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सिर्फ वास्तु दोष और हेल्थ ही नहीं होती है खराब नींद का कारण, कई बार हमारी छोटी-छोटी गलतियां भी नींद खराब करती हैं

अगर चाहते हैं सुकून की नींद तो 5 गलतियों से बचें, बुरे सपने भी नहीं सताएंगे

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 03:52 PM IST
5 reason for sleeping disorders and incomplete sleep

रिलिजन डेस्क. अक्सर कई लोगों को स्लीपिंग डिसआर्डर की समस्या होती है। नींद ना आना, आधी रात को नींद खुल जाना, सपने देखकर जाग जाना, ये सामान्य समस्याएं हैं। कई बार बीमारियों के कारण तो कई बार हमारी गलतियों और वास्तु दोष के कारण भी नींद ना आने की समस्या होती है। कई बार वास्तु की गलतियों के कारण भी ऐसा होता है। वास्तु और ज्योतिष में नींद को लेकर कुछ बातें साफ की गई हैं।

अगर हम अपने बेडरुम और सोने से जुड़ी कुछ बातों को सुधार लें तो इन समस्याओं से आसानी से मुक्ति पाई जा सकती है। विज्ञान के नजरिए से भी ये बातें सही हैं। नेगेटिव एनर्जी तो होती ही है, लेकिन बैक्टिरिया और दुर्गंध भी एक कारण हो सकती है। जिन भी चीजों से हमारे बेडरुम में नेगेटिव एनर्जी आती है, वो सब चीजें हमारी नींद के लिए खराब हैं। नेगेटिविटी के कारण बुरे सपने और नींद का अधूरापन भी होता है।

सोते समय ध्यान रखें ये बातें

1. अटैच बाथरुम का दरवाजा खुला ना रखें - अगर बेडरुम में अटैच बाथरुम है तो ध्यान रखें कि उसका दरवाजा सिर्फ उपयोग के लिए ही खोला जाए। यहां से नेगेटिव एनर्जी बेडरुम तक आती है। साइंटिफिक कारणभी है बाथरुम के खुले दरवाजे से गंदगी और दुर्गंध भी कमरे में आते हैं जिससे नींद खराब हो सकती है।

2. बाल बांध कर सोएं - वास्तु शास्त्र मानता है रात में बाल खुले रखकर सोने की आदत भी डरावने सपने या अधूरी नींद का कारण बन सकती है। इसलिए, बाल हमेशा बांधकर ही सोना चाहिए। इसका व्यवहारिक पक्ष भी है साइंस भी। खुले बालों के उलझने से नींद खराब हो सकती है। वहीं तेल लगाकर और अच्छे से बांधकर सोने से सिर की नसों में खिंचाव होता है, जिससे सिर की त्वचा में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जो गहरी नींद में सहायक होता है।

3. जूते-चप्पल ना हों - ध्यान रखें कि जिस पलंग या कमरे में आप सोते हैं, वहां जूते-चप्पल न हो। पलंग के नीचे या बिस्तर के आस-पास रखें जूते-चप्पल भी इसका कारण हो सकते है। जूते चप्पलों में गंदगी होती है। जहां सोते हैं वहां गंदगी होने से बीमारियों का डर ज्यादा होता है.

4. ऐसी न हो चादर - सोने के लिए कभी भी ऐसी चादर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिसकी प्रिंट बहुत ही डॉर्क या हिंसक जानवरों वाली हो। साथ ही ध्यान रखें चादर कटी-फटी न हो। हल्के रंग की चादरें हमारे दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं, दिमाग शांत रहता है और नींद अच्छी आती है। गहरे रंग की चादरों से हमारे दिमाग पर सकारात्मक असर नहीं होता, मन विचलित रहता है और नींद खराब होती है। इस कारण सोने के लिए सफेद चादरों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है।

5. बिस्तर साफ करें - सोने से पहले अपने बिस्तर को अच्छे से साफ कर लेना चाहिए। गंदे या अव्यवस्थित बिस्तर पर सोना भी रात में डर लगने की वजह बन सकता है।

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