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REET में सवालों के साथ दिए विकल्प भी गलत:भास्कर ने एक्सपर्ट को दिखाया पेपर, सामने आईं गलतियां, निर्देशों में समय भी गलत मिला, अब बोनस अंक की मांग

जयपुरएक महीने पहलेलेखक: नीरज शर्मा
प्रतीकात्मक तस्वीर।

26 सितम्बर को हुए REET के प्रश्न पत्र में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रश्न पत्र के निर्देश में समय गलत लिखकर इसकी शुरुआत की गई है। हिन्दी और अंग्रेजी दोनों प्रश्नपत्र में कई गलतियां हैं। इसमें प्रश्नों के साथ-साथ उत्तर के लिए दिए गए विकल्प भी गलत हैं। कई सवालों को लेकर तो स्टूडेंट्स से लेकर एक्सपर्ट्स तक कन्फ्यूज हैं। ऐसे प्रश्नों को हटाकर इनकी जगह बोनस अंक देने की मांग होने लगी है। दैनिक भास्कर ने सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स के जरिए ऐसी ही गलतियों को उजागर करने का प्रयास किया है।

दोनों लेवल में कॉमन सवाल, लेकिन उत्तर अलग-अलग

हिन्दी भाषा के लेवल-1 और लेवल-2 दोनों में ही एक सवाल कॉमन पूछा गया। दोनों लेवल में बोर्ड ने प्रश्न के विकल्प में अलग-अलग उत्तर दिए गए। लेवल-2 परीक्षा में प्रश्न के आगे लिखे ऑप्शन्स में से एक ऑप्शन सही था। वहीं लेवल-1 की परीक्षा में सवाल तो यही पूछा, लेकिन उसके उत्तर के ऑप्शन अलग दिए गए। स्टूडेंट्स के साथ ही सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स में भी इसे लेकर कन्फ्यूजन है। कुछ स्टूडेंट्स लेवल-1 के इस पेपर के प्रश्न के विकल्प को गलत मानते हैं, जबकि सब्जेक्ट एक्सपर्ट एक ऑप्शन को सही मानते हैं। अब दूसरी पारी में हुए लेवल-1 एग्जाम में इस विषय में बोनस अंक देने की मांग उठ रही है।

भाववाचक संज्ञा ऑप्शन दिया गया
भाववाचक संज्ञा ऑप्शन दिया गया

हिन्दी भाषा के दोनों लेवल में एक ही सवाल, लेवल-1 में सही उत्तर गायब

सीकर के कवि दीपक बारहठ ने बतौर विशेषज्ञ कहा कि लेवल-2 में हिन्दी भाषा-1 में यह सवाल पूछा गया कि डॉ. चन्द्रा अदम्य साहस की धनी थीं। वाक्य में प्रयुक्त साहस शब्द किस व्याकरणिक कोटि का है। इसके विकल्प में अव्यय, क्रिया-विश्लेषण, भाव वाचक संज्ञा और गुणवाचक विशेषण दिए गए। लेवल-1 में यही सवाल इस तरह पूछा गया है- 'डॉ. चंद्रा अदम्य साहस की धनी थी' वाक्य में रेखांकित शब्द में विशेषण क्या है? विकल्प के रूप में परिणामवाचक, संकेतवाचक, व्यक्तिवाचक और गुणवाचक दिए गए हैं। इसमें भाववाचक का विकल्प ही गायब है। इसका सही उत्तर भाववाचक संज्ञा है। लेवल-1 में उत्तर के ऑप्शन सही नहीं हैं। यह प्रश्न कक्षा 8 की कोर्स से लिया गया है। 'साहस' शब्द में भाववाचक संज्ञा ही होती है, न कि गुणवाचक विशेषण।

भाववाचक का ऑप्शन गायब
भाववाचक का ऑप्शन गायब

विकल्पों में कर्म और करण दोनों कारण उपस्थित

लेवल-2 के प्रश्न पत्र में द्वितीय भाषा हिंदी में भी कारक के एक प्रश्न को पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया। ' मैं कलम से किताब लिखता हूं' वाक्य में कर्ता, कर्म व करण कारक हैं। विकल्पों में भी कर्म और करण दोनों हैं। इसलिए इसका भी बोनस अंक देना ही चाहिए, क्योंकि किसी शब्द को रेखांकित नहीं किया गया ।

हिन्दी के वाक्य में मनुष्य अंग का कोई विधान नहीं

लेवल-1 के प्रश्न पत्र में 'वाक्य के मनुष्य अंग कितने होते हैं ?' प्रश्न किया गया। हिन्दी में वाक्य के मनुष्य अंग का कोई विधान नहीं है, जिससे निश्चित तौर पर स्टूडेंट्स कन्फ्यूज हुए हैं। एक्सपर्ट का कहना है यह प्रश्न ही गलत है, इसलिए डिलीट होना चाहिए। स्टूडेंट्स को बोनस अंक दिए जाने चाहिए।

अंक विभाजन असंगत, शिक्षा शास्त्र की तीनों इकाइयों की प्रश्नों की संख्या कम रहीं

हिन्दी के पाठ्यक्रम में उपचारात्मक शिक्षण को उल्लेखित किया गया था। प्रश्न पत्र में विशेष रूप से फर्स्ट लेवल में निदानात्मक शिक्षण के प्रश्नों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा थी। इससे स्पष्ट होता है कि अंक विभाजन असंगत था। साथ ही, शिक्षा शास्त्र की तीनों इकाइयों के प्रश्नों की संख्या अपेक्षाकृत कम थीं।

बुलेटिन बोर्ड- दृश्य और सॉफ्टवेयर यानी कोमल सामग्री दोनों में शामिल

लेवल-2 में बुलेटिन बोर्ड से संबंधित प्रश्न किया गया। दो उत्तर विकल्प में थे। बुलेटिन बोर्ड दृश्य सामग्री तो है, लेकिन इसे कोमल सामग्री ( सॉफ्टवेयर ) में भी शामिल किया जाता है। इसलिए यहां भी बोनस अंक देना चाहिए।

ऐसा प्रश्न आया जिसका पैसेज से लेना-देना नहीं
ऐसा प्रश्न आया जिसका पैसेज से लेना-देना नहीं

इंग्लिश के पेपर में पैसेज से ऐसा प्रश्न आया जिसका पैसेज से लेना-देना नहीं

अंग्रेजी भाषा के एक्सपर्ट चेतन सिंह राजपुरोहित ने दैनिक भास्कर को बताया कि अंग्रेजी लेवल-2 के लैंग्वेज-2 पेपर में एक पैसेज में प्रश्न पूछा गया। जिसके डायरेक्शन में दो प्रश्न दिए गए। एक प्रश्न ही पैसेज से संबंधित रहा, जबकि दूसरे प्रश्न का पैसेज से कोई लेना-देना ही नहीं था।

गलत प्रश्न पूछने के लगने लगे आरोप।
गलत प्रश्न पूछने के लगने लगे आरोप।

फोनेटिक्स के एक प्रश्न पूछने में ही गड़बड़ी

फोनेटिक्स का एक प्रश्न पूछा गया। इसकी फ्रिकेटिव्स साउंड्स दी गई। प्रश्न यह पूछा गया था कि f, v, o, r साउंड्स हैं। इसके ऑप्शंस में सेमी-वॉवल्स, लैटेरल, फ्रिकेटिव्स, नासल्स दिए गए। इसमें एक्सपर्ट का मत है कि f, v, o तो फ्रिकेटिव्स हैं, लेकिन r साउंड नहीं है। ऐसे में सही प्रश्न पूछा जाता तो, उत्तर फ्रिकेटिव्स होता। यह प्रश्न ही गलत है।

लेवल 2 के अंग्रेजी भाषा-द्वितीय के प्रश्नों पर संशय

गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज सीकर के इंग्लिश विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर जितेन्द्र देव ढ़ाका ने दैनिक भास्कर से कहा कि लेवल-2 के अंग्रेज़ी भाषा-द्वितीय के कई प्रश्नों पर संशय है। इसे बोर्ड को जल्द ही दूर करना चाहिए। लेवल 2 में अंग्रेज़ी भाषा (द्वितीय) में फोनेटिक्स के टॉपिक में से ‘velar sound’ का प्रश्न और ‘Religious rituals’ वाले ड्रामा का पूछा गया प्रश्न बोर्ड की ओर से निर्धारित सीनियर सेकेंडरी के स्तर से ऊपर का है। फोनेटिक्स के टॉपिक से ही ‘beri’ उच्चारण वाले प्रश्न में दो विकल्प सही हैं, जो berry व bury हैं।

सिलेबस से बाहर का प्रश्न पूछा

सब्जेक्ट एक्सपर्ट ढाका ने बताया कि ‘Blank verse’ का प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस है। इसी तरह यूनिट-1 और 2 के प्रश्न सिलेबस के अनुसार, unseen passage और unseen poem से पूछे जाने चाहिए थे, लेकिन सीधे पूछ लिए गए।

एसएसटी के एक सवाल पर उठे सवाल

एसएसटी यानी सोशल स्टडीज में चार क्रांतिकारियों के नाम ऑप्शन में देकर पूछा गया है कि राजस्थान के कौन से क्रांतिकारी को तिहाड़ जेल में रखा था। इसके ऑप्शन्स में केसरी सिंह बारहठ, प्रताप सिंह बारहठ, अर्जुनलाल सेठी और गोपाल सिंह खरवा के नाम दिए हैं। ज्यादातर किताबों में गोपाल सिंह खरवा को अजमेर की टॉडगढ़ जेल में बन्द और नजरबन्द रखे जाने की जानकारी मिलती है। इसलिए यह बहुत कन्फ्यूज करने वाला प्रश्न रहा।

दैनिक भास्कर पर एक्सपर्ट व्यू

इतिहास के एक्सपर्ट जयंती लाल खण्डेलवाल के मुताबिक, राजस्थानी ग्रन्थागार, जोधपुर की ओर से प्रकाशित प्रोफेसर बीके शर्मा की पुस्तक - 'फ्रीडम मूवमेंट इन राजस्थान' जो अंग्रेजी भाषा में लिखी गई है। उसमें इस तथ्य की जानकारी मिलती है। सीकर से एक्सपर्ट राजीव बगड़िया के मुताबिक तिहाड़ जेल ही इसका सही उत्तर है। हिन्दी ग्रन्थ अकादमी, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सहित कुछ किताबों में इसका उल्लेख मिलता है। हालांकि, बहुत कम किताबों में यह जानकारी मिलती है। गोपाल सिंह खरवा को अज्ञातवास के रूप में तिहाड़ जेल में रखा गया था, इसके प्रमाण हैं।

प्रश्न पत्र के निर्देशों में भी पाई गई समय की गलती

लेवल-2 प्रश्न पत्र में कैंडिडेट्स को 13 निर्देश दिए गए। इसमें निर्देश नम्बर 9 पर लिखा था कि अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र 2.15 बजे दिया जाएगा। प्रश्न पत्र खोलने का समय दोपहर 2.30 बजे है। लेवल-2 की परीक्षा का समय सुबह 10 से दोपहर 12.30 बजे तक ही था।

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