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REET 2021 में SST-इतिहास की तैयारी:रटने की बजाय उपन्यास की तरह दिमाग में उतारें हिस्ट्री, क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर में करें तैयारी, एक्सपर्ट बनने की जगह सिलेबस के टॉपिक पर करें फोकस

जयपुर5 महीने पहलेलेखक: नीरज शर्मा
रीट 2021 की तैयारी दैनिक भास्कर के साथ

रीट परीक्षा की तैयारी करते समय ध्यान देने की बात यह है कि एसएसटी या सामान्य ज्ञान के पेपर में ‘इतिहास’ विषय का भाग शामिल है। इतिहास का सिलेबस बहुत ज्यादा है। भूतकाल में जो कुछ घट चुका है, सब इतिहास की बात हो गई है। लेकिन फिर भी पाठ्यक्रम के लिहाज से देखा जाए, तो इतिहास का अध्ययन करते समय कुछ बातों पर फोकस करना जरूरी है। सिलेबस को कुछ दिनों में बांटकर प्रतिदिन नियमित रूप से गिनती के टॉपिक्स का अध्ययन करने की जरूरत है। अंतिम एक सप्ताह कोर्स के रिवीजन का जरूर करें। दैनिक भास्कर ऐप पर इतिहास के सहायक प्रोफेसर व इतिहासकार डॉ. जयन्तीलाल खण्डेलवाल दे रहे हैं रीट परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण टिप्स।

आमतौर से स्टूडेंट्स का सोचना है कि इतिहास बहुत ही बोरिंग सब्जेक्ट है और इसका रट्टा लगाना शुरू कर देते हैं। लेकिन इतिहास रटने का विषय नहीं। अच्छे मार्क्स लाने हैं तो दिलचस्पी जगानी चाहिए। थोड़ा सा ध्यान देकर पढ़ेंगे तो इतिहास बड़ा रोचक लगेगा। जो भी घटनाक्रम हुए उपन्यास की तरह दिमाग में उतर जाएंगे।

इतिहास को याद करने का सबसे आसान तरीका

  • हिस्ट्री को क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर में पढ़ना और समझना ही सबसे आसान तरीका है।
  • जैसे- सन् 1800 में कई घटनाक्रम हुए, उन्हें 20वीं शताब्दी के बाद नहीं पहले पढ़ें। जो क्रम बना है, उसी क्रम से पढ़ें।
  • चार्ट तैयार कर आसानी से हिस्ट्री को समझा जा सकता है। अपने हाथ से सरल चार्ट बनाएं, उसके बिंदुओं को लिखते चले जाएं।

समय कम है, ऐसे में रीट की इतिहास विषय में तैयारी कैसे करें ?

ऐसी स्थिति में शुरुआत में नया कुछ भी ना पढ़ें। पहले से जो पढ़ा है, उसे दोहराते हुए आगे बढ़ें। इससे समझ में भी आएगा, आत्मविश्वास बढ़ेगा और याद भी होगा। पुनरावृत्ति का कोई विकल्प नहीं है।

रीट में इतिहास सिलेबस के महत्वपूर्ण टॉपिक कौन-कौन से हैं?

सिलेबस के सभी टॉपिक महत्वपूर्ण है-

  • राजस्थान का इतिहास और संस्कृति में राजस्थान की प्राचीन सभ्यता,1857 की क्रान्ति, प्रजामंडल, एकीकरण, दुर्ग, मेले, चित्रकला, लोक नृत्य, वाद्य यंत्र।
  • भारत का इतिहास में सिंधु सभ्यता, वैदिक सभ्यता, जैन-बौद्ध धर्म, मौर्य, गुप्त वंश, भक्ति,सूफी, समाज और धर्म सुधार आंदोलन, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में से प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
  • इसके अलावा इतिहास से जुड़ी चीजों में कुछ नया खोजा गया हो, कहीं खुदाई हुई हो और वहां से कोई मूर्ति निकली हो, उससे संबंधित प्रश्न भी बनते हैं।

कोई कठिन टॉपिक है, तो क्या करें?

जो टॉपिक कठिन लगे, उसे फिलहाल छोड़ दें, उस पर अटके न रहें। समय हो, तो विषय विशेषज्ञ से उसका समाधान करने की कोशिश करें और आगे बढ़ें।

ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर असमंजस हो, तो क्या करें ?

इसके लिए दो तरीके हैं - मानक पुस्तकों का अध्ययन करें। शैक्षिक रूप से योग्य और अनुभवी शिक्षकों से सही जानकारी प्राप्त करें।

इतिहास की कौनसी पुस्तकें पढ़नी चाहिए ?

इसके लिए सरकारी प्रकाशनों राजस्थान बोर्ड, NCERT और ख्यातनाम लेखकों की पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए।

रीट की गत परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों में एसएसटी इतिहास के प्रश्नों को क्या पढ़ना चाहिए ?

प्रश्न पत्र की प्रकृति और उसके स्तर को समझने के लिए पिछले प्रश्न पत्रों का अध्ययन बहुत ही लाभदायक है, इन्हें अवश्य ही पढ़ें।

पढ़ाई ऑनलाइन करें या ऑफलाइन?

कोरोना महामारी के इस कालखंड में ऑनलाइन क्लास रूम और ऑनलाइन माध्यमों ने पढ़ाई को जारी रखने में काफी मदद की है। लेकिन पढ़ाई का यह स्थायी विकल्प नहीं बन सकता। विद्यार्थी के बहुआयामी विकास और प्रभावी शिक्षण के लिए परम्परागत अध्ययन या ऑफलाइन स्टडी बेहतर विकल्प है।

विद्यार्थी इतिहास विषय में किस तरह की समस्याएं लेकर आते हैं?

एक समस्या सबसे बड़ी और समान है। विद्यार्थी पूछते हैं कि गुरूजी! हम क्या पढ़ें, कैसे पढ़ें, कितना पढ़ें, किससे पढ़ें, उसे याद कैसे करें? किस तरह प्रश्न पत्र को हल करें, ताकि अंक ज्यादा आएं ?

इन समस्याओं का समाधान क्या है?

  • विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए उपयोगी सामग्री को ही पढ़ना चाहिए, जो पेपर से संबंधित हो, ज्ञानोपयोगी नहीं।
  • ध्यान रहे, आपको विशेषज्ञ नहीं बनना है। आप सामान्य जानकारी प्राप्त कर लें। इसके लिए हमेशा सिलेबस आधारित पढ़ाई पर ही फोकस करें।
  • किसी भी टॉपिक का अच्छी तरह अध्ययन करने के बाद ही उसके प्रश्नों को हल करें। वरना आप निराश हो सकते हैं।
  • इससे बचने के लिए पढ़े गए टॉपिक को रात में सोने से पहले, फिर अगले 24 घंटे में, फिर अगले दिन और परीक्षा के 5 दिन पहले तक संपूर्ण सिलेबस को इसी तरह दोहराने से आपको याद होगा। यह वैज्ञानिक तरीका है।

परीक्षा को लेकर कोई टिप्स जो देना चाहें?

-प्रश्न पत्र हल करते समय ध्यान रहे-जिन प्रश्नों के उत्तर के संबंध में आप 100 फीसदी आश्वस्त हैं, उन्हें पहली प्राथमिकता से करें।

-जिन प्रश्नों के उत्तर में 2 विकल्पों में से एक को चुनने जैसी दुविधा होती है, यानी 50:50 की संभावनाओं वाले प्रश्नों को दूसरी प्राथमिकता पर पर हल करें।

-रीट में नेगेटिव मार्किंग नहीं है, तो कुछ प्रश्न, जिसका उत्तर बिल्कुल ही याद नहीं आ रहा है। उनको छोड़ देने में समझदारी नहीं है। सभी प्रश्नों के उत्तर दें, ताकि ज्यादा से ज्यादा स्कोरिंग की संभावना बढ़ सके।

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