनीति बनाकर कोर्स पूरा करें। टाइम मैनेजमेंट करें तो कोर्स कम्प्लीट किया जा सकता है।

पॉलिटिकल साइंस सब्जेक्ट के सिलेबस को कैसे बांटा जाए?
सिलेबस को अंकभार के अनुसार बांटा जाए। रीट लेवल 1 और रीट लेवल 2 में कुछ पार्ट दोनों में कॉमन होता है, जबकि कुछ पार्ट को करंट अफेयर्स के साथ ही पूरा करें।

परीक्षा के हिसाब से सब्जेक्ट के कौन से टॉपिक इंपॉर्टेंट हैं?
संघ सरकार- इसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, पीएम, संसद आते हैं। साथ ही मूल अधिकारों के टॉपिक बहुत महत्वपूर्ण है।

लेवल-1 और लेवल-2 के हिसाब से पॉलिटी सब्जेक्ट में क्या अंतर है?
दोनों के सिलेबस की भिन्नता है। पॉलिटिकल साइंस का सिलेबस लेवल 1 से ज्यादा लेवल 2 में आता है। लेवल 1 में कुछ आसान प्रश्न आते हैं, जबकि लेवल 2 में प्रश्न टफ हो जाते हैं। इसलिए लेवल 2 में गहनता से अध्ययन करना होता है।

पहले कौन से टॉपिक क्लियर करने चाहिए?
संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, संघ सरकार ज्यादातर बच्चों को याद रहता है, इन्हें पहले याद करें। जो समझ में नहीं आ रहा है, उसे बाद में करें। जो नए टॉपिक जुड़े हैं वो भी बाद में पढ़ें।

कोई टॉपिक समझ में नहीं आ रहा, तो क्या किया जाए?
ऐसा कोई टॉपिक नहीं होता है, जो समझ में नहीं आ रहा है। हो सकता है प्रश्न कुछ टफ हो। तो उसे बाद में करें।

एग्जाम क्रैक करने के लिए आपके सब्जेक्ट में कौन से टिप्स आप देना चाहेंगे?
करंट अफेयर से जुड़े हुए कई टॉपिक हैं। जैसे हाल ही में 127 वां संशोधन विधेयक लाया गया है, जो मूल अधिकारों के साथ जुड़ा हुआ है। साथ ही करंट में नये संशोधनों के साथ पूछे जाने वाले प्रश्न होते हैं।

अलग-अलग स्टडी मटेरियल में तथ्यों की भिन्नता हो, तो किसे सही मानें?
सच बात है। मार्केट में कई प्लेटफॉर्म है, इसलिए भिन्नता मिलती है। ऑनलाइन में भी कई प्लेटफॉर्म हैं। इसलिए विद्यार्थियों को ऑथेन्टिक बुक्स का ही सहारा लेना चाहिए।

एनसीईआरटी पढ़ें, बोर्ड की बुक्स पढ़ें या रेफरेंस बुक्स से पढ़ें या फिर ऑनलाइन कोचिंग?
ऑनलाइन कोचिंग एक सहारा है। लेकिन एनसीईआरटी और राजस्थान बोर्ड की बुक्स में तथ्यों की भिन्नता नहीं मिलेगी। डेटा गलत नहीं मिलेगा। परीक्षार्थियों का नुकसान नहीं होगा।

कौन से टॉपिक से कितने नंबर के सवाल निकलते हैं, जिस पर फोकस किया जाए?
सिलेबस को क्वेश्चन वाइज नहीं बांटा गया है। लेकिन संघ सरकार, मौलिक अधिकार से डायरेक्ट प्रश्न पूछे जाते हैं। इनका काफी वेटेज होता है।

मार्केट में उपलब्ध अच्छी बुक्स कौन सी हैं?
मैं टेक्स्ट बुक्स को सबसे बेहतर मानता हूं। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, हिन्दी ग्रन्थ अकादमी और एनसीईआरटी की बुक्स पढ़नी चाहिए।

पुराने पेपर और अलग-अलग कोचिंग की टेस्ट सीरीज कितनी उपयोगी है?
पिछली परीक्षाओं के सॉल्व किए पेपर्स से परीक्षा की रणनीति बनाने में आसानी होती है। टेस्ट सीरीज से भी आसानी होती है। बशर्तें प्रश्न के उत्तर गलत न हों।

ऑनलाइन बनाम ट्रेडिशनल स्टडी, कौन सी बेहतर है?
मेरा मानना है सही जानकारी के लिए ट्रैडिशनल स्टडी को प्राथमिकता दी जाए।

कुछ बच्चे सेल्फ स्टडी करते हैं। कुछ ग्रुप में पढ़ते हैं। कौन सा तरीका अच्छा है?
यह व्यक्तित्व पर निर्भर करता है। कुछ बच्चे सेल्फ स्टडी को प्राथमिकता देते हैं। कुछ ग्रुप में साझा करके अच्छी तरह पढ़ते हैं। इसलिए इसे जनरलाइज नहीं किया जा सकता है।

आपके पास किस तरह की समस्याएं छात्रों से आती हैं?
कई बच्चे कहते हैं मैं चार लोगों से पढ़ता हूं। कई बार अलग-अलग तथ्य बताए जाते हैं। किसकी अध्ययन सामग्री या जानकारी सही मानें। ट्रेडिशनल अध्ययन के साथ अन्य रेफरेंस सामग्री का सहारा लिया जा सकता है, लेकिन ऑथेन्टिक डाटा को ही प्राथमिकता दें।

रीट में टाइम मैनेजमेंट कैसे करें?
प्रैक्टिस पर ध्यान दें। थ्योरी के साथ प्रैक्टिस करने से फायदा होगा।

कई बार घुमा फिराकर एक्जामिनर प्रश्न पूछता है?
यदि गहन अध्ययन किया हुआ है, तो आसानी से प्रश्न का उत्तर दिया जा सकता है।

दैनिक भास्कर ऐप में खास सेक्शन बनाया गया है, जहां पर आपको REET से जुड़ी हर सामग्री मिलेगी। यह खास तौर पर आपके लिए तैयार किया गया है।
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